फाड़ दो चूत

desi porn stories हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निजाम है, में चेन्नई का रहने वाला हूँ। में आज फिर से अपनी अगली कहानी लेकर आया हूँ। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। हमारे घर में एक नौकरानी काम करती थी, उसका नाम सोनिया था, उसकी उम्र करीब 20 साल होगी, उसके बूब्स बड़े-बड़े थे, जब वो चलती थी तो उसके बूब्स हिलते रहते थे। उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था और में हरदम सोचता था कि इसको कैसे चोदा जाए?

फिर आख़िर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया। फिर एक दिन में अचानक ऑफिस से जल्दी घर आ गया था। तो तब मैंने सोनिया को आवाज दी, तो कोई जवाब ना पाकर मैंने सोचा कि वो घर चली गयी होगी। अब में थका हुआ था इसलिए अपने कपड़े उतारकर में नहाने के लिए बाथरूम में घुसा। तो बाथरूम में घुसते ही मैंने देखा कि सोनिया नहा रही थी, उसके बदन पर एक धागा तक नहीं था। अब वो पूरी नंगी थी, उसकी पीठ मेरी तरफ थी इसलिए उसने मुझे नहीं देखा था। उसने शायद सोचा होगा कि इस वक़्त कौन आएगा, इसलिए उसने शायद बाथरूम का दरवाज़ा बंद नहीं किया था। अब मैंने सोच लिया था कि आज तो इसे जरूर चोदूंगा। फिर मैंने चुपके से उसके सारे कपड़े उठाए और बाहर आ गया और ड्रॉईग रूम में बैठ गया था।

फिर थोड़ी देर के बाद उसका चेहरा बाथरूम के दरवाज़े से झांकता हुआ दिखाई दिया और फिर वो बोली कि साहब मेरे कपड़े दे दीजिए। तब मैंने कहा कि खुद आकर ले लो। फिर वो अपने बूब्स को अपने दोनों हाथों से ढककर बाहर आई। अब मेरे सामने एक लड़की बगैर कपड़ो के खड़ी थी। अब यह देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था। फिर मैंने कहा कि तुम बहुत सुंदर हो सोनिया। तब वो शर्मा गयी। तब मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी और फिर में खड़ा हो गया। अब मेरे खड़े होते ही मेरा लंड और तन गया था और अब मेरा लंड देखकर उसकी आखें फैल गयी थी। फिर में उसके पास गया और उसके होंठो को चूमने लगा था। तो तब पहले तो उसने विरोध किया, लेकिन फिर वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। फिर मैंने उसके होंठो को चूसा और नीचे आकर उसके बूब्स को चूसने लगा था। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बेडरूम में ले गया और फिर बेड पर लेटाकर मैंने उसके दोनों पैरो को फैलाया, उसकी चूत मक्खन की तरह चिकनी थी। फिर मैंने उसकी कुंवारी चूत में अपनी दो उंगलियाँ घुसा दी और अंदर बाहर करने लगा था। अब वो गर्म हो रही थी। अब वो बेताबी में अपने दोनों हाथों से अपनी चूचीयों को मसलने लगी थी।

अब उसके मुँह से आह, ओह और करो, फाड़ दो मेरी चूत जैसे शब्द सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया था। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। अब वो उसे लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी। फिर मैंने उससे कहा कि सोनिया अब में तुम्हारी कुंवारी चूत को फाड़ दूंगा। अब वो तो पहले से ही तैयार थी तो तब उसने कहा कि हाँ साहब, अब इस चूत को फाड़ दो, अब और रहा नहीं जाता है। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक धक्का दिया। तो तब मेरा लंड थोड़ा अंदर चला गया। तभी वो चीख उठी आह धीरे करो, दर्द होता है, लेकिन मैंने उसकी बात अनसुनी करके अपना काम जारी रखा था। अब मेरा लंड पूरा घुसते ही उसकी चूत फट गई और अब वो छिपकली की तरह मेरे सीने से चिपक गयी थी। फिर में अपना लंड तेज़ी से उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा, मैंने उसे कस-कसकर चोदा था। अब वो भी अपनी गांड उछाल-उछालकर मेरा पूरा साथ दे रही थी।

फिर बहुत देर तक उसको चोदने के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके सीने पर अपना सिर रखकर लेट गया था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी चूचीयों के बीच में अपना लंड रखा और उसकी चूचीयों को चोदने लगा था। अब थोड़ी देर में ही मेरा लंड फिर से तैयार था। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बैठाया और उससे कहा कि सोनिया अब में तुम्हारी गांड मारूँगा। तब वो डर गयी और बोली कि नहीं साहब मेरी गांड मत फाड़ो, बहुत दर्द होगा, आपका लंड बहुत मोटा है। तब मैंने उसे समझाया कि पहले थोड़ा दर्द होगा, लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा, तो तब वो तैयार हो गयी।

फिर मैंने उसकी गांड के अंदर बाहर वैसलिन लगाई और अपना लंड घुसाने लगा था। तब मेरा लंड थोड़ा अंदर चला गया, तो तब वो दर्द से छटपटाने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैंने उसके बाल पकड़े और धक्के लगाते रहा। अब वो रोने लगी थी साहब मुझे छोड़ दो, लेकिन मुझे उस पर जरा भी दया नहीं आई और फिर मेरा लंड उसकी गांड को रौंदता रहा। अब थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा था और अब वो आराम से चुदवाने लगी थी। फिर काफ़ी देर तक चोदने के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों सोनिया मज़ा आया? तो तब वो बोली कि हाँ साहब बहुत मज़ा आया, आप बहुत अच्छा चोदते है, अब में रोज आपसे ही चुदवाऊँगी। फिर तो हम रोज ही चुदाई का मज़ा लेने लगे। फिर यह सब तब तक चला जब तक उसकी शादी नहीं हो गयी ।।

धन्यवाद …

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