बॉयफ्रेंड की गांड फटने के बाद उसने मेरी गांड फाड़ी

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मेरा नाम रोशनी है मेरी उम्र 28 वर्ष है, मैं बहुत ही सीधी और सिंपल किस्म की लड़की हूं। मैं जल्दी से किसी पर भी भरोसा नहीं करती और मैं ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करती इसीलिए मेरे घर वाले हमेशा ही मुझसे बहुत डरते हैं और कहते हैं कि तुम बिल्कुल ही सीधी हो और तुम अपने फैसले हमेशा ही गलत लेती हो लेकिन उसके बावजूद भी मैं एक अच्छी कंपनी में काम कर रही हूं। मेरे ऑफिस में ही एक लड़का है उसका नाम गगन है, हम दोनों के बीच में बहुत अच्छी दोस्ती है। गगन और मेरी दोस्ती को काफी समय हो चुका है इसलिए हम दोनों अब एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझने लगे हैं। मुझे भी गगन के साथ बात करना अच्छा लगता है इसलिए हम दोनों ही ऑफिस से फ्री होने के बाद कुछ समय साथ में बिताते हैं। मैंने जितना भी समय गगन के साथ बिताया है मुझे बहुत अच्छा लगा और इसीलिए मैंने सोचा कि क्यों ना हम अपनी दोस्ती को आगे रिलेशन का रूप दे।

मैंने एक दिन गगन से अपने दिल की बात कही और उसे कहा कि जब मैं तुमसे बात करती हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है और मैं हमेशा ही तुमसे बात करके बहुत खुश होती हूं। गगन को मेरे नेचर के बारे में भी पता है और उसे यह बात भी भली भांति मालूम है कि मैं ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करती। मैं सिर्फ अपने ही काम से मतलब रखती हूं लेकिन उसके बावजूद भी मैं ऑफिस में सबसे बहुत अच्छे से बात करती हूं। मैं अपने कमरे में रात को सोने से पहले हमेशा ही गगन को फोन करती,  गगन और मेरा रिलेशन आगे बढ़ चुका था। गगन को भी हमारे रिलेशन से कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि वह मेरे साथ बहुत खुश है। जिस दिन मेरी ऑफिस की छुट्टी होती तो उस दिन गगन और मैं कहीं घूमने के लिए चले जाते थे। मैंने यह बात अपने घर वालों को नहीं बताई थी क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मैं अभी अपने घर वालों को यह बात बताऊं। मुझे कुछ समय और चाहिए था इसीलिए मैंने यही उचित समझा कि कुछ समय बाद ही मैं अपने घर पर इस बारे में बात करूंगी।

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गगन और मेरे बीच में अब इतनी ज्यादा बॉन्डिंग हो गई थी कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह पाते थे, मैं हमेशा ही गगन से बात कर के बहुत खुश होती थी। मेरा मूड जिस दिन खराब होता है उस दिन मैं गगन के साथ बात कर लेती तो मेरा मूड अच्छा हो जाता था। हम दोनों का रिलेशन बहुत अच्छे से चल रहा था लेकिन उसी बीच हमारे ऑफिस में एक नई लड़की आई और वह गगन के साथ ज्यादा समय बिताने लगी। मैंने कई बार इस बारे में गगन से बात की, गगन कहता कि मैं तुमसे ही प्यार करता हूं और मैं कभी भी उस लड़की के बारे में नहीं सोचता। मैंने गगन से कहा कि यदि तुम ने मुझे धोखा दिया तो मैं अपने साथ कुछ गलत कर लूंगी। गगन भी इस बात से बहुत डरता था इसीलिए वह हमेशा ही मुझसे हर बात सच सच कह देता लेकिन गगन के दिल में भी अब मेरे लिए पहले जैसा प्यार नहीं था। वह भी उस लड़की की तरफ आकर्षित हो गया और उससे ही बात करने लगा। मुझे भी लगने लगा कि शायद गगन और मेरा रिलेशन ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा इसीलिए एक दिन मैंने गगन को अपने ऑफिस की कैंटीन में बुलाया और उससे बात की। मैंने उसे कहा कि क्या तुम मेरे साथ रिलेशन में रहकर खुश नहीं हो, वह कहने लगा कि ऐसी कोई भी बात नहीं है मैं तुम्हारे साथ बहुत खुश हूं और तुम्हारे साथ ही अपना जीवन बिताना चाहता हूं। मैंने गगन से कहा कि मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करती हूं और तुम्हारे बिना मैं बिल्कुल भी नहीं रह सकती इसलिए मुझे लगा कि मुझे तुम से इस बारे में बात करनी चाहिए। गगन कहने लगा कि तुमने यह बहुत अच्छा किया कि तुमने हमारे रिलेशन के बारे में बात की। मैंने गगन से कहा कि यदि तुम्हें मुझसे कोई भी आपत्ति है तो तुम मुझे खुल कर बोल सकते हो लेकिन मैं तुम्हारे बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकती। गगन ने उस दिन मुझे कह ही दिया कि मुझे नहीं लगता कि शायद मैं तुम्हारे साथ आगे अपना रिलेशन चला पाऊंगा क्योंकि मेरे दिल में अब तुम्हारे लिए पहले जैसा प्यार नहीं है इसलिए मैं शायद अब तुम्हारे साथ रिलेशन नहीं चला सकता।

मुझे उस दिन गगन की बात बहुत बुरी लगी, मैंने अपने रिलेशन में कोई भी कमी नही रखी लेकिन उसके बावजूद भी गगन मुझसे बिल्कुल भी अच्छे से बात नहीं कर रहा है इसलिए मुझे उसकी यह बात बहुत बुरी लगी और मैं कैंटीन से उठकर अपने ऑफिस में चली गई। जब मैं ऑफिस में गई तो मेरा मूड उस दिन बहुत ज्यादा खराब हो गया और मैं ऑफिस से सीधे ही अपने घर चली गई। जब मैं अपने घर गई तो मैं अपने रूम में ही बैठी हुई थी। मेरा मूड बहुत खराब हो गया था, मैंने अपने दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया और सोचा कि मैंने गगन पर इतना भरोसा किया लेकिन उसके बावजूद भी उसने मेरे भरोसे को बहुत ठेस पहुंचाई। गगन उस वक्त मुझे फोन कर रहा था जब मैंने अपने फोन को देखा तो उसने मुझे कम से कम 10 बार कॉल किया। मैंने उसके बाद अपना फोन बंद कर दिया और मैं अपने बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैं गगन की इस बात से बहुत आहत थी इसी वजह से मैंने उस दिन अपना हाथ काट दिया और मेरे हाथ से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा था, जिस वजह से मैं बहुत सीरियस हो गई। काफी देर बाद मुझे मेरे घरवाले अस्पताल ले गए, जब मुझे होश आया तो मैंने देखा कि मेरे माता-पिता मेरे सामने खड़े हैं और उन्होंने उस वक्त मुझसे कुछ नहीं पूछा लेकिन जब मेरी तबीयत थोड़ा ठीक हो गई तो उसके बाद उन्होंने मुझसे इस बारे में पूछा।

मैंने उन्हें कहा कि आप मुझे इस बारे में ना ही पूछे तो ज्यादा अच्छा रहेगा इसीलिए उन्होंने मुझे अब इस बारे में नहीं पूछा। एक दिन गगन मुझे मिला, मैंने अपना ऑफिस भी छोड़ दिया था इसलिए मैं घर पर ही रहती थी। गगन मुझसे मिलने मेरे घर पर ही आया था। वह मुझसे माफी मांगने लगा और कहने लगा कि मेरी वजह से तुम्हें इतनी तकलीफ हुई। मैंने उसे कहा कि मैंने तुम पर इतना भरोसा किया और उसके बाद तुमने मेरे साथ अच्छा नहीं किया यदि तुम मुझसे सच सच कह देते कि तुम किसी और लड़की के साथ रिलेशन में हो तो मुझे शायद इतना बुरा नहीं लगता। गगन मुझे कहने लगा कि मुझे अपनी गलती का एहसास है और मैं तुमसे माफी मांगना चाहता हूं, उसने मुझे सॉरी कहा और कहने लगा कि आज के बाद मैं कभी भी तुम्हारे साथ इस प्रकार की बात नहीं करूंगा। उसने मुझे गले लगा लिया और कहा कि मैं अब तुमसे ही शादी करना चाहता हूं और तुम्हारे साथ ही मैं रिलेशन में रहना चाहता हूं। मुझे यह बात अच्छे से पता थी कि गगन इस बात से डर गया है इसीलिए वह मेरे साथ शादी करने को तैयार हो गया है, नहीं तो वह मुझसे कभी भी शादी नहीं करता क्योंकि वह किसी दूसरी लड़की से प्यार करता है लेकिन उसके बावजूद भी मैं बहुत खुश थी क्योंकि मैं नहीं चाहती कि गगन मुझसे अलग हो। मैं चाहती हूं कि वह मेरे साथ ही रहे। मैं उसे किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहती। गगन ने मुझे गले लगा लिया जब मैं गगन से गले मिली तो उसका लंड मुझसे लग रहा था और मैंने उसके लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और उसके होठों को मैं किस करने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके होठों को किस कर रही थी और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था वह कहने लगा कि तुम जिस प्रकार से मेरे होठों को अपने होठो मे ले रही हो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। वह बहुत ही खुश था जब मैंने उसके लंड को उसकी पैंट के अंदर से बाहर निकाला तो मैंने तुरंत उसे अपने मुंह के अंदर समा लिया और बड़े अच्छे से चूसने लगी। मैंने गगन के लंड को बड़े अच्छे से चूसा काफी देर तक मैंने उसके लंड को सकिंग करती रही उसका पानी बाहर निकल चुका था।

उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया उसने काफी देर तक मेरे स्तनों को दबाया और मेरे होठों को भी चूसा। उसके बाद जब उसने मुझे नंगा किया तो मुझसे बिल्कुल नहीं रहा गया और उसने जैसे ही मेरे दोनों पैर चौड़े किए और अपनी जीभ को मेरी योनि पर लगाया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। उसने मेरी योनि के अंदर अपनी जीभ को डाल दिया और मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ जब मेरी योनि गीली हो गई तो उसने जैसे ही अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मेरी सील टूट गई मुझे बहुत अच्छा लगा जब वह मुझे धक्के दे रहा था। वह कहने लगा कि तुम आज के बाद बिल्कुल भी ऐसा नहीं करोगी और तुमने आज के बाद कभी ऐसा किया तो मैं तुमसे कभी भी बात नहीं करूंगा। उसने बड़ी तेजी से झटके मारे उसने मेरे चूचो को अपने मुंह में ले लिया और अच्छे से चूसने लगा उसने मुझे 15 मिनट तक ऐसे ही झटके मारे उन झटको के बीच में ही ममै झड गई जैसे ही गगन का माल गिरा तो वह मुझे कहने लगा मेरा माल गिर चुका है।  कुछ देर बाद मुझे घोड़ी बना दिया और जब उसने मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत दर्द महसूस होने लगा और मेरी गांड से खून निकलने लगा। मैं उसे कहने लगी तुमने तो अपने लंड को मेरी गांड में डाल दिया है मैंने उसे कहा कि मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है लेकिन उसका लंड मेरी गांड के अंदर जा चुका था। वह अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा कुछ देर बाद उसका वीर्य मेरी गांड के अंदर ही गिर गया। उसके बाद मै उसके साथ बैठी रही लेकिन मेरी गांड में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। मैंने उनसे कहा कि मेरी गांड में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है तुमने मेरी गांड से खून भी निकाल कर रख दिया। वह मुझे कहने लगा कि तुमने तो मेरी गांड मारे बिना ही मेरी गांड से खून निकाल कर रख दिया और मैं डर के मारे कांपने लगा था।

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