चुदाई में कभी कभी ऐसा भी होता है

Hindi sex story, antarvasna दोस्तों मेरा ये मानना है कि अगर आप किसी चीज़ को पा नहीं सकते तो उसके लिए आप जी जान से मेहनत करो पर अगर वो आपको न मिले तो उसके लिए पागल मत बन जाओ क्यूंकि हो सकता है किस्मत में कुछ और लिखा हो | और जो लिखा हो वो उससे भी अच्छा हो जिसे आप चाहते हो | अभी मोहब्बत करने वालों का समय चल रहा है और ये महिना इन्ही के नाम होता है | जो अन्दर ही अन्दर प्यार करते हैं वो उसका इज़हार करते हैं और जिसको प्यार हो चुका है और इज़हार भी हो चुका वो अपने साथियों को खुश करने के लिए नयी चीज़ें करते हैं | या जो रूठे हुए हैं उनको मनाने का काम करते हैं | ये तो गयी दुनिया जहान की बातें अब शुरू करते है असली काम जिसके लिए मैं यहाँ आया हूँ | हालाँकि मैं भी एक दीवाना ही हूँ पर किसका ये आपको बाद में पता चलेगा फिलहाल मेरा नाम समीर है और आज मैं आपके साथ अपने फुर्सत के पल और अपनी अनकही बातें साझा करने के लिए आया हूँ | दोस्तों जब कुछ पहली पहली बार होता है तो उसका एहसास ही कुछ नया सा होता है | ऐसा लगता है चारों तरफ बस ख़ुशी और प्यार ही प्यार है | जब आप सोते हैं तो रात तो चाँद तारे देखकर लगता है मानो नूर बरस रहा है और आसमान बिलकुल अलग नज़र आता है | सुबह की पहलीर नया उजाला लाती है और गुनगुनी धुप दिल में फिर से नया रंग भर देती है | जनाब प्यार कुछ ऐसा ही होता है |

तो आइये डूब जाते हैं इसी प्यार के सफ़र में और उन राहों पर आगे बढ़ते हैं जिसे अक्सर लोग कहते हैं “एक आग का दरिया है और साहब बस डूबते जाना है” |

पहले प्यार की समझ नहीं थी नादान था पर जब बैंगलोर जाना हुआ पढाई के सिलसिले में तब थोडा थोडा नज़रिया बदलने लगा | जैसे जैसे मैंने अपनी जिंदगी में झांकना शुरू किया वैसे वैसे मुझे पता चलने लगा मानो एक अकेलापन है जिसे दूर करना होगा | एक प्यास है एक आवारापन का बोझ है सन्नाटा काटने को दौड़ता है और इसका इलाज यहाँ इसी दुनिया में मिलेगा | पर क्या करूँ कैसे करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा था | फिर एक दिन क्लास में बैठा हुआ था और लंच का समय था सब चले गये थे बस मैं अकेला बैठा हुआ था क्यूंकि मेरा खाना मेस में होता था | तभी बीच में एक लड़की जिसका नाम था दिशा वो अन्दर आती हुयी दिखी और उसकी नज़रें मुझपर थी | मैंने सोचा शायद कुछ काम होगा पर मेरे दिमाग से ही निकल गया था कि आज तो “प्रोपोज़ डे” है | उसने मुझे एक गुलाब दिया और कहा समीर आई रियली लाइक यू | मुझे लगा मजाक है पर उसने जब मेरा हाथ थामा और आँखों में आंखे डालके कहा एंड आई रियली लव यू तब लगा जैसे किस्मत मेहरबान है मुझपर | दोस्तों यकीन करों कोई दिन इतना सुन्दर नहीं लगा था जितना उस दिन लगा मानो वक़्त का चलता पहिया हमारे बीच में फस के रुक सा गया था | क्लास ख़त्म हुयी ढलती शाम में मैंने उसका नाम पुकारा दिशा और जब वो मेरे पास चलते हुए आई तो वो शाम इतनी रंगीन थी जैसे सपनो में देखा था |

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बस अब मैं हॉस्टल गया और फिर मेस जाकर खाना हुआ और उसके बाद वापस से अपने रूम में | उसके बाद रात को मैंने सोचा छत पर चलते हैं | क्या बताऊ यार कैसा नज़ारा था ऐसा लग रहा चाँद तारे बस मेरे लिए ही निकले थे | मैंने अपना फ़ोन निकाला और उसको कॉल लगाया | हम दोनों की बात शुरू हुयी और धीरे धीरे बढती गयी | करीब 15 मिनट बाद मुझे ऐसा लगा जैसे दिशा मेरे सामने खड़ी है और मुझसे बात कर रही है | मैंने कहा दिशा तुम अब मेरी मन में समां गयी हो लगता ही नहीं दूर हो | उसने कहा हाँ जनाब ज़रा छत से नीचे वाली बालकनी में देखिये | मैंने जैसे ही देखा तो दिशा नीचे ही खड़ी थी | वो भी छत पर आ गयी और हम दोनों की छत एक दम सटी हुयी थी | मैंने कहा तुम यहाँ कैसे ? उसने कहा मैंने कल ही पता लगा लिया था कि तुम यहाँ रहते हो तो इस फ्लैट को किराये पर ले लिया मैंने और मेरी एक दोस्त ने मिलके | मैंने कहा अच्छा ख़ासा पीछा किया है तुमने मेरा | उसने कहा देखो समीर आजकल अच्छे और सच्चे लड़के या तो शादीशुदा होते हैं या फिर वो गे होते हैं | उम्मीद करती हूँ तुम दोनों नहीं हो | मैंने कहा तुम्हे कैसे पता अगर हुआ तो ? तो उसने कहा मैं तुम्हे बदल दूंगी बस कभी कुछ भी हो किसी भी बात पर छोड़ कर मत जाना मुझे | मैंने कहा प्यार में कोई छोड़ता नहीं है जब तक हद पार न हो जाए | उसने कहा प्यार और पागलपन की हद पार हो सकती है पर धोखा मेरी तरफ से नहीं होगा | मैंने कहा तो फिर बस जब प्यार किया है तो डरना भूल जाओ |

बस फिर क्या था दिशा और मैं आगे बढ़ने लगे और हद से गुजरने लगे | हम छुप छुप कर मिलते थे क्यूंकि मैं नहीं चाहता था कि हमारे प्यार को किसीकी भी बुरी नज़र लगे | कॉलेज में भी किसीको पता नहीं था हमारे बारे में | हालाँकि कॉलेज में दिक्कत बड़ी रहती थी क्यूंकि दिशा बड़ी सुन्दर थी और लड़के उसके दीवाने थे | आये दिन उसको कोई न कोई छेड़ता था | एक दिन मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने एक लड़के को थप्पड़ जड़ दिया | मैंने कहा किसी लड़की के साथ ऐसा सुलूख करते हैं क्या ? उसने कहा देख भाई तू अच्छा लड़का है तुझे कुछ पता नहीं है इसलिए दूर होजा और बीच में मत आ | मैंने कहा क्या नहीं पता मुझे उसने कहा भाई सुन ये लड़की पैसे लेकर चुदाई करवाती है और मुझसे इसने २०००० रुपये लिए थे जिसका हिसाब मुझे इससे लेना है | मैं तो जैसे होश खो बैठा था मेरा दिल ऐसा टूटा था जैसे कोई कांच को चूर चूर कर देता है | सब मुझ पर हस रहे थे कह रहे थे साला रंडी के पीछे लड़ने पहुँच गया | दिशा भी रो रही थी पर फिर मैंने खुद को सम्भाला और वापस अपने रूम पर चला गया | वहां मेरी आँखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे | दिशा का कॉल आया मेरे फ्लैट में आओ पर मैंने कोई जवाब नहीं दिया | पर मेरे दिल में जो नासूर बन गया था उसको ठीक करना ज़रूरी था इसलिए मैंने उसे कॉल करके कहा आ रहा हूँ |

मैं उसके घर जैसे ही पहुंचा उसने मुझे गले लगा लिया और दोनों रोते हुए बात करने लगे | मैंने उसे पीछे किया और कहा मुझे हाथ लगाओ | उसने कहा आज पता चला मैं कॉल गर्ल थी तो हाथ मत लगाओ पर कभी ये जानने की कोशिश की है ये मैंने किया क्यूँ ? मैंने कहा इसमें क्या बात है तुम्हे पैसे की भूख थी इसलिए | उसने कहा हाँ पैसे की भूख घर पालने के लिए पैसे की भूख पढाई के लिए मैं पैदा होते साथ ही कॉल गर्ल नहीं बनी | मेरा बाप मरने की कगार पर था भाई के पास कपडे नहीं थे माँ को दुसरे बुरी नज़र से देखते थे फुटपाथ पर रहते थे हम | क्या करती मैं समीर बताओ इतनी जल्दी कोई जॉब नहीं देता और देता भी तो वो भी यही करता | मेरे दिमाग में जैसे हुल्घुल सी हुयी और तब उसने कहा तुमाहरे कॉलेज में आने के बाद से ही बंद कर दिया था ये क्यूंकि सच्ची मोहब्बत है तुमसे और इतना कहते ही उसने मुझे किस कर लिया | मेरे होंठों पर उसके होंठों का स्पर्श न जाने कैसे जादू कर गया और मैंने उसे गले लगा लिया और कहा कितनी मोह्हबत तो उसने कहा जान दे सकती हूँ इतनी | फिर मैंने कहा सच और उसे किस कर लिया | उसने भी मुझे किस कर लिया और उसके बाद हम दोनों अपना काबू खोने लगे | मैंने उसके कपडे उतारे और उसने कहा तुम्हे भी बस मेरा शरीर चाहिए मैंने कहा नहीं अपने बच्चों की माँ चाहिए |

उसने कहा अच्छा मुझे तो पता ही नहीं था | मैंने उसको गले लगाया कसके और कहा पहले बता देती तो ये सब नहीं होता और तुम्हे पता कैसे चलेगा मेरा प्यार है ही इतना गहरा | उसने मेरे माथे पर किस किया और पुछा क्यूँ सच बताओ पहले बता देती तो ? उसने कहा कम से कम बुरा नहीं लगता यार | उसने कहा प्यार हमेशा रहेगा न | मैंने उसे लिप तो लिप एक लम्बा किस दिया और कहा हमेशा नहीं हर जनम तक रहेगा | बस दिर क्या था मैंने उसको पकड़ा और पटक दिया बिस्तर पर और वो मुझे ऐसे देखने लगी जैसे उसके लिए ये सब नया हो | मैं उसके पास गया और धीरे धीरे उसके कपडे उतारने लगा | मेरे अन्दर आग लगी हुयी थी क्यूंकि पहली बार एक लड़की के कपडे उतार रहा था और उसको नंगा देखने वाला था | उसके बाद मैंने उसके टॉप और जीन्स दोनों को उतार दिया और उसके ब्रा के ऊपर किस करने लगा और उसके प्यारे से बूब्स को दबाने लगा | उसके बूब्स का साइज़ बिकुल परफेक्ट था और मुझे उन्हें दबाने में बड़ा मज़ा आ रहा था | उसके बाद उसने खुद ही अपनी ब्रा को खोल दिया और कहा ठीक है मेरे बच्चे अपनी मम्मा का दूद्दू पीलो | मैं भी बच्चों की तरह उसके निप्पल्स से चिपक गया और चूस चूस के उसके निप्पल्स को एकदम लाल कर दिया |

वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी और मेरे काबू में थी और वो भी मेरे कपडे उतारने लगी और मुझे नंगा कर दिया | मेरा लंड देखकर उसने कहा वाह मेरे पतिदेव क्या लंड है आपके पास | मैंने भी उसकी पेंटी को उतार दिया और उसकी चूत को चाटने लगा | वो सिस्कारियां भरने लगी और मेरा सिर अपनी चूत में घुसाने लगी | कुछ देर बाद उसने कहा आज पहली बार मेरी चूत मेरी इच्छा से गीली हुयी है |

मैंने उसकी चूत में अपना लंड घुसाया और वो अन्दर तक चला गया | पर उसकी चूत टाइट थी और मुझे अन्दर बहार करने में मज़ा आ रहा था | मैंने पूरा जोर लगते हुए उसकी चुदाई चालू की और वो आन्हे बहरते हुए चुदती रही | चुदाई के समय उसके हिलते हुए बूब्स मेरा जोश बढ़ा रहे थे और मैंने पूरी ताज्कत लगाके उसको तीन धाके मारे और 10 मिनट में ही उसकी चूत के अन्दर झड़ गया | उसने मुझे संभाला और उसके बाद हमने फिर से चुदाई की और उसकी आखिरकार मैंने प्रेगनेंट कर दिया और वो मेरी और मेरे बच्चों दोनों की माँ है |

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