कॉलेज की लड़की की खिड़की खोली

हैल्लो दोस्तों, में दीपक आप लोगों के सामने अपनी सच्ची घटना को लेकर आया हूँ और यह मेरी आज पहली कहानी है. वैसे में पिछले एक साल से लगातार  सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मैंने इन कहानियों से आइडिया लेकर अपनी पहली चुदाई के मज़े लिए.

दोस्तों में भोपाल में एक कॉलेज का स्टूडेंट हूँ और मेरी उम्र 23 साल है. में यहाँ पर अपने एक बहुत पक्के दोस्त के साथ किराए का एक रूम लेकर रहता हूँ. मेरी लम्बाई 5.10 है और मेरे लंड का आकार पांच इंच है और में शुरू बहुत ही आशिक़ मिजाज़ का हूँ. फिर में अपने बेच की सभी लड़कियों से बहुत बातें हंसी मजाक किया करता था और मेरी क्लास में एक से बढ़कर एक पटाका माल थे और में उनकी चुदाई करना चाहता था, लेकिन आज तक मेरी यह मन की इच्छा अधूरी ही थी और इसलिए में उन लड़कियों के बारे में सोच सोचकर मुठ मार लिया करता था और ऐसा बहुत दिनों तक चलता रहा, लेकिन एक दिन मैंने मन ही मन सोचा कि अब मुझे अपने पप्पू के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा और तब मैंने यह बात सोचकर तय किया कि जब तक मुझे चुदाई के लिए कोई चूत नहीं मिलेगी, तब तक में मुठ नहीं मारूँगा.

फिर मेरे पेपर खत्म हो चुके थे और में इस बार में अपनी छुट्टियों में अपने घर चला गया और जब में वापस लौटकर आया तो मैंने देखा कि हमारे कॉलेज में अब नये चेहरे मतलब कि मेरे जूनियर आने शुरू हो चुके थे. फिर तभी मेरे दिमाग़ में उनको देखकर एक बहुत मस्त विचार आ गया कि में अपनी कोई भी जूनियर में से ही किसी को पटा लूँगा और अपने लंड की प्यास को बुझाऊंगा.

यह बात सोचकर मेरा मन अंदर ही अंदर बहुत ही खुश था और इसलिए में उस दिन के बाद से हर रोज़ अपने कॉलेज में अच्छी दिखने वाली सुंदर सेक्सी लड़कियों को देखने लगा और मेरी यह तलाश कुछ दिनों तक ऐसे ही चलती रही, लेकिन एक दिन उस भगवान ने मेरे मन की बात को सुन लिया और मुझे एक गुलाबी रंग के कपड़ो में मस्त सेक्सी पटाखा लड़की दिखी, उसके बड़े बड़े आकर्षक बूब्स को देखकर मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया और में उसको देखकर अपने आप पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. मेरे हिसाब से उसके बूब्स का साइज़ 34-26-36 होगा.

उस दिन मैंने उसको पहली बार देखकर ही मन ही मन में सोच लिया था कि अब में कैसे भी करके इस लड़की को पटाकर इसकी मस्त चुदाई करूंगा. फिर इस बात को सोचकर में अब हर रोज़ उस लड़की को देखने लगा और में मन ही मन बहुत खुश रहने लगा.

मुझे एक दिन पता चला कि वो मेरी ब्रांच की है और उसका नाम शिखा है, जो जबलपुर से यहाँ पर पढ़ने आई थी. एक दिन में अपने रूम की खिड़की से बाहर की तरफ झांककर देख रहा था कि तभी मुझे शिखा दिखाई दी और उसको देखकर मेरा तो मन एकदम मचल गया और में तुरंत अपने रूम से नीचे आ गया और में उसको घूर घूरकर देखने लगा.

उसने भी मुझे देख लिया था, लेकिन उसने कोई भी विरोध नहीं किया और तब में उसके पास गया और मैंने उसको बताया कि में उसका सीनियर हूँ और उसको कोई समस्या हो तो मुझे तुम जरुर बताना, क्योंकि वो वहाँ पर नई थी और मैंने उसको अपना मोबाईल नंबर भी दे दिया. तभी उसने बातों ही बातों में मुझे बताया कि वो वही पास ही में किराए से एक रूम लेकर रहती है.

दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मुझे मन ही मन बहुत ख़ुशी हुई जिसका कोई ठिकाना नहीं था और अब मुझे अपना वो प्लान जिसमे में उनकी चुदाई के सपने देख रहा था, वो पूरी तरह से सफल होता नज़र आ रहा था. फिर हम दोनों ने वहाँ पर कॉफी पी और कुछ देर बातें करके हम दोनों लोग अपने अपने रूम में चले गये, लेकिन उसी पल से पूरे दिन और रात भर में बस उसी की चुदाई के सपने देखता रहा और इस वजह से मुझे उस पहली रात को नाइट फेल भी हो गया, लेकिन इस तरह से अब हमारी बातें धीरे धीरे बढ़ती चली गई और हम एक दूसरे के साथ बहुत हंसी मजाक, इधर उधर घूमना फिरना अपना बहुत सारा समय साथ में बिताने लगे, जिसकी वजह से हम दोनों बड़े खुश रहने लगे और में उसके हर एक काम को आगे बढ़कर किया करता और वो मुझसे बहुत ही कम समय में बहुत अच्छी तरह से घुल-मिल गई थी और अब मुझे ऐसा लगने लगा कि वो भी मुझे मन ही मन पसंद करती है, लेकिन शायद वो मुझसे यह बात कह नहीं पा रही है शायद उसके मन में कोई डर या संकोच था, इसलिए वो ऐसा कर रही थी.

दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से उन दिनों मेरे साथ में रहने वाला एक लड़का अपने घर पर किसी काम से कुछ दिनों के लिए गया हुआ था और इसलिए में रूम पर बिल्कुल अकेला था.

फिर में एक सेक्सी फिल्म को देख रहा था और तभी कुछ देर बाद मेरे मोबाईल पर शिखा का कॉल आया और उसकी सुरीली आवाज को सुनकर मेरे मन में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी और वो मुझसे कहने लगी कि कल उसका टेस्ट है और उसको थोड़ा कुछ समझ नहीं आ रहा है तो उसने मुझसे मदद करने के लिए कहा, तो मैंने खुश होकर उससे कहा कि तुम दोपहर में दो बजे मेरे रूम पर आ जाओ, में तुम्हे सब कुछ बता दूँगा, लेकिन उसी समय उसने चकित होकर मुझसे पूछा क्या रूम में? तो मैंने उससे कहा कि हाँ, में अपने रूम में बिल्कुल अकेला ही हूँ क्योंकि मेरा वो दोस्त जो मेरे साथ रहता है वो अपने किसी जरूरी काम से अपने घर गया हुआ है और तब उसने मेरी पूरी बात को सुनकर कहा कि हाँ ठीक है और वो करीब पांच मिनट के बाद ही मेरे रूम में आ गई.

दोस्तों सच कहूँ तो मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि वो मेरे कहते ही इतनी जल्दी आ भी जाएगी, इसलिए में अपने कंप्यूटर से उस सेक्सी फिल्म की सीडी भी नहीं निकाल पाया और मैंने दरवाजे पर किसी के खटखटाने की आवाज को सुनकर उठने से पहले तुरंत फिल्म को बंद कर दिया और में दरवाज़ा खोलने चला गया.

मैंने खोलकर देखा कि बाहर दरवाजे पर शिखा ही खड़ी हुई थी. दोस्तों अहह वो तो उस समय जींस और टॉप में क्या मस्त सेक्सी लग रही थी? में अपनी चकित नजर से कुछ देर उसको देखता ही रह गया, क्योंकि मैंने तब देखा कि उसके गोल गोल बड़े आकार के बूब्स उसके टाईट कपड़ो से बाहर निकलने को बेताब थे और उनको देखकर ऐसा लगता था कि जैसे उन दोनों कबूतरों को जबरदस्ती अंदर बंद किया है.

दोस्तों उसने सफेद रंग का टॉप और काले कलर की बिल्कुल चपकी हुई जींस पहनी हुई थी और सफेद रंग के उस टाईट टॉप से उसकी काले कलर की ब्रा हल्की हल्की दिखाई दे रही थी और में उसकी गांड के बारे में क्या बताऊँ? मुझे तो उसको देखकर ऐसा लग रहा था कि में उसको उसी समय पकड़कर जबरदस्ती उसकी गांड में अपना लंड डाल दूँ क्योंकि में उस समय उसका गोरा कामुक बदन देखकर पूरी तरह से जोश में आ चुका था, लेकिन मैंने फिर भी किसी तरह से अपने आपको कंट्रोल किया और उसके अंदर आने के लिए कहा और उसको बैठाकर पानी लाकर पिला दिया और उससे उसकी समस्या के बारे में पूछा तब उसने मुझे बताया.

फिर मैंने उसके साथ बैठकर उसकी उस समस्या का हल उसको बताया, वो उस समय मेरे सामने ही मेरे बेड पर बैठी हुई थी जिसकी वजह से उसके बूब्स को मैंने अपनी चकित नजर से देखा और वो बाहर की तरफ झांक रहे थे और अब में उसको बताने के साथ साथ उसके उभरे हुए गोरे गोरे बूब्स को भी लगातार देखे जा रहा था जिसको देखकर मेरा मन बड़ा खुश था और में मन ही मन उन बूब्स को छूने उसी समय पकड़कर दबाकर निचोड़ने के सपने देख रहा था, लेकिन थोड़ी देर के बाद जब वो उठकर जाने लगी.

फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि आज अगर यह चली गई तो फिर दोबारा मुझे इसकी चुदाई करने का ऐसा मस्त मौका कभी नहीं मिलेगा और यह बात सोचकर मैंने उससे कहा कि शिखा तुम अभी से कहाँ जा रही हो अभी तुम यहाँ पर बैठो में तुम्हारे लिए कुछ खाने को लेकर आता हूँ. फिर उसने कहा कि हाँ ठीक है और फिर मैंने उससे कहा कि तब तल तुम चाहो तो कंप्यूटर पर अपना टाईम पास कर सकती हो और तब मैंने ही जानबूझ कर उस सेक्सी फिल्म की सीडी को कंप्यूटर से बाहर नहीं निकाली थी और उससे यह बात कहकर में उठकर वहां से रसोई की तरफ चला गया.

फिर में करीब 15 मिनट बाद वापस आया तो मैंने देखा कि अब शिखा उस ब्लूफिल्म को बड़े मज़े से आंखे फाड़ फाड़कर देख रही थी. उस समय फिल्म में उस लड़के ने उस लड़की की चूत में अपने लंड को डालकर वो धक्के दिए जा रहा था और लड़की दर्द से आहे भर रही थी और फिर अचानक से मुझे अपने पीछे खड़ा देखकर वो एकदम से शरमा गई और उसने फिल्म को तुरंत बंद कर दिया.

फिर उसके चेहरे से साफ साफ पता चल रहा था कि वो फिल्म देखकर शिखा खुश थी, लेकिन मेरे आ जाने से थोड़ा डर भी गई थी, तो इसलिए मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं है तुम यह सब देख सकती हो और इसमें कोई बुराई नहीं है और तुम इस उम्र में यह सब नहीं करोगी तो फिर कब करोगी? लेकिन फिर भी उसने उस फिल्म को दोबारा नहीं देखा और अब हम दोनों साथ में बैठकर खाने पीने लगे, लेकिन वो अब मुझसे शरमाकर अपनी नजरे चुरा रही थी और में उसका मतलब साफ साफ समझ चुका था और तभी मैंने उससे पूछा कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?

उसने कहा कि नहीं और तभी उसने मुझसे भी पूछ लिया कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने भी उससे कहा कि नहीं और में उस समय उसकी हालत देखकर झट से समझ गया था कि वो उस ब्लूफिल्म को देखकर बहुत गरम हो चुकी है और मैंने मन ही मन में सोचा कि यही सही मौका है वार करने का.

अब मैंने उससे पूछ लिया कि क्या कभी तुमने किसी के साथ सेक्स किया है? तो उसने कहा कि नहीं और यह बात मुझसे कहकर वो उठकर जाने लगी, लेकिन तभी मैंने झटके से उसका एक हाथ पकड़ लिया और उसको अपनी तरफ खींच लिया, जिसकी वजह से वो सीधा मुझसे आकर चिपक गई और मैंने उसको अपनी बाहों में ज़ोर से जकड़कर किस करना शुरू कर दिया, लेकिन तब मैंने महसूस किया कि उसने भी मुझे यह सब उसके साथ करने से मना नहीं किया और वो भी कुछ देर बाद मुझे किस करने लगी और मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी. अब में तुरंत समझ गया कि वो भी गरम हो चुकी है इसलिए वो भी मेरे साथ शुरू हो गई है और अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए तुरंत उसको बेड पर लेटा दिया और में उसके बूब्स पर अपने हाथ फेरने लगा और वो अपनी दोनों आँखे बंद किए हुए लेटी हुई थी.

अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए तुरंत उसका टॉप उतार दिया और फिर जींस को भी खोल दिया था. अब वो मेरे सामने केवल अपनी ब्रा और पेंटी में लेटी हुई थी और उसका वो गोरा कामुक बदन किसी संगमरमर की तरह सुन्दर लग रहा था. वो मेरे सामने बेड पर लेटी हुई काम की देवी लग रही थी और फिर उसने भी आगे हाथ को बढ़ाकर मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया था और थोड़ी ही देर के बाद हम दोनों ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए, जिसकी वजह से अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे और अभी भी हम दोनों एक दूसरे को चूम रहे थे और वो मेरा लंड बहुत धीरे धीरे सहला रही थी.

फिर में भी उसके बूब्स को चूस रहा था और अब उसके मुहं से हल्की हल्की अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह की आवाजें आ रही थी वो सिसकियाँ भरने लगी थी. तभी मैंने उसकी चूत को देखा जो बिल्कुल गुलाबी थी और थोड़ी सी फूल भी चुकी थी जिसको देखकर में बड़ा चकित था और मैंने झट से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उसके मुहं से अब इसस्स्स्स्स्स्स्स् उहह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह आवाज़े आ रही थी. अब वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और उस वजह से अब उसकी चूत से पानी भी निकलने लगा था तभी उसने मुझे अपने ऊपर से हटाकर खुद उठकर मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

वो कुछ देर मेरे लंड को लोलीपॉप की तरह मज़े लेकर चूसती रही और थोड़ी देर के बाद मुझे लगा कि अगर वो मेरा लंड इस तरह लगातार चूसती रही तो में कभी भी झड़ सकता हूँ. फिर मैंने उससे कहा कि अब तुम रहने दो, लेकिन उसने कहा कि नहीं, मैंने दोबारा उससे कहा शिखा अब रहने दो, तुम अब इसको छोड़ दो क्योंकि अब में अपना लंड तुम्हारी इस गरम प्यासी चूत में डालकर तुम्हारी चुदाई करना चाहता हूँ.

फिर उसने मुझसे कहा कि नहीं अभी मुझे इसको और कुछ देर चूसना है और मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा है प्लीज कुछ देर और करने दो और वो अब मुझसे इतना कहकर पागलों की तरह ज्यादा तेज़ी से मेरा लंड अपने मुहं के अंदर बाहर करने लगी थी और में भी अब उसकी उस जिद के सामने मजबूर हो गया और वैसे भी में झड़ने वाला था इसलिए में उसके मुहं में अपने लंड को हल्के हल्के धक्के देते हुए उसके मुहं की चुदाई करते हुए उससे कहने लगा अहह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह हाँ और तेज़ी से चूसो वाह मज़ा आ गया, तुम बहुत अच्छा कर रही हो और इस तरह में दो चार धक्को के बाद उसके मुहं में झड़ गया और वो मेरा पूरा वीर्य गटक गई, लेकिन उसने अभी तक मेरे लंड को अपने मुहं के अंदर ही रखा हुआ था. वो उस पर अपनी गरम जीभ को घुमाकर चाटने चूसने लगी और लंड को धीरे धीरे अपनी जीभ से चाटकर साफ कर रही थी.

फिर मैंने छूकर महसूस किया कि अब उसकी चूत पूरी तरह से भीग चुकी थी क्योंकि उसकी चूत से पानी रिस रहा था और में उसकी चूत की गहराई को अपनी एक ऊँगली से नापकर देखने लगा और दाने को सहलाने लगा. फिर कुछ ही मिनट के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और अब शिखा ने भी अपनी एक उंगली को अपनी चूत में डाल दिया, लेकिन उसी समय मैंने उससे कहा कि तुम यह क्या कर रही हो?

तब वो मुझसे कहने लगी कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है. फिर मैंने उससे कहा ओह तो यह बात है? तो में अभी तुम्हारी प्यास को बुझा देता हूँ और में उसकी चूत को अब बहुत तेज़ी से चाटने लगा और मैंने अपनी पूरी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से वो अब इसस्स्स्स्स्स अहह्ह्ह आह्ह्हह्ह प्लीज थोड़ा जल्दी करो ऑश कर रही थी.

अब मैंने उसकी बैचेनी को समझकर उसके दोनों पैरों को तुरंत फैला दिया, जिसकी वजह से उसकी गीली प्यासी चूत पहले से ज्यादा खुलकर आकर्षक दिखने लगी और मैंने अपना पांच इंच का लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया, लेकिन उसकी चूत इतनी टाइट थी वो ज़ोर लगाने पर भी अंदर ही नहीं जा रहा था और दर्द की वजह से वो ज़ोर से चिल्ला रही थी आईईईई माँ में मर जाउंगी स्सीईईईई प्लीज अब इसको बाहर निकालो, बस तुम अब रहने दो ऊउईईईईईइ मेरी चूत फट जाएगी और साथ में उसकी आंख से आँसू भी बाहर निकल आए थे.

फिर मैंने उससे कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा यह तुम्हारा पहली बार है इसलिए तुम्हे इतना दर्द हो रहा है तुम देखो तुम्हे अभी कुछ देर बाद बहुत मज़ा आएगा, लेकिन उसने कहा कि नहीं रहने दो उफफ्फ्फ्फ़ तुम तो अपना लंड बाहर निकालो मुझे दर्द हो रहा है प्लीज में मर जाउंगी, लेकिन मैंने उसी समय एक ही झटके में अपन पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.

जिसकी वजह से वो ज़ोर से चिल्लाई आईईईईईईई माँ में मर गई आईईईई नहीं बस अब रहने दो बहुत हुआ में ऐसा मज़ा नहीं करना चाहती, प्लीज छोड़ दो मुझे जाने दो आह्ह्ह्ह और तभी मैंने उसके नरम गुलाबी होंठो को अपने होंठो से चिपककर उसकी आवाज को बंद कर दिया और मैंने उसको किस करना शुरू कर दिया और उसके बूब्स को सहलाने लगा. फिर उसी समय मैंने देखा कि दर्द होने के साथ साथ अब उसकी चूत से खून भी बाहर निकल आया था.

फिर भी मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उसको कुछ देर बाद अब मज़ा आने लगा था और वो आआअहह ओह्ह्ह्हह कर रही थी. फिर कुछ देर बाद मैंने अपने धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया और मैंने उसको तेज़ी से धक्के मारने शुरू कर दिए थे. वो अब मुझसे कह रही थी हाँ और तेज़ और ज़ोर ज़ोर से मारो मुझे धक्के. आज तुम मेरी प्यास को जल्दी से बुझा दो हाँ आह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ जाने दो पूरा अंदर तक तुम बहुत अच्छे हो और में कब से इस सुख के लिए तरस रही थी.

दोस्तों में तुरंत उसकी यह बातें सुनकर समझ गया कि अब वो झड़ने वाली है इसलिए में पहले से भी ज्यादा तेज़ी से धक्के मारने लगा और थोड़ी देर बाद में भी अब झड़ने वाला था और तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी.

फिर मैंने दो चार धक्के देने के बाद अपना लंड बाहर निकाला और उसके बूब्स पर पूरा वीर्य निकाल दिया. में लंड को उसकी छाती पर रखकर मुठ मारने लगा. तभी उसने उठकर मेरा लंड पकड़ा और उसने मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर पूरा चाटकर साफ कर दिया. फिर साफ होने के बाद लंड अब छोटा होता चला गया, लेकिन हम दोनों अब भी एक दूसरे को चूम रहे थे और खेल रहे थे, जिसकी वजह से करीब बीस मिनट बाद मेरा लंड दोबारा चुदाई के लिए तनकर खड़ा हो गया और इस बार मैंने उसकी गांड भी मारी और कुछ देर दर्द से चीखने चिल्लाने के बाद अब उसको भी मज़ा आने लगा था और वो ऊऊह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह उस दिन मैंने उसको करीब पांच बार बहुत मज़े लेकर चोदा और तब तक शाम हो चुकी थी, इसलिए वो अपने रूम पर चली गई और हमारी चुदाई आगे भी इस तरह से चलने लगी. फिर कुछ महीने के बाद मैंने एक अलग रूम ले लिया और अब वहाँ पर हम दोनों बहुत मस्त चुदाई के मज़े करते है और वो हर बार अपनी चुदाई में मेरा पूरा साथ देने लगी, क्योंकि उसको अब दर्द नहीं बल्कि इस काम में बड़ा मज़ा आने लगा है, इसलिए वो भी बढ़चढ़कर मेरे साथ मज़े करने लगी और हम दोनों खुश है.