दुश्मन की बीवी की कुंवारी चूत का भोसड़ा बनाया

xxx story हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है और में मुंबई का रहने वाला हूँ। में भी आप लोगों की तरह सेक्सी कहानियों को पढ़ने का बहुत शौकीन हूँ और में ऐसा बहुत पुराने समय से करता आ रहा हूँ। ऐसा करने से मेरा मन खुश हो जाता है और मुझे बड़ा मस्त मज़ा आता है। मेरी उम्र 23 है और आज में पहली बार अपनी कहानी को नहीं लिख रहा हूँ। दोस्तों यह कहानी तब की है जब में 21 साल का था, उन दिनों मेरे घर के पास वाले घर में मेरे एक पड़ोसी रहते थे। उस परिवार में राजेश उसकी पत्नी जिसका नाम पायल उसकी माँ, दीदी और उसकी बूड़ी बुआ रहती थी। वो पूरा परिवार ही बहुत लड़ने झगड़ने वाले स्वभाव वाला था। मोहल्ले में सभी लोगों के साथ वो पहले ही कई बार झगड़ा कर चुके थे और हमारे साथ भी वो बहुत बार झगड़ चुके थे, इसलिए मैंने उस परिवार को मन ही मन अपना दुश्मन मान लिया और मैंने मन में सोच लिया था कि एक दिन में इसका उनसे जरुर बदला लूँगा। बचपन से हमारे बीच झगड़े होते रहते थे।
दोस्तों साल उस साल राजू की शादी हुई और वो शादी करके अपने घर ही पहुंचा होगा कि अचानक से उसकी दीदी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई और उस वजह से उसको तुरंत ही हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। उसके साथ राजू भी चला गया, लेकिन यह बात किसी ने भी राजू कि नई नई पत्नी पायल को नहीं बताई थी और इस हादसे के कुछ देर बाद आसपास के सभी लोग कुछ देर बाद अपने अपने घर चले गये और सिर्फ़ बाहर कुछ लोग ही रह गये थे, पायल को यह बात नहीं बताना इस बात को राजू और राजू की माँ ने सभी को बोल रखा था, इसलिए पायल को नहीं पता था कि उसका पति अभी घर पर नहीं है और वो रात तक वापस नहीं आने वाला और बाकी रहे लोगों ने खाना पीना पूरा करके नई दुल्हन को राजू के बेडरूम में दूसरी मंजिल पर छोड़ दिया और उससे कहा गया कि राजू अभी किसी काम से बाहर गया है वो देर रात तक वापस आ जाएगा। उस समय रात 11 बज चुके थे और यह सब में बाहर बहुत अंधेरा होने की वजह से बहुत अच्छी तरह से देख रहा था। फिर आधे घंटे के बाद मैंने, मेरा घर तीन मंजिल का है और उसका दो मंजिल का है इसलिए में अपनी तीसरी मंजिल से उसकी दूसरी मंजिल की छत पर बड़ी आसानी से जा सकता था, इसलिए मैंने उसकी छत से नीचे उतरने के लिए एक सीड़ी है जिससे में नीचे उतरकर उसके कमरे के आगे जो छज्जा है वहां पर पहुंच गया। अब मैंने उसके कमरे में देखा एक छोटा सा बल्ब जला हुआ था और उस समय पायल दूसरी तरफ अपना मुहं करके लेटी हुई थी उस कमरे का दरवाजा सिर्फ़ धीरे से बंद था वो अंदर से ठीक तरह बंद नहीं था, इसलिए में बड़ी आसानी से कमरे के अंदर पहुंच गया और जाकर मैंने सबसे पहले उस बल्ब को भी बंद कर दिया और फिर में पायल के पीछे जाकर चुपचाप लेट गया उसके बाद पीछे से ही मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया। अब वो अपने धीरे स्वर में मुझसे पूछने लगी क्या आप आ गए? मैंने सिर्फ़ हाँ का उसको जवाब और फिर में उसको सीधा लेटाकर उसके ऊपर लेट गया और उसके बाद में उसके नरम होंठो को किस करने लगा था जिसकी वजह से वो अब मदहोश होने लगी थी। अब मैंने महसूस किया कि यह चीज़ बड़ी नमकीन है, लेकिन कुछ भी मुझे दिख नहीं रहा था इसलिए में उस अंधेरे का पूरा पूरा फायदा उठा रहा था। अब मैंने हिम्मत करके मन ही मन बहुत खुश होते हुए धीरे से उसकी शादी का वो जोड़ा उतार दिया, उसके बाद में उसकी नाभि में अपनी जीभ को घुमाकर उसको चाटने लगा। अब उसके मुहं से आआहह उफ्फ्फ की आवाजे आ रही थी और उस समय मैंने धीरे से उसके ऊपर के कपड़े भी हटा दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने अब ब्रा और पेंटी में थी। में ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लगा था, जिसकी वजह से वो अब धीरे धीरे और भी ज्यादा मदहोश होती जा रही थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया और उसके बाद में खुद भी पूरा नंगा हो गया, में उसके होंठो पर दोबारा किस करने लगा। उसके बूब्स वाह क्या मस्त बड़े आकार के कड़क भी बहुत थे, मुझे उनको दबाने सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था। में तो एकदम पागल होता जा रहा था और मैंने उसके पूरे बदन को किस किया और फिर में अपनी जीभ से उसको चाटने लगा।

फिर वो मुझसे बोली कि जान मुझे ऐसे गुदगुदी होती है प्लीज तुम ज़रा धीरे से करो ना, कुछ देर उसका पूरा बदन चाटने के बाद मैंने उसकी बिना बालों वाली चिकनी चूत पर अपना हाथ घुमाया और उसको छूकर मैंने महसूस किया कि वाह क्या मस्त बिना बालों वाली और आकार में थोड़ी छोटी चूत लगी। फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि में उस बल्ब को जलाकर एक बार इस चूत को देख लूँ, लेकिन ऐसा करने में बड़ा ख़तरा था इसलिए मैंने अपने विचार को बदलकर तुरंत ही अपनी जीभ को उसकी चूत पर रख दिया और में उसको चाटने लगा वो आहहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ आईईईईइ जान मुझे बहुत मज़ा आ रहा है इस काम को करने में आआहह इतना मज़ा आता है मैंने कभी सोचा भी नहीं था ओह्ह्ह वो पूरी तरह से मदहोश हो गई, फिर भी में उसकी चूत को चाटता ही जा रहा था और बीच बीच में काटता भी जा रहा था। फिर वो ऊहहह्ह्ह ऊफफ्फ्फ्फ़ किए जा रही थी और उसी समय वो झड़ गई और उसकी चूत ने अपना सर छोड़ दिया था जो मेरे मुहं पर था। मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ किया। फिर कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को उसके हाथ में देकर उसको अब लंड को अपने मुहं में लेने का इशारा किया, लेकिन वो ऐसा करने से मना कर रही थी और फिर भी वो मेरे बहुत बार कहने पर अब मेरे लंड का टोपा अपने मुहं में लेकर उसको चाटने लगी थी। फिर कुछ देर बाद में अपने लंड को धक्का देकर उसके मुहं और भी अंदर डालने लगा था, लेकिन तो वो उसी समय पीछे हट गई और अब वो मुझसे बोली कि यह कितना बड़ा और मोटा है, यह मेरे मुहं में पूरा अंदर नहीं जाएगा। दोस्तों मेरा लंड पांच इंच लंबा और तीन इंच मोटा है इसलिए वो मेरे लंड का वो आकार और असली रूप देखकर डरने लगी थी। अब में उसके मुहं के पास से हट गया और अब में उसकी चूत पर आ गया, वो तुरंत मेरा विचार समझकर मुझसे कहने लगी कि जानू प्लीज थोड़ा सा धीरे करना यह बहुत बड़ा है। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और फिर मैंने उसकी गांड की नीचे एक तकिया रख दिया और उसके बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर सेट किया और फिर धीरे से उसको अंदर धक्का दिया, लेकिन मेरा लंड उसकी चूत के अंदर ही नहीं गया और वो एक तरफ फिसल गया। फिर मैंने दोबारा से लंड को सेट किया और उसके होंठो पर अपने होंठो को रखकर में चूमने लगा और उस समय मैंने एक जोरदार धक्का लगाया, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा चूत के अंदर जा चुका था और दर्द की वजह से वो छटपटाई और ज़ोर से वो कुछ बोल भी देती, लेकिन वो नहीं बोल सकी। अब में उसके होंठो को चूमने लगा और बूब्स को भी दबाने लगा था। फिर कुछ देर बाद वो थोड़ी सी शांत हुई कि उसी समय मैंने अपनी तरफ से उसको एक और झटका मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड थोड़ा सा अंदर हो गया। वो दर्द की वजह से रोने लगी और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी थी, लेकिन वो मेरी उस मजबूत पकड़ से नहीं छूट पाई। वो तब भी रो रही थी और में उसके बूब्स को दबा रहा था और होंठो को चूम रहा था। उस समय उसकी चूत से खून भी निकल रहा था और कुछ देर बाद वो धीरे धीरे से शांत होने लगी थी।

फिर मैंने सही मौका देखकर उसको अपनी तरफ से एक ऐसा करारा झटका मारा कि मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अपना रास्ता बनाता हुआ अंदर चला गया। इस बार वो बहुत कम छटपटाई, लेकिन मुझे भी कुछ अहसास नहीं हुआ और मैंने अब उसको अपनी तरफ से धीरे धीरे धक्के लगाने चालू रखे। धीरे धीरे वो भी अब अपनी चुदाई के मज़े करने लगी और इस बात का अंदाजा मुझे इस बात से लगा कि कुछ देर बाद वो भी अब मेरा साथ देते हुए अपनी गांड को ऊपर उठाकर मेरा साथ देने लगी थी और वो मुझसे कह रही थी ऊओह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ हाँ जान और ज़ोर से जल्दी करो ना अब मुझे ऊह्ह्ह्हह ज्यादा मज़ा आ रहा है आईईईईईइ कितना बड़ा आज मेरे अंदर चला गया, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। फिर करीब दस मिनट के बाद वो बोली कि में अब झड़ रही हूँ और इतना कहते हुए वो दोबारा से झड़ गई, लेकिन मैंने तब भी अपने धक्के वैसे ही लगाने चालू रखे। फिर करीब 15 मिनट के बाद वो एक बार फिर से झड़ गई, लेकिन में अब भी नहीं झड़ा था और उसके बाद मैंने पूरे एक घंटे तक उसकी जमकर चुदाई की तब जाकर में झड़ा और इस बार वो चार बार झड़ चुकी थी। में एक करारा झटका मारकर शांत हो गया और उसके बाद में उसके ऊपर निढाल हो गया, थोड़ी देर तक वैसे ही आराम करने के बाद हम दोनों उठकर बाथरूम में चले गये और वहां पर भी हमने बिना बल्ब के अँधेरे में ही सफाई का काम खत्म किया। तब मैंने देखा कि वो ठीक तरह से चल भी नहीं पा रही थी, उसकी चूत इतने तेज धक्के खाकर सूज गई थी। फिर बिस्तर पर उसको अपने पास लेटाकर मैंने कुछ देर में दोबारा से गरम किया और कुछ देर बाद मैंने उसकी दोबारा चुदाई शुरू कर दी। इस बार भी उसको दर्द हुआ और वो मुझसे बोली कि मुझे बहुत तेज दर्द होता है, लेकिन में उसको कोई भी जवाब नहीं दे रहा था। में तो अपने काम में लगा हुआ था। फिर इस बार मैंने उसको एकदम सीधा लेटाकर उसके दोनों पैरों को पकड़कर चूत को पूरा फैलाकर मैंने नीचे जमीन पर खड़े होकर अपने लंड को उसकी चूत की गहराइयों में डालकर धक्के देने शुरू किए और मेरे हर एक धक्के से उसका पूरा शरीर हिलने लगता। मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। हमारी वो चुदाई करीब तीस मिनट तक चली और उसके बाद हम दोनों एक के बाद एक झड़ गए। दोस्तों उस रात को मैंने उसको करीब पांच बार अलग अलग तरह से चोदा, तब तक सुबह के पांच बज चुके थे और दमदार ताबड़तोड़ धक्को की वजह से उसकी चूत फूल गई थी। वो ठीक तरह से चल भी नहीं पा रही थी। फिर में उसी हाल में उसको वैसा ही सोता हुआ छोड़कर वापस उसी रास्ते से उसकी छत से अपनी छत पर आकर अपने घर में आ गया। उसके बाद में थककर सो गया सुबह करीब दस बजे मेरी नींद खुली और फिर मैंने अपनी बालकनी से देखा तो वो उस समय बाहर ही खड़ी हुई थी। वो बहुत सुंदर नजर आ रही थी। अब में मन ही मन यह बात सोचकर बड़ा खुश था क्योंकि में धनी हो गया जो मुझे उसके जैसी कुंवारी चूत और नमकीन गरम माल चोदने को मिला। मैंने उसको जमकर पूरी रात चोदकर बड़े मस्त मज़े लिए जिसकी वजह से उसका चेहरा भी चमक रहा था और वो अपनी मस्त चुदाई की संतुष्टि मुझे अपने चेहरे से साफ साफ दिखा रही थी।
फिर दोपहर के समय उसका पति भी वापस अपने घर पर आ गया। फिर तब उसको पता चला कि उसका पति कल पूरी रात से अपने घर में नहीं था और वो यह बात सुनकर अब बिल्कुल हैरान सी रह गई। वो मन ही मन में सोचने लगी कि फिर कल रात को मुझे कौन चोद गया, वो कौन था जिसके साथ मैंने अपनी सुहागरात के मज़े लिए और किसने मेरी चूत की सील को तोड़कर मुझे एक कुंवारी लड़की से औरत बना दिया? वो बहुत चकित थी, लेकिन यह बात उसने अपने पति को पता नहीं चलने दी। वो अपने मन में उन सभी बातों को लेकर उनके बारे में हमेशा सोचती रही और फिर ऐसे ही पूरा एक साल बीत गया और उसके बीच भी एक दिन उसका अपने पति से उसी कमज़ोर चुदाई की बात को लेकर झगड़ा हो गया, तब पायल की भाभी उससे मिलने आई। फिर उसको वो ऊपर वाले कमरे में ले गई और उसके बाद पायल की भाभी उससे उनके उस झगड़े की वजह के बारे में पूछा तब पायल ने कहा कि यह तो अच्छा करते ही नहीं और मुझे वो हमेशा रात को अधूरा ही छोड़ देते है। में हर रात को उनसे पूरी तरह संतुष्ट होने की इच्छा लिए थक हारकर सो जाती हूँ और मुझसे पहले वो खुद ही सो जाते है। फिर उसकी भाभी ने कहा कि तुम उसको पूरा कर लेने तो दो, उसके बाद वो तुम्हे अपनी तरफ से पूरी तरह से खुश कर देगा, लेकिन वो उससे बोल पड़ी इनसे तो अच्छा वो सुहागरात वाला बंदा अच्छा था। अब उसकी भाभी उसके मुहं से वो बात सुनकर बड़ी चकित हैरान रह गई और अब वो उससे पूछने लगी कि वो कौन था? अब उसने सच सच बोल दिया कि मेरी सुहागरात को मेरे साथ ऐसा सब हुआ था। तो पायल की भाभी ने उससे कहा कि तो तुम उसको पटा लो, उसी समय पायल बोल पड़ी कि वो कौन था मुझे नहीं पता, लेकिन वो जो भी था बहुत बड़ा चुदक्कड़ था, उसने मुझे क्या मस्त मज़े और उसके कितने मोटे लंबे लंड से मेरी पहली चुदाई को पूरा किया था, जिसकी मुझे आज भी याद आती है। उसने मेरी चुदाई में अपनी तरफ से कोई भी कसर नहीं छोड़ी और मस्त तेज धक्को के साथ मेरी चूत का पहली रात में भी भोसड़ा बना दिया, उसके बाद से लेकर आज तक मुझे वैसा चुदाई का सुख दोबारा कभी भी नहीं मिला। दोस्तों में यह सभी उनकी बातें ऊपर से छुपकर सुन रहा था और बड़ा चकित था और अब में एक बार फिर से उसकी चुदाई के किसी अच्छे मौके की तलाश में रहने लगा था, लेकिन मुझे ऐसा कोई भी मौका मिला ही नहीं जिसका फायदा उठाकर में दोबारा उसकी चूत को चोदकर मज़े लेने के साथ साथ उसकी चूत को भी पूरी संतुष्टि दे सकता ।।
धन्यवाद

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