गर्लफ्रेंड की गांड चोदने की ख़ुशी

gaand chudai ki kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शिवम् है और में इंजिनियर हूँ। ये बात तब की है, जब में इंजिनियरिंग कर रहा था। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम शेफाली था। मेरे कई बार कहने के बाद वो मुझसे चुदवाने के लिए तैयार हुई थी। फिर एक दिन में उसके घर गया, वो घर पर अकेली थी। फिर उसने दरवाज़ा खोला और में अंदर आ गया तो अंदर आते ही वो मुझसे लिपट गयी और मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने होंठ उसके गर्म होंठो पर रख दिए और उसके होंठो को चूमने लगा था। अब वो भी साथ देने लगी थी। फिर उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और अब में उसको चूसने लगा था। फिर उसने अपना मुँह खोलकर मेरी जीभ अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। अब हम दोनों एक दूसरे के मुँह को खा जाने के मूड में थे। फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके बूब्स दबाने शुरू किए और दूसरे हाथ से उसकी पीठ सहलाने लगा था। अब वो मेरे होंठो को छोड़ ही नहीं रही थी।
फिर करीब 20 मिनट के बाद मैंने अपना मुँह छुड़ाया। फिर मैंने उसकी टॉप उतारी तो में उसकी वाईट ब्रा में क़ैद गोल बूब्स को देखकर पागल हो गया और उसकी गर्दन, कंधो और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स पर किस करने लगा था। फिर उसने मेरी शर्ट उतार दी और अब वो अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गढ़ाने लगी थी। फिर में उसके पीछे गया और उसकी गोरी चिकनी पीठ को चूमने लगा था और फिर मैंने किस करते हुए ही अपने मुँह से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और उसके दोनों बूब्स अपने हाथो में पकड़ लिए और दबाना शुरू कर दिया था। अब वो आहें भरने लगी थी। अब में उसके बूब्स दबाने के साथ-साथ उसको किस भी कर रहा था।

अब में उसके सामने आकर उसके एक बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और दूसरे को दबाने लगा था। फिर उसने मेरी जीन्स के ऊपर से मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी थी। अब में उसके निप्पल को चाटने लगा था। फिर उसने मेरी जीन्स में अपना एक हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी थी। फिर उसने मेरी जीन्स और अंडरवेयर एक साथ उतार दिया और मेरा लंड देखने लगी थी। तब उसने कहा कि हाए भगवान ये कितना बड़ा और मोटा है? तो तब मैंने उसको लंड चूसने को कहा तो वो मना करने लगी, लेकिन फिर मान गयी और अपना मुँह खोलकर मेरे लंड का सुपाड़ा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी, वाह क्या मज़ा आ रहा था? फिर उसने थोड़ा सा और अंदर लिया। अब मेरा सिर्फ़ आधा लंड उसके गले तक जा रहा था, लेकिन वो मेरा लंड चूसती रही। फिर उसने मेरे पूरे लंड पर अपनी जीभ फैरनी शुरू कर दी। अब में तो पागल ही हो गया था और उसके बूब्स दबाने लगा था।

फिर मैंने उसको लेटाया और उसकी जीन्स का हुक खोल दिया और उसने अपनी गांड उठाकर मेरी मदद की। अब मैंने उसकी जीन्स उतार दी थी और उसकी जीन्स उतारते वक़्त उसको किस करता हुआ उसके पैरो तक चला गया था। फिर मैंने उसके पैरो की उँगलियों पर किस करना शुरू किया और उसकी जांघो तक आ गया और फिर उसकी पेंटी अपने दातों से दबाकर खींचकर उतार दी, क्या गोरी चूत थी? नाज़ुक सी, मुलायम सी और उस पर कोई बाल नहीं था। फिर मैंने उसकी चूत को अपनी उंगलियो से फैलाया और देखने लगा, वहाँ पर तो पानी की बाढ़ आ गयी थी। फिर मैंने उसकी चूत पर एक किस किया तो वो पागल हो गयी। फिर मैंने उसको उठाकर मेरे मुँह पर बैठने को कहा तो वो अपनी चूत मेरे मुँह पर रखकर बैठ गयी। फिर मैंने उसको उसकी चूत फैलाने को कहा तो तब उसने अपने हाथ से अपनी चूत फैलाई और फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी।

अब वो तो पागल होकर अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़ने लगी थी और अब में बुरी तरह से उसकी चूत को चाटने लगा था। अब वो ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़ती जा रही थी और फिर मैंने उसकी चूत अपने मुँह में भर ली। अब वो मेरे मुँह में ही झड़ने लगी थी। फिर मैंने उसका पूरा पानी अपने मुँह में ले लिया और फिर उसको खींचकर उसके होंठो को चूमने लगा था। फिर उसके बाद उसको लेटाकर उसकी चूत चाटने लगा। अब हम 69 पोज़िशन में आ गये थे। अब वो मेरा लंड चूसती जा रही थी और में उसकी चूत चाट रहा था। फिर मैंने उसको लेटाकर उसकी चूत में अपना लंड डालना चाहा तो तब उसने मना कर दिया। अब वो डर रही थी कि कहीं वो प्रेग्नेंट ना हो जाए। तब मैंने बोला कि कुछ नहीं होगा, लेकिन वो नहीं मानी।

फिर मैंने बोला कि कोई बात नहीं चूत में नहीं लोगी तो गांड में ही लंड ले लो, तो वो मान गयी। फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में झुकाया और उसकी गांड देखकर उसको चूमने लगा और उसके चूतड़ों पर अपनी जीभ फैरने लगा था। अब उसको भी मेरी जीभ से मज़ा आ रहा था। फिर उसने अपने हाथों से अपने चूतड़ फैला लिए। तब मैंने भी उसकी गांड के छेद पर अपनी जीभ लगा दी और उसकी गांड चाटने लगा था। अब उसको मज़ा आ रहा था, उसकी गांड का छेद सिकुड़ रहा था। फिर थोड़ी देर तक उसकी गांड चाटने के बाद मैंने उसकी गांड पर थोड़ी थूक लगाई और अपना लंड उसके मुँह में डालकर उसको अपने लंड को गीला करने को बोला। फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा और धीरे- धीरे से अंदर डालने लगा था। अब वो दर्द से तड़पने लगी थी। तो तब में थोड़ा रुक गया और उसके बूब्स दबाते हुए उसकी पीठ चूमने लगा था। फिर में धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड में धकेलने लगा। अब उसको बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन उसने निकालने को नहीं कहा। फिर जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो तब उसने अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी। अब मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी थी और ज़ोर-जोर से उसकी गांड को चोदने लगा था। अब वो भी मस्त होकर गांड मरवा रही थी।

फिर उसने कहा कि शिवम् और ज़ोर से चोदो बड़ा मज़ा आ रहा है। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और एक ही झटके में पूरा अंदर तक पेल दिया। अब में बहुत तेज़ी से उसकी चुदाई कर रहा था और वो भी मस्ती में चुदवा रही थी। फिर उसने मुझे लंड निकालने को बोला तो तब मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया। फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरे लंड को चूसने लगी थी। फिर उसने मेरे लंड पर अपनी गांड रखी और अपनी गांड मेरे लंड पर दबाने लगी थी। फिर जब उसने मेरा पूरा लंड ले लिया तो तब उसने मेरे सीने पर अपने हाथ रखे और अपनी गांड ऊपर नीचे करने लगी थी। अब हम दोनों को बड़ा मज़ा आ रहा था। अब मुझे उसकी गांड मारते हुए 20 मिनट हो गये थे। अब में झड़ने वाला था। फिर मैंने उसको फिर से झुकाया और तेज़ी से उसकी गांड को चोदने लगा था। फिर मैंने अपना पानी उसकी गांड में ही डाल दिया। अब हम दोनों लेट गये थे।
फिर थोड़ी देर के बाद में उसको फिर से किस करने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझे नीचे धकेला और अपनी चूत की तरफ इशारा किया तो तब मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो तब उसने कहा कि मेरी चूत फिर से चाटो ना, प्लीज। तब मैंने बिना कुछ कहे उसकी चूत पर अपना मुँह लगा दिया। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से मेरे मुँह पर बैठ गयी और मेरे मुँह पर अपनी चूत रगड़ने लगी थी। अब मेरा लंड फिर से तन चुका था। फिर वो उठकर मेरे लंड पर अपनी चूत रखकर बैठने लगी। तब मैंने पूछा कि ये क्या? तो तब वो बोली कि जब गांड चुदवाने में इतना मज़ा आया, तो क्यों ना अब चूत भी चुदवा ही लूँ? अब में तो बहुत खुश हो गया था। फिर वो मेरे लंड पर बैठकर मेरा लंड लेने लगी और मेरे होंठो को चूमने लगी थी। फिर थोड़ी देर तक ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसको लेटाकर उसकी चूत चोदनी शुरू की। अब वो मेरे हर धक्के पर अपनी गांड उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी थी।

अब में उसको बुरी तरह से चोद रहा था। अब उसके नाख़ून मेरी पीठ में चुभ रहे थे और मेरी पीठ से खून निकलने लगा था, लेकिन में उसको चोदता रहा और वो चुदवाती रही। फिर 30 मिनट तक उसकी चूत मारने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके बूब्स पर अपना पानी गिरा दिया था। तो तब मैंने उससे पूछा कि तुम कितनी बार झड़ी? तो तब उसने कहा कि 4 बार, सच में शिवम् बहुत मज़ा आया, अब तुम्हारे सिवा किसी और से चुदवाने में कभी मज़ा नहीं आएगा, मेरी गांड से भी खून निकला और मेरी चूत से भी, लेकिन तुमसे चुदवाने के लिए में अपना सारा खून बहा सकती हूँ और हाँ अगर चुदाई का असली मज़ा लेना हो तो हमेशा सब कुछ आराम से और मज़े लेकर करना, चुदाई का असली मज़ा आएगा। अब हम दोनों को जब भी कोई मौका मिलता है तो हम उस मौके का भरपूर फायदा उठाते है ।।
धन्यवाद