एक और सच्ची कहानी

hindi sex kahani, antarvasna हैल्लो दोस्तों, में विक्रम आज फिर से आपके लिए अपनी एक और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। मुझे उम्मीद है आप मेरी ये कहानी पढ़कर मुझे पहले की तरह अपना प्यार देंगे। ये कहानी एकदम सच्ची है, तो चलिए अब में बिना टाईम खराब किए अपनी कहानी शुरू करता हूँ। दोस्तों ये बात आज से करीब 1 साल पहले की है, जब मेरे घर के पास एक नया जोड़ा शादी करके यहाँ रहने आया था। उनसे पहले दिन ही हमारे घरवालों की बोलचाल शुरू हो गई थी और मेरी भी। में उन्हें भैया भाभी कहता था, भैया का नाम निखिल था, उनकी जॉब यही पर लगी हुई थी इसलिए वो यहाँ पर रहने आए थे। भैया एक कंपनी में एक मार्केटिंग मैनेजर थे इसलिए वो हर दूसरे दिन घर से 4-5 दिनों के लिए निकल जाते थे। उनकी वाईफ यानी मेरी भाभी का नाम अंकु था, जो बहुत ही खूबसुरत और अच्छी थी। उसको पहले दिन ही देखकर मेरा दिल उस पर आ गया था। अब में यही सोच रहा था कि काश ये खूबसूरत परी एक रात के लिए मेरे साथ बिस्तर पर आ जाए तो सच में मज़ा ही आ जाएगा। भाभी का फिगर साईज 34-30-36 था, इतना मस्त फिगर जिस किसी का भी हो उसे तो लड़के खाने को टूट पड़ते है, ऐसा ही कुछ हाल मेरा था। अब में भाभी का दीवाना सा हो गया था, इसलिए में उनके नाम की हर रोज मुठ मारता था।

फिर भैया ने एक दिन मुझसे कहा कि मेरे पास इतना टाईम नहीं होता है तो में अपनी भाभी को इंटरनेट पर चैट करना सिखा दूँ। तो मैंने झट से उन्हें हाँ कह दी, क्योंकि में अपनी जॉब पर सुबह 6 बजे जाता था और 2 बजे घर आ जाता था इसलिए मैंने भैया को हाँ कह दिया था। फिर अगले दिन में भैया के घर गया। तब भाभी ने दरवाजा ओपन किया, भाभी ने उस दिन ब्लू कलर की नाइटी पहनी हुई थी। अब उसे देखकर में पागल सा हो गया था। अब मेरा लंड भाभी के मस्त जिस्म को देखकर फनफनाने लग गया था, मैंने इतना मस्त जिस्म आज तक नहीं देखा था। फिर उसने मुझे अंदर लिया और सीधा मुझे अपने बेडरूम में ले गई थी, क्योंकि उसका पीसी उसके बेडरूम में ही था। फिर वो पीसी पर बैठ गई और पीसी ऑन करने लग गई। अब में भी उसके पास बैठ गया था, लेकिन मेरी नजर उसके मोटे-मोटे बूब्स पर थी, जिसे में काफ़ी देर से देख जा रहा था। फिर जब उसने मुझसे कहा कि क्या देख रहे हो? तो तब में एकदम से डर सा गया और कहा कि कुछ नहीं। फिर उन्होंने अपने पीसी को ऑन कर लिया। फिर में उसे पीसी पर सब कुछ बताने लग गया। अब बीच-बीच में मेरा हाथ उसके बूब्स पर लग रहा था। फिर मैंने देखा कि वो कुछ नहीं कह रही थी, तो तब मैंने जानबूझकर थोड़ा सा ज़ोर से उसके बूब्स को टच किया।

फिर तब वो मुझे थोड़ा सा गुस्से में देखने लग गई, लेकिन मुझे ना जाने क्यों उसके गुस्से में भी हाँ लग रही थी? फिर उसने थोड़ी देर के बाद पूछा कि तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? तो तब मैंने उससे ना कह दिया। फिर कुछ के देर बाद मैंने उसके बूब्स को छुआ और फिर से उसे पीसी में कुछ बताने लग गया। फिर थोड़ी देर के बाद में अपने घर आ गया और पूरी रात उसके बारे में सोचता रहा और फिर रात को मैंने उसके नाम की मूठ मारी। फिर अगले दिन में ऑफिस गया और फिर ऑफिस से आते ही में फिर से भाभी के घर चला गया। फिर जब भाभी ने दरवाजा खोला, तो तब में भाभी को देखता ही रह गया था। आज भाभी ने पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी, जिसमें से उसकी ब्रा और पेंटी साफ-साफ नजर आ रही थी। तब मैंने नोटीस किया कि उनकी नाइटी कल से भी छोटी थी। फिर में अंदर आ गया और अब भाभी खुद ही अपने बेडरूम में चली गई थी। अब में उनके पीछे आ रहा था और उनके मटकते दोनों चूतड़ को देख रहा था।

अब उनके चूतड़ देखकर मेरा मूड खराब हो गया था। फिर वो पीसी पर बैठ गई और अब में उनके पास बैठ गया था। अब मेरा लंड अभी तक खड़ा था, तो तब मुझसे और कंट्रोल नहीं हुआ इसलिए मैंने भाभी का एक बूब्स पकड़ लिया। तब उसने मेरी तरफ देखा, लेकिन कुछ नहीं कहा। तब में समझ गया कि आज तो भाभी चुदने के लिए तैयार है। तब इतने में उसके पति का फोन आया और उसने कहा कि तुम ऑनलाइन आ जाओ और वीडियो कॉल करनी है। तब मैंने भाभी को सब कुछ बता दिया कि कैसे-कैसे करना है? और फिर में बाहर आ गया और बाहर सोफे पर बैठकर टी.वी देखने लग गया था। फिर तभी मेरे दिमाग में एक ख्याल आया कि भैया इस टाईम वीडियो कॉल क्यों कर रहे है? तो तब में झट से भाभी के रूम की तरफ गया और चुपके से अंदर देखने लग गया। तब मैंने देखा कि अंदर भाभी पूरी नंगी होकर बैठी थी और अपने पति को वीडियो कॉल से अपने बूब्स और अपनी चूत दिखा रही थी।

फिर में जल्दी से रूम के दूसरी साईड गया, जहाँ से मुझे भाभी की चूत साफ-साफ दिख रही थी, क्या कमाल की चूत थी भाभी की? उनकी पूरी चूत चिकनी थी और उनकी चूत गुलाबी थी, लेकिन साईड से पूरी गोरी-गोरी थी। अब उनकी चूत देखते ही मेरा लंड उसमें जाने के लिए तड़पने लग गया था। फिर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और फिर से सोफे पर बैठ गया। फिर उन दोनों की कॉल करीब 1 घंटे तक चली। फिर भाभी ने मुझे अंदर से आवाज दी और फिर में अंदर चला गया। अब तक भाभी ने अपने सारे कपड़े फिर से पहन लिए थे। फिर में जैसे ही अंदर आया तो तब भाभी बोली कि तुम छुपकर क्या देख रहे थे? मेरे पास आज बहुत अच्छा मौका था इसलिए में ये मौका किसी भी हालत में गंवाना नहीं चाहता था। फिर तब मैंने झट से कह दिया कि आप जो दिखा रही थी वही में देख रहा था। अब मेरी इस बात का उसके पास कोई भी जवाब नहीं था, तो तब वो चुपचाप पीसी में अपना काम करने लग गई।

अब मेरी बारी थी तो तब मैंने अपना एक हाथ उसकी चूत पर रखा, तभी उसकी आँखें बंद हो गई। फिर मैंने ऊपर से ही उसकी चूत को मसलना शुरू कर दिया। अब भाभी के मुँह से आह, आह की आवाज निकलनी शुरू हो गई थी। अब में उसके कपड़ो के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लग गया था। अब मेरा काम बन गया था, इसलिए मैंने उसे खड़ा किया और सीधा बेड पर ले गया था। फिर मैंने उसको बेड पर सीधा लेटा दिया। अब में उसके ऊपर आ गया था और उसे किस करने लग गया था। अब में उसके दोनो होंठो को अच्छे से चूस रहा था। फिर कुछ ही देर के बाद भाभी भी मेरा पूरा साथ देने लग गई। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब मैंने भाभी को पूरा नंगा कर दिया था। अब उसके 34 साईज के बूब्स मेरे दोनों हाथों में भी नहीं आ रहे थे। अब में उसके इतने मोटे-मोटे सॉफ्ट बूब्स देखकर पागल हो गया था और अब में एक पागल की तरह उसके बूब्स पर टूट पड़ा था।

अब मैंने उसके दोनों बूब्स को चूस-चूसकर लाल कर दिया था और अब मैंने उसके सॉफ्ट-सॉफ्ट बूब्स पर अपने दातों के निशान छोड़ दिए थे। फिर में अपनी जीभ से उसके जिस्म को चाटते हुए सीधा उसकी चूत के पास चला गया। फिर मैंने उसकी दोनों टाँगे खोल दी और उसकी चूत को बहुत प्यार से देखने लग गया था। अब उसकी चूत पहले से ही अपना पानी छोड़ रही थी। अब उसकी चूत से निकले हुए पानी ने मुझे मदहोश करना शुरू कर दिया था। फिर में खुद ही उसकी चूत के पास गया और उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लग गया था। अब में उसकी पूरी चूत को अपनी जीभ से ज़ोर-ज़ोर से चाट रहा था और काफ़ी अच्छे से उसकी चूत की मालिश अपनी जीभ से कर रहा था। तभी अचानक से उसने मेरा सिर अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपनी चूत से लगा लिया और फिर अगले ही पल मेरे मुँह पर उसकी चूत के पानी की पिचकारी निकलने लग गई थी।

अब में उसकी चूत का पूरा पानी पी गया था और फिर उसकी चूत को अच्छे से चाट-चाटकर साफ भी कर दिया। फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसे बैठा दिया और खुद बेड पर खड़ा होकर अपना लंड उसके मुँह के सामने कर दिया था। फिर जब उसने मेरा लंड देखा तो तब वो कुछ देर के लिए खो सी गई और सिर्फ़ मेरे लंड को ही देखने में लगी रही। फिर भाभी काफ़ी देर तक मेरे लंड को अपने एक हाथ में लेकर देखती रही और फिर बोली कि विक्की मुझे सच बताओ, क्या ये लंड तुम्हारा अपना है? मैंने आज तक ऐसा लंड कभी नहीं देखा है, क्या कमाल का लंड ये? इतना बड़ा और मोटा, शायद तुम्हें नहीं पता तुम्हारे भैया का लंड तो तुम्हारे लंड के सामने कुछ भी नहीं है, ये इतना बड़ा और मोटा है और वो एक मूंगफली जैसा है, सच में आज तो ये मेरी चूत फाड़ देगा। तब मैंने कहा कि चिंता ना करो भाभी, आज ये आपकी बरसों की प्यास बुझा देगा और आपकी चूत ही नहीं गांड भी फाड़ देगा, लेकिन पहले आप इसे अच्छे से प्यार तो करो। फिर ये सुनते ही भाभी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लग गई थी।

फिर भाभी ने मेरा लंड काफ़ी अच्छे से चूसा और फिर मेरे लंड को पूरा अपनी थूक से गीला कर दिया। तो तब मुझसे और कंट्रोल नहीं हुआ और फिर मैंने झट से उसका सिर पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से उसका मुँह चोदने लग गया था और फिर कुछ ही देर के बाद मैंने अपने लंड का सारा पानी उसके मुँह में ही निकाल दिया। अब भाभी ने मेरे लंड का सारा पानी पी लिया था और फिर वो मेरे लंड को जब तक चूसती रही, जब तक वो फिर से खड़ा नहीं हो गया। फिर जब मेरा लंड पहले की तरह खड़ा हो गया, तो तब मैंने सीधा भाभी को बेड पर लेटा दिया और उसकी दोनों टाँगे खोलकर उसकी चूत पर अपना लंड सेट करके उसकी चूत में अपना आधा लंड उतार दिया। तब भाभी बहुत ज़ोर से चिल्लाई हाए माँ में मर गई, तूने तो आज मेरी चूत फाड़ ही दी। अब इससे पहले वो और कुछ कहती, मैंने मेरा लंड थोड़ा सा बाहर निकालकर एक और जोरदार धक्का मारा, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया था। तो तभी वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लग गई, लेकिन उसका दर्द ज़्यादा देर का नहीं था और फिर कुछ देर के बाद वो भी मज़े लेने लग गई थी।

अब तक मेरे लंड ने उसकी टाईट चूत में अपनी जगह बना ली थी। फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद पहले उसकी चूत ने एक बार और अपना पानी निकाला और फिर मैंने अपने लंड का सारा पानी उसकी चूत में ही निकाल दिया। फिर में बाथरूम में फ्रेश होने चला गया और जब वापस आया, तो तब मुझे भाभी के मस्त चूतड़ दिखे। फिर मैंने आते ही उसको घोड़ी बना दिया और उससे कहा कि अब अपनी गांड मरवाने के लिए तैयार हो जा। तब वो मेरे आगे रोने लग गई कि में उसकी गांड ना मारूं, लेकिन अब में कहाँ मानने वाला था? फिर मैंने उसकी एक नहीं सुनी। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया और उसकी गांड पर बहुत सारा थूक लगाकर अपना लंड उसकी गांड पर सेट करके अपनी पूरी ताकत से एक जोरदार धक्का मारा और अपना लंड पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में उतार दिया था।

आप सोच भी नहीं सकते कि उस टाईम भाभी की क्या हालत हुई थी? अब वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लग गई थी और अपने आपको मुझसे छुड़वाने लग गई थी, लेकिन उसका मेरी पकड़ से बाहर जाना आसान नहीं था। अब वो ज़ोर-ज़ोर से अपने हाथ पैर बेड पर मार रही थी, लेकिन मैंने उस पर कोई रहम नहीं किया और अपनी पूरी ताकत से उसकी गांड को चोदने में लगा रहा। अब मेरे लंड का पानी निकलने वाला था और फिर मैंने उसकी गांड में ही अपना पानी भर दिया और फिर अपने मोबाईल से उसकी नंगी काफ़ी सारी फोटो ले ली। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और अपने घर आ गया। फिर उस दिन के बाद से मैंने भाभी को अपनी रंडी बना लिया और जिस दिन भी वो मुझे चूत या गांड मारने से मना करती थी। तो उसी टाईम में उसे उसकी नंगी फोटो दिखा देता था और वो मजबूरन मुझसे चुदने लग जाती थी और फिर हम दोनों बहुत इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …

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