दोस्त की माँ की स्टोरी

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रेम सागर है, आज में आपको मेरे एक दोस्त की माँ की स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। मनीष एक गरीब परिवार का लड़का है, उसके पापा रिक्शा चलाते है और उसकी इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाते है। मेरे दोस्त मनीष की माँ का नाम किरण है, वो 45 साल की है, वो दिखने में बहुत ही सुंदर है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसे सेक्स की बहुत जरूरत है। यह बात मुझको कभी पता नहीं चलती, लेकिन एक दिन जब में मनीष के घर मिलने गया तो तब मेरे दोस्त मनीष की माँ के बारे में बात कर रहे थे। उनमें से एक कहता है कि यार मनीष की माँ तो बहुत ही खूबसूरत है, उसके बूब्स, उसकी गांड, क्या लगती है? मेरे पापा को भी वो बहुत अच्छी लगती है, होली वाले दिन मेरे पापा ने उस रांड के बूब्स को खूब दबाया था, यार क्या करूँ? में उसे चोदना चाहता हूँ यार, यदि वो मेरी माँ होती तो में रोज उसे चोदता। तब उनमें से एक दोस्त कहता है कि यार में तो रोज रात को किरण आंटी के बारे में सोचकर मुठ मारता हूँ, यार जब भी में मनीष के घर रात को जाता हूँ तो उसकी माँ नाइटी में बहुत ही सेक्सी दिखती है, यार मेरा तो मन करता है कि उसे वहीं पर पकड़ लूँ और उसे चोद दूँ।

फिर एक दोस्त ने कहा कि मुझको तो लगता है कि सच में उसे सेक्स की जरूरत है, क्योंकि मनीष के पापा तो घर में रहते ही नहीं है, तो वो तो घर का खर्चा चलाने के लिए रिक्शा चलाते है तभी तो वो लड़को को आकर्षित करने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है। अब मेरा मन ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा था। अब मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? क्योंकि मनीष मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, हालाँकि अब हमारे संबंध कुछ अच्छे नहीं है बट आई लाइक हिम। उसने एक बार मुझ पर हाथ उठा दिया था, लेकिन फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया तो तब मैंने उसको माफ कर दिया था।

फिर में सीधा मनीष के घर चला गया। मैंने उस दिन उसकी माँ को पहली बार एक लड़की की तरह देखा था, वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। फिर में जल्दी से बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा। अब मेरा पूरा माल बहुत ही जल्दी निकल गया था। तभी वहाँ मेरे और फ्रेंड्स भी आ गये, तो वो मनीष की माँ को देखकर बहुत ही खुश हुए। मनीष की माँ ने पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी, जिसमें से उनके बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे। अब मेरा दिमाग बहुत खराब हो रहा था। अब वो सभी मनीष की माँ को रंडी की नजर से देख रहे थे। आख़िर मनीष मेरा दोस्त है कोई उसकी माँ को रंडी बोले ये मुझसे सहन नहीं होता। अब मनीष की माँ भी बार-बार उनके सामने इतरा रही थी। फिर उनमें से एक दोस्त ने कहा कि आंटी मेरी माँ ने आपको मेरे घर पर बुलाया है। कल मेरे माँ पापा की शादी की सालगिरह है, आप और मनीष दोनों आना।

तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा जरूर आएगें। तभी मुझसे मनीष की माँ ने पूछा कि प्रेम सागर बेटा कल कौन सी साड़ी पहनूँगी? तब मैंने कहा कि कोई सी भी पहन लो। तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा मैंने एक नयी साड़ी खरीदी है, में वो पहन लूँगी। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर दूसरे दिन जब मनीष की माँ ने वो साड़ी पहनी तो में तो दंग ही रह गया कि मनीष की माँ क्या इतनी सेक्सी दिखती है? उनकी साड़ी काले रंग की थी, लो कट स्लीवलेस ब्लाउज था और वो बहुत ही सेक्सी दिख रहा था। फिर जब में, मनीष और उसकी माँ बाइक से जाने लगे तो तब मनीष की माँ के बूब्स मेरी पीठ से टकराने लगे थे। अब में तो पागल ही हो गया था कि यह क्या हो रहा है? अब मेरा लंड खड़ा होने लगा था। फिर जैसे तैसे में मनीष के यहाँ से आ गया। अब मेरा दिमाग मनीष की माँ के बारे में ही सोच रहा था। मनीष की माँ जब चल रही थी तो उसकी गांड बहुत ही मचल रही थी। उस पूरी पार्टी में सब मनीष की माँ को ही देख रहे थे।

फिर उसके बाद डांस पार्टी स्टार्ट हुई तो तब मेरे दोस्त ने मनीष की माँ से कहा कि आंटी आप हम सभी के साथ डांस करें। तब मनीष की माँ ने हाँ कर ली। तब मैंने देखा कि मेरे दोस्त मनीष की माँ की बॉडी को टच कर रहे है। अब मनीष की माँ भी मज़े ले रही थी। अब मेरा मन तो कर रहा था कि मनीष की माँ को वही सबके सामने किस कर दूँ, लेकिन में कुछ भी नहीं कर रहा था। फिर सभी दोस्त मेरे पास आए और मुझसे कहा कि यार मनीष की माँ तो बहुत अच्छा डांस करती है। तब मैंने उनसे कहा कि आज वो दिख कैसी रही है? तो तब एक के मुँह से निकला सेक्सी। तब मैंने कहा कि यार मैंने तुम्हारी उस दिन की सभी बात सुन ली है, मेरा दिमाग तो खराब हो गया है, अब में क्या करूँ? है तो वो मनीष की रंडी माँ।

फिर तब एक ने कहा कि यार तू मनीष की माँ को चान्स दे तो सही, तभी तो तुझको समझ में आएगा कि वो क्या चाहती है? मेरे पापा तो हमेशा मनीष की माँ के मज़े लेते रहते है, वो तो कुछ भी नहीं कहती है। फिर उस रात जब में घर से मनीष के घर गया तो तब पता चला कि मनीष घर पर नहीं था, वो कहीं भीख माँगने गया हुआ था। तब में जानबूझकर मेरे कपड़े मनीष की माँ के सामने उतारकर अंडरवेयर में आ गया। अब मेरा लंड खड़ा था। फिर जैसे ही मनीष की माँ ने देखा तो उसकी आँखे मेरे अंडरवेयर से हट ही नहीं रही थी। फिर मनीष की माँ भी अपने कपड़े निकालने लगी। अब में उन्हें देखने लगा था। अब हम दोनों चुप थे, फिर तभी अचानक से वो मेरे पास आई और बोली कि बेटा आज हम दोनो साथ में सोएंगे। तब मैंने वही पर मनीष की माँ को गले लगा लिया और उनके कपड़े उतारने लगा था। अब वो भी मेरी अंडरवेयर में अपना एक हाथ डालने लगी थी। फिर जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा तो में तो पागल हो गया। फिर उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया। फिर मैंने उनका पेटीकोट उतार दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी।

फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी थी। अब मैंने भी उसे पूरा नंगी कर दिया था। उसकी चूत के आसपास एक भी बाल नहीं था। फिर वो मुझसे कहने लगी कि प्रेम सागर मेरी चूत को चाट। तो तब मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया। फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी। फिर उसने उसकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर फैरी। तब मैंने कहा कि मनीष की रंडी माँ तुम बहुत ही खुबसूरत हो। अब वो मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी थी। तब मैंने कहा कि रंडी मेरा माल निकल जाएगा। तब वो बोली कि जल्दी निकाल साले में उसे पीने के लिए मर रही हूँ। फिर यह सुनते ही मेरा दिमाग खराब हो गया और फिर मैंने मनीष की माँ का मुँह पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा था और फिर थोड़ी देर के बाद मेरा पूरा माल मनीष की माँ के मुँह में गिर गया। फिर उस रात को मैंने मनीष की माँ की चूत में 5 बार मेरा लंड डाला। अब मनीष की माँ बहुत खुश थी ।।

धन्यवाद …