डॉगी स्टाइल में चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजू है, मेरी उम्र 29 साल है। में गुजरात का रहने वाला हूँ और में एक एजुकेशन सेंटर में जॉब करता हूँ। मेंबहुत बड़ा फैन हूँ और मैंने इस साईट की काफ़ी सारी स्टोरी पढ़ी है। अब में आपको ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। ये मेरी पहली रियल स्टोरी है, यह बात आज से करीब 10 साल पुरानी है, तब में 19 साल का था। में वड़ोदरा में अपने कज़िन की शादी में गया था। तब वहाँ से रात को देर से में और मेरे अंकल लौट रहे थे। अब रात बहुत होने के कारण में अपने अंकल के घर पर ही सो गया था।

अब में अपनी दादी के साथ सोया था, उनके बगल में दूसरा बेड था, जो कि मेरी दादी के बेड के साथ ही सटा हुआ था। फिर मैंने देखा कि वहाँ पर दो और लड़कियाँ भी सो रही थी, मैंने उन्हें पहचाना नहीं था कि वो कौन थी? अब में मेरी दादी की एक साईड में सो गया था, जो दूसरे बेड से सटा हुआ था। अब उस साईड उन दोनों लड़कियों को देखकर मेरे अंदर का शैतान जाग उठा था। उस रात को अंधेरा बहुत था, तो मुझे उन दोनों लड़कियों के चहेरे साफ नहीं दिख रहे थे। फिर मैंने उन दोनों लड़कियों के गालों पर किस किया और अब में जिस बेड पर सोया था, उससे जो सटे हुए बेड पर उन दोनों लड़कियों में से एक लड़की जो मेरे बिल्कुल बगल में ही थी। मैंने उस लड़की के बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया, वाउ क्या सॉफ्ट बूब्स थे उसके? तो तब उसने कोई रिएक्शन नहीं किया। तब मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और फिर में उसके बूब्स धीरे-धीरे दबाने लगा था।

अब वो गहरी नींद में थी या नाटक कर रही थी, मुझे नहीं पता, लेकिन अब मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसके बूब्स से होते हुए उसके पेट पर, फिर उसके होंठो पर अपना हाथ फैरा। अब मेरा लंड लोहे की रोड की तरह फंनफना रहा था। अब में बेकाबू हो रहा था, लेकिन में कुछ कर नहीं सकता था, क्योंकि मेरी दादी मेरे बगल में सो रही थी। तब में रातभर सिर्फ उसके बदन पर सिर्फ़ अपने हाथ से ही खेलता रहा। फिर जब मेरी सुबह आँख खुली तो तब मैंने देखा कि वो दोनों लड़कियाँ बेड पर नहीं थी। तो तब में नींद में से उठा और उन्हें ढूँढने लगा, लेकिन वो नहीं दिखी, तो तब मुझे लगा कि वो शायद सपना तो नहीं था। फिर में अपने घर चला गया। फिर जब में शाम को अपने अंकल के घर गया तो उन दोनों में से जो मेरे बगल में सो रही थी, वो मेरे अंकल के लड़के के साथ खेल रही थी। क्या फिगर था यारो उसका? उसका रंग तो सांवला था, लेकिन उसकी नजर बहुत कातिल थी, उसके बूब्स तो काफ़ी बड़े-बड़े थे, उसका फिगर साईज यही कोई 36-28-38 होगा, उसकी गांड तो मस्त गोल मटोल थी। अब मेरा दिल कर रहा था कि अभी ही उसकी गांड में अपना लंड डाल दूँ, लेकिन मैंने अपने पर कंट्रोल करते हुए उससे हाए कहा तो तब उसने मुझे सेक्सी निगाहो से स्माइल दी। तब मुझे लगा कि शायद इसे रात वाली हरकत का पता चल गया है, लेकिन मैंने भी उसे स्माइल दी। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है? तो तब उसने अपना नाम जानू बताया। फिर उसने भी मेरा नाम पूछा तो तब मैंने भी उसको अपना नाम बताया। फिर उसने मुझसे कहा कि यहाँ पर कोई घूमने लायक जगह है कि नहीं। तो तब में बोला कि है ना। तब उसने कहा कि मुझे घुमा लाओगे। तब मैंने कहा कि नेकी और पूछ-पूछ। अब हम लोग काफ़ी घुलमिल गये थे।

फिर उसने अपनी दूसरी कज़िन से पूछा, तो उसने आने से मना कर दिया। वो भी कयामत थी, लेकिन मुझे तो सांवली ही पसंद थी। फिर मेरी आंटी ने मुझसे कहा कि इसे कबीरवाद घुमाकर ले आओ। तब में उसे अपनी बाइक पर बैठाकर कबीरवाद की तरफ निकल पड़ा। कबीरवाद एक पिकनिक प्लेस है, वो आयलेंड है, वहाँ जाने के लिए नाव में बैठकर जाना पड़ता है, वहाँ पर कॉलेज कपल बहुत आते है। अब में बाइक चला रहा था, हमारे शहर में रास्तों पर बहुत खड्डे है, अब जब भी कोई खड्‍डा आता था तो तब में ब्रेक मारता था, तो तब उसके बूब्स मेरी पीठ पर टच होते थे, तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। फिर जैसे तैसे मैंने अपने पर कंट्रोल किया और अब हम लोग कबीरवाद पहुँच गये थे। अब कबीरवाद जाने के लिए हमें नाव में जाना था। तो तब वो कहने लगी कि मुझे तो नाव में डर लगता है। तो तब मैंने शरारत करते हुए कहा कि मुझे पकड़कर बैठना। तो तब वो मुस्कुराने लगी।

अब हम नाव में बैठ रहे थे। अब पहले में नाव में चढ़ गया और फिर मैंने अपना हाथ उसे दिया। तब वो मेरा हाथ पकड़कर नाव में आ गयी, उसका हाथ मैंने पहली बार पकड़ा था, क्या सॉफ्ट हाथ थे उसके? अब उसका हाथ पकड़ते ही मेरा लंड खड़ा हो गया था। उस नाव में काफ़ी लोग बैठे थे। अब वो मेरी बगल में मुझसे चिपककर बैठी थी, उसके बदन से क्या खुशबू आ रही थी? और अब उसका सॉफ्ट बदन मेरे बदन से टच कर रहा था। अब मेरा लंड तो लोहे की रोड की तरह गर्म हो रहा था। अब में जैसे तैसे अपने आप पर कंट्रोल कर रहा था। फिर जब नाविक ने नाव चलाई, तो वो डर के मारे मुझसे लिपट गयी। अब उसके बूब्स मेरे सीने से दब रहे थे। तो तब मैंने उसकी पीठ पर अपना हाथ फैरा और मुझे क्या मज़ा आया था? पूछो मत यारो। अब मैंने उसकी कमर पर से अपना हाथ रखकर उसे पकड़ रखा था, लेकिन भीड़ ज़्यादा होने के कारण मैंने और ज़्यादा नहीं किया। अब हम लोग कबीरवाद पहुँच चुके थे। फिर पहले मैंने उसको वहाँ पर घुमाया और फिर उसे उसके पीछे की साईड लेकर गया। अब वहाँ पर बहुत सारे कपल बैठे हुए थे, जो एक दूसरे को किस कर रहे थे।

फिर उसकी और मेरी नजर उन लोगों पर गयी तो तब वो शर्मा गयी। फिर मैंने उसकी तरफ देखा, तो वो उन लोगों को देख रही थी। फिर उसकी नजर मेरे ऊपर गयी तो तब वो फिर से शर्मा गयी। अब हम चलते-चलते इतने आगे बढ़ गये थे कि वहाँ पर कोई पंछी भी नजर नहीं आ रहा था। फिर तब उसने मुझसे कहा कि कल रात को तुम क्या कर रहे थे? तो तब में डर गया, तो तब वो मेरी शक्ल को देखकर ज़ोर से मुस्कुरा दी। फिर उसने मेरे गालों पर एक किस कर दिया। अब में समझ गया था कि ये चुदक्कड़ है, अब मेरा काम हो जाएगा। फिर मैंने उसे ज़ोर से पकड़कर उसके होंठो पर किस किया। अब थोड़ी देर के बाद उसने भी रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया था। उसके होंठ इतने रसीले थे कि क्या बताऊँ यारो? अब में उसके बूब्स को बारी-बारी अपने एक हाथ से दबाने लगा था और दूसरे हाथ से उसकी पीठ पर और फिर उसकी गोल मटोल गांड पर अपना हाथ फैरने लगा था।

फिर मैंने उसे वही जमीन पर उसका दुपट्टा बिछाकर उसे उस पर लेटा दिया और उसके बदन पर किस करने लगा था। फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया, उसने सफ़ेद कलर की ब्रा पहनी थी, उसके बूब्स क्या लग रहे थे? मानो अभी ही बाहर आने को बेताब हो रहे हो। अब में पागलों की तरह उसके बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा था। अब वो पागलों की तरह आवाज़े निकाल रही थी, ऑश संजू प्लीज और जोर से चूसो इन्हें, आज निचोड़ दो इनको और फिर उसने मेरा सिर अपने बूब्स पर दबा दिया। फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। अब उसके बूब्स आज़ाद हो गये थे, क्या बूब्स थे यारो उसके? अब में तो देखकर ही पागल हो गया था। फिर मैंने उसका पज़मा भी उतार दिया। अब वो सिर्फ पेंटी में थी। फिर मैंने उसके होंठो पर किस करते हुए उसके बूब्स पर, फिर उसके पूरे बदन पर, फिर उसकी जाँघो पर किस किया।

अब वो तड़प रही थी और कांपते हुए कह रही थी, मेरे राजा अब मुझे और मत तड़पाओ, मुझे हाईईई चोदो, मेरी चूत को फाड़ डालो, में कबब्ब्ब्ब्बबबब से हाईईईईईईई तड़पप्प्प्प्प रहूँ हूँ? हाईईईई, उउउ, आहह, ओह, औचह। अब मैंने उसकी पेंट भी उतार दी थी। अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। अब उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे और अब वो मेरे लंड को देखकर डर गयी थी और बोली कि अरे ये तो बहुत बड़ा है, मेरी तो आज चूत फट जाएगी। तब मैंने कहा कि अरे रानी पहले दर्द होगा, लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा। फिर मैंने उसकी मखन जैसी चूत पर उंगली फैरी। अब उसकी चूत पर मेरी उंगली पड़ते ही, वो बहुत उत्तेजित हो गयी थी और बोली कि अब और मत तड़पाओ, चोदो मुझे। अब में उसकी चूत पर अपनी जीभ को फैरने लगा था। अब वो उछल रही थी। अब हम 69 पोज़िशन में आ गये थे। अब वो मेरे लंड को चूस रही थी और में उसकी चूत को चाट रहा था। अब वो बहुत ज़ोर-जोर से मेरे लंड को चूसने लगी थी। तब मुझे लगा कि ये तो चूसने में मास्टर है।

अब उसकी चूत ने थोड़ी देर में ही अपना पानी छोड़ दिया था और में वो सारा पानी पी गया था। उसका पानी क्या टेस्टी था? और अब वो मेरे लंड को बड़े प्यार से चूस रही थी और फिर उसके बाद थोड़ी देर में में भी झड़ गया। अब वो भी मेरा सारा वीर्य पी गयी थी, लेकिन फिर भी वो मेरे लंड को चूस रही थी और अब मेरा लंड फिर से लोहे की रोड की तरह तन गया था। तो तब वो बोली कि अब मेरी चूत में उसे डाल दो, में अब सब्र नहीं कर सकती हूँ। फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को अपने कंधो पर रखकर उसकी चूत पर अपने लंड को रब किया और फिर उसकी चूत में एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड उसकी चूत में 2 इंच घुस गया। तब वो चिल्ला उठी। फिर मैंने उसके होंठो पर किस करते हुए उसे एक और ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। अब वो बहुत ज़ोर से चिल्लाना चाहती थी, लेकिन मैंने उसके होंठो पर अपने होठ रख दिए थे इसलिए उसकी चीख नहीं निकली थी, लेकिन अब उसकी आँखों में से आसूं आ गये थे। तब में वही रुककर उसे किस करता रहा और उसके बूब्स दबाता रहा।

फिर जब उसे थोड़ी राहत मिली तो तब वो अपनी गांड उठाने लगी। तब में समझ गया कि अब वो तैयार है। फिर मैंने अपना पूरा ज़ोर लगाते हुए इतना ज़ोरदार धक्का लगाया कि मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया था। अब वो मछली की तरह तड़पने लगी थी और फिर में उसकी परवाह किए बगैर उसे चोदता रहा। अब वो दर्द के मारे तड़प रही थी। अब उसकी आँखों में से आसूं आ गये थे। अब वो रो रही थी, लेकिन फिर भी मैंने उसकी परवाह नहीं की और फिर में अपने लंड को धीरे-धीरे अंदर बाहर करता रहा। अब उसका दर्द थोड़ा कम हो गया था। अब वो भी मजे ले रही थी और बोल रही थी और ज़ोर से और ज़ोर से चोदो मुझे, मेरी चूत को फाड़ डालो, मेरी चूत का भोसड़ा बना डालो। अब में उसकी ये आवाज सुनकर पागल हो गया था और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था।

फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में भी करके चोदा। अब मैंने उसे करीब 40 मिनट तक चोदा था। तब तक वो 4 बार झड़ चुकी थी और में उसे चोदता ही रहा, चोदता ही रहा। अब में भी झड़ने वाला था तो तब मैंने अपना लंड उसकी चूत में से निकाला। मेरा लंड पर उसकी चूत में से निकले हुए खून से भरा हुआ था, जिसे देखकर वो डर गयी थी। तब मैंने उसे समझाया तो तब उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया और अब में उसके मुँह में ही झड़ गया था। अब वो मेरा सारा वीर्य निगल गयी थी। फिर मैंने उससे पूछा कि मज़ा आया? तो तब उसने कहा कि आज तक मुझे इतना मज़ा नहीं आया था और फिर उसने कहा कि मेरे बॉयफ्रेंड का तो तुमसे बहुत छोटा लंड है, उसने आज तक मेरी सील नहीं तोड़ी थी, आज तूने मुझे लड़की से औरत बना दिया, थैंक यू। तब मैंने कहा कि इसमें थैंक यू की क्या बात है? ये तो मेरा फर्ज़ था ।।

धन्यवाद …