दीदी मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है-2

hindi chudai ki kahani, sex stories in hindi साक्षी : हाँ में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ, मेरे राजा जब तुम मेरी पेंटी को अपने हाथ में लेकर मेरी पेंटी की सुगंध को पागलों की तरह सूंघ रहे थे और साथ में अपना लंड भी हिला रहे थे, उस समय तुम गलती से बाथरूम का दरवाजा बंद करना भूल गये थे और मैंने तुम्हे वो सब कुछ करते हुए देख लिया था। फिर उस दिन मैंने जब पहली बार तेरा मोटा लंबा लंड देखा, तब उसी समय मेरी चूत में खुजली सी होने लगी थी और उस द्रश्य को देखकर मुझे महसूस होने लगा था कि तू अब बड़ा हो गया है और तुझे भी चुदाई करने के लिए किसी चूत की बहुत ज़रूरत है और मैंने वो भी सुन लिया था, जो तुम धीरे धीरे बड़बड़ाकर मेरे बारे में बोल रहे थे उन सभी तुम्हारी हरकतों से मुझे यह विचार आ गया।

में : क्यों तुम्हे बुरा तो नहीं लगा?

साक्षी : नहीं उसमे बुरा लगाने वाली क्या बात है? में तो खुश हूँ कि तू तेरी दीदी को चोदना चाहता है और चुदाई करते समय अगर गंदी गंदी बातें करे तो चुदाई का मज़ा और भी ज्यादा आता है अब तू बता कि तू मेरे बारे में क्या क्या सोचता है?

में : साक्षी में तुझे बहुत प्यार करता हूँ और में तेरे नाम से बहुत बार अपना लंड हिला चुका हूँ, में जब भी तेरे होंठ को देखता हूँ तब मुझे ऐसा लगता है कि में इसको चूस लूँ तेरे इन आकर्षक बूब्स का सारा दूध में पी जाऊ और तेरी गांड की तो सारी दुनिया दीवानी है, इसलिए में भी तेरी गांड को पाना चाहता हूँ। मुझे भी वो सबसे ज़्यादा पसंद है।

साक्षी : क्यों ऐसी क्या बात है मेरी इस गांड में जो तू इसके लिए इतना पागल हुआ जा रहा था?

में : तेरी इस एकदम चिपकी हुई साड़ी में तेरी इस गांड देखकर तो किसी बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए मेरा जी करता है कि में उसी समय तेरी गांड में अपनी उंगली को डाल दूँ।

साक्षी अपने मुहं पर अपना एक हाथ रखकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी थी।

में : में तो तेरा पूरा मूत भी पी लूँगा साली रंडी, तू मेरी बातें सुनकर ऐसे क्या हंसती है? और मैंने उसी समय उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसकी एकदम चिकनी गरम चूत में अपनी उंगली को डाल दिया और वो मेरा लंड धीरे धीरे सहला रही थी, जिसकी वजह से हम दोनों ही गरम हो रहे थे।

साक्षी : और क्या तुझे मेरी चूत अच्छी नहीं लगती?

में : तेरी रसीली चूत का तो सारा देश दीवाना है, भोसड़ी वाली तेरी चूत के चक्कर में कितने अपना लंड रोज़ हिलाते होंगे मेरे दोस्त भी तो तेरी इस चूत के लिए बिल्कुल पागल है, में तो इस चूत का भूत बनकर ही रहना चाहता हूँ।

अब मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया और उसकी गुलाबी चूत को देखकर में पागल हो गया, मैंने उसको हर एक जगह पर चूमना शुरू किया और साक्षी भी मेरा साथ देने लगी थी।

साक्षी : तुम यहीं रुको में अभी पेशाब करके आती हूँ।

में : नहीं में तुझे पेशाब करते हुए देखना चाहता हूँ और पेशाब का स्वाद भी में आज चखना चाहता हूँ।

साक्षी : चल आज में तेरी इस मन की इस इच्छा को भी पूरा करके तुझे अपना पेशाब पिला ही देती हूँ, तू भी मुझे क्या याद रखेगा कि तेरा कभी मुझसे पाला पड़ा था?

अब हम दोनों बाथरूम में चले गये और वो मुतने नीचे बैठ गई, में अपना मुहं उसकी चूत के पास ले गया और में अब उसका पेशाब पीने लगा, जिसकी वजह से वो हंस पड़ी। दोस्तों उसके पेशाब का क्या मस्त स्वाद था? मज़ा आ गया और फिर हम दोनों कुछ देर बाद बेडरूम में आ गए। अब मैंने उसको लेटा दिया और उस पर चढ़ गया। मेरा तना हुआ लंड देखकर उसकी चूत में पानी आ गया था और मुझे भी उसकी चूत का मज़ा लेना था।

साक्षी : अब देर मतकर और जल्दी से चोद दे मुझे आज, में तेरे से जी भरकर अपनी चुदाई करवाऊंगी, अब तू जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दे।

अब में साक्षी के मुहं से उसकी चुदाई की बातें सुनकर और भी ज्यादा बेताब हो गया और मैंने उसकी चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया। दोस्तों उस साली की चूत में अपने लंड को डालने के बाद मुझे ऐसा लगा कि साक्षी कुँवारी नहीं है, वो साली इससे पहले और भी किसी के केले खा चुकी है। फिर मैंने उसको धक्के देकर चोदना शुरू दिया, कुछ देर बाद मैंने अपने धक्कों की रफ्तार को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया जिसकी वजह से अब मेरे पूरा लंड उसकी चूत से अंदर बाहर हो रहा था और वो सिसकियाँ लेकर मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी थी।

साक्षी : हाँ और ज़ोर ज़ोर से चोद मुझे आह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ प्लीज़ चोद अहहह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गया हाँ तू मुझे ऐसे ही मुझे धक्के देता जा।

दोस्तों में करीब बीस मिनट तक उसको अपनी तरफ से वैसे जोरदार धक्के देकर चोदता रहा, जिसकी वजह से हम दोनों अब झड़ गये और एक दूसरे की बाहों में लिपटकर सो गये। फिर जब दोपहर को मेरी आँख खुली तब मैंने देखा कि साक्षी रसोई में खाना बना रही थी, उसने उस समय सिर्फ गाउन पहना था और वो भी जालीदार था, जिसकी वजह से मुझे उसके अंदर का सब कुछ साफ कुछ दिखाई दे रहा था उसको देखकर मेरा लंड दोबारा तनकर खड़ा हो गया। फिर मैंने पीछे से जाकर उसको पकड़ा और में अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा और उसको चूमने लगा, जिसकी वजह से वो गरम होने लगी थी।

साक्षी : आह्ह्हह् उफफ्फ्फ्फ़ तुम यह क्या कर रहे हो? प्लीज मुझे खाना तो बनाने दो।

में : साक्षी अब तू ज्यादा नाटक मतकर चल जल्दी से नंगी हो जा, एक तो मुझे रिझाने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है और फिर खुद ही मुझे रुकने के लिए कहती है, अभी तो मुझे तेरी गोरी गोरी जाँघ और गरम चूत को भी तो चाटना है।

साक्षी : में अच्छी तरह से जानती हूँ कि तुझे ज़रा सा भी सब्र नहीं है, प्लीज निखिल ज़रा सा सब्र रख सब्र का फल बहुत मीठा होता है। देख में तुझसे यह सब करने के लिए अभी ऊपर के मन से मना कर रही हूँ और वैसे में भी तो तेरे साथ यही सब करना चाहती हूँ, लेकिन तू एक बार शुरू होने के बाद रुकने का नाम ही नहीं लेता।

में : मैंने अभी कहा कि तुमने मुझे इतना दीवाना पागल बना दिया है, जिसकी वजह से अब मुझसे रहा नहीं जाता और उसके बाद भी तुम मुझे रुकने के लिए कह रही हो।

अब मैंने उसके उस गाउन को ऊपर की तरफ उठाकर उसकी गांड में अपने लंड को डालकर उसको में चोदने लगा और वो दर्द की वजह से ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी आआहह ऊउईईईईइ माँ में मर गई प्लीज मुझे बहुत दर्द हो रहा है, में आज मर ही जाउंगी मुझे बहुत दर्द होता है, प्लीज निकाल दे तू तेरा लंड निखिल। दोस्तों मैंने उसकी एक नहीं सुनी और में इसकी गांड को लगातार धक्के मारता रहा और गांड मारने के बाद मैंने उसको वहीं रसोई में ही पट्टी पर लेटा दिया और उसके बूब्स-पेट को चूमा और फिर में चाटने भी लगा। फिर कुछ देर बाद में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर तक ले गया और में उसकी चूत को मज़े से चूसता रहा। दोस्तों वाह क्या मस्त रसीली चूत थी उसकी? मज़ा आ गया और अब वो झड़ चुकी थी और मैंने उसका सारा पानी पी लिया, में उसकी चूत के पानी के बारे में क्या कहूँ वो क्या मस्त स्वादिष्ट था?

में : मेरी बरसो की इच्छा थी कि में तेरी चूत को चाटकर उसका पूरा रस पी जाऊँ उसको आज तूने पूरा कर दिया है।

साक्षी : तूने मेरी चूत तो चाट ली है, अब में भी तेरा लंड चूसना चाहती हूँ। में भी उसका मज़ा लेकर देखती हूँ कि वो कैसा होता है?

अब उसने मुझसे इतना कहकर नीचे झुककर तुरंत मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो उसको चूसने लगी, मेरा लंड चूसते चूसते में उसके बूब्स और कूल्हों को दबा रहा था, जिसकी वजह से वो ज्यादा जोश में आकर बिल्कुल एक अनुभवी रंडी की तरह अपने लंड को अंदर बाहर करके उसके टोपे पर अपनी जीभ को घुमाकर वो पूरा मज़ा ले रही थी, लेकिन कुछ देर बाद वो अब मेरे झड़ने की वजह से लंड का सारा पानी पी गयी और उस वजह से लंड धीरे धीरे छोटा होने लगा था, लेकिन वो फिर भी अपने काम में लगी रही वो एकदम रंडी की तरह लग रही थी। फिर कुछ देर बाद थक हारकर उसने लंड को छोड़ दिया और उसके बाद हमने होटल से हमारे लिए खाना मँगवा लिया और फिर हम दोनों खाना खाने लगे। अब वो मेरी तरफ हंसते हुए कहने लगी कि तुम अब तो अपने कपड़े पहने लो। फिर मैंने उसको कहा कि उसकी क्या जरूरत है? कपड़े तो वैसे भी में दस मिनट में तेरे भी उतार ही दूँगा और इतना कहकर मैंने उसको अपनी तरफ खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया और फिर हम खाना खाने लगे। उसकी गांड की गरमी से मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और वो सीधा उसकी गांड से टकराने लगा।

साक्षी : मुझे लगता है कि तू तो आज चोद चोदकर मेरी चूत का भोसड़ा बनाने वाला है, मुझे तेरे इरादे नेक नहीं लगते, सच सच बता तू आज कितनी बार चोदेगा अपनी इस रंडी को?

में : तुझे तो में ज़िंदगी भर अपनी रंडी बनाकर रखूगा मेरी जान और में हर एक दिन में पाँच बार तेरी जमकर मस्त चुदाई करूंगा, साली आज तक कितने साथ काम करने वाले लोगों का केला खाया होगा तूने और तू मुझसे शरमाती है, आज में तेरी सारी शरम निकाल दूँगा। अब में तेरे साथ एक सेक्सी फिल्म भी बनाऊंगा जिसमे तू और में चुदाई करते हुए नजर आएगें, जिसको यह सारी दुनिया देखकर मज़े लेगी।

साक्षी : हाँ में अब तक बहुत सारे मेरे साथ काम करने वालो के साथ अपनी चुदाई के मज़े ले चुकी हूँ, लेकिन मुझे अब तक कोई भी तेरे जैसा दमदार नहीं मिला। में तेरे लिए तू जहाँ कहेगा में वहीं पर नंगी हो जाऊंगी और तुझसे अपनी चुदाई के मज़े लूँगी। चल अब ज्यादा देर ना कर जल्दी से मार ले मेरी एक बार फिर से।

अब उसके मुहं से यह सब बातें सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपने लंड को उसकी चूत में एक जोरदार धक्का देकर डाल दिया और फिर में लगातार धक्के देने लगा, जिसकी वजह से उसका पूरा बदन हिलने लगा था। फिर कुछ देर बाद मैंने उसको नीचे झुका दिया और में पीछे से उसको कुतिया आसन में उसकी चूत में अपने लंड को डालकर धक्के देकर मज़े लेने लगा और वो भी चिल्ला रही थी। दोस्तों उस दिन मैंने उसको करीब पांच बार जमकर चोदा और उसकी चूत को धक्के दे देकर एकदम लाल कर दिया, उस दिन मैंने उसको सारा दिन सारी रात नंगी ही रखा और जब भी मेरा मन चाहता में उसकी मार लेता या जो भी मेरे मन में आता में वो सब उसके साथ करता रहा। दोस्तों उस काम में उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और रात भर हम एक ही बिस्तर में नंगे सोते रहे और उसकी मैंने रात भर चटनी बनाई। दोस्तों अब तक भी उसकी चुदाई का वो सिलसिला आज भी चलता है। में हर महीने में दो दिन के लिए साक्षी के घर जाकर उसको जमकर चोदता हूँ। जब भी में उसके घर जाता हूँ जाते ही उसको नंगा कर देता हूँ और जब तक में उसके पास रहता हूँ वो नंगी ही रहती है। उसने कभी भी मेरे साथ मज़े लेने में अपनी तरफ से कोई भी कमी नहीं छोड़ी और में भी हमेशा उसके साथ मन से लगा रहा ।।

धन्यवाद …