भाभी को उसके पति के साथ मिलकर चोदा

हैल्लो दोस्तों, में मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से हूँ और में 25 साल का हूँ. मेरे लंड का आकार पांच इंच है. दोस्तों यह बात आज से करीब एक महीने पहले की है जब फेसबुक पर मुझे एक कपल ने मैसेज किया और कहा कि हम दोनों तुम्हारे साथ मिलकर सेक्स के मज़े लेना चाहते है, लेकिन हाँ यह बात बस हम तीनों के बीच में ही रहनी चाहिए और किसी को कुछ भी पता नहीं चलनी चाहिए. फिर मैंने उनको मैसेज किया और उसके घर का सही पता माँगा, तब मुझे पता चला कि वो भी ग्वालियर शहर के ही रहने वाले थे.

यह बात जानकर में मन ही मन बहुत खुश हुआ और फिर उसने मुझे अपने घर का पता दे दिया और हमारे मिलने का समय भी बता दिया. दोस्तों उस दिन रविवार का दिन था और में सुबह करीब 6.00 बजे ही उसके बताए पते से उसके घर पर पहुंच गया.

मैंने जैसे ही दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया तो एक 35 साल की सुंदर औरत ने दरवाजा खोलकर मेरी तरफ मुस्कुराना शुरू किया. उसने उस समय बिना बाह का सफेद रंग का ब्लाउज पहना हुआ था, उस बड़े गले के ब्लाउज में से उसके बड़े आकार के गोल गोल बूब्स मुझे साफ साफ दिखाई दे रहे थे, क्योंकि उस ब्लाउज का गला कुछ ज्यादा ही बड़ा था और उस वजह से उसके उभरे हुए बूब्स का बहुत सारा हिस्सा नंगा था और उन दोनों बूब्स के बीच की गली मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी और उसके उस पेटीकोट को भी उसने अपनी नाभि के नीचे बंधा हुआ था, जिसकी वजह से उसकी बड़े आकार को गहरी गोल और गोरी नाभि के साथ साथ उसके उस पूरे जिस्म की कपड़ो से बाहर नजर आती और थोड़ी बहुत सुंदरता को देखकर मेरा लंड तो उसी समय पूरा तनकर खड़ा हो गया. दोस्तों मैंने देखा कि उसके होंठ हल्के गुलाबी रसभरे और मोटे थे.

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अब उसने सबसे पहले मुझसे मेरा नाम पूछा और उसके बाद मेरी तरफ मुस्कुराकर उसने मुझे अब अंदर आने को कहा. अब मैंने उससे पूछा कि क्या आपके पति इस समय घर पर नहीं है? तो वो बोली कि हाँ है, लेकिन वो इस समय बाथरूम में नहा रहे है और तभी मुझे उसकी बाथरूम से आवाज़ आई और वो पूछने लगा कि कौन है?

भाभी मेरा नाम बताकर अपने बेडरूम में चली गयी और फिर कुछ देर बाद भाभी ने मुझे आवाज़ लगाकर कहा कि तुम भी अंदर आ जाओ. फिर में बेडरूम में अब उठकर अंदर चला गया और वहां गया तो मैंने देखा कि बाथरूम का दरवाजा पहले से ही खुला हुआ था और अमित उस समय पूरा नंगा होकर खड़ा हुआ था. मैंने देखा कि उसका लंड करीब चार इंच लम्बाई का था और अमित उस समय भाभी के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था भाभी उस समय उसके सामने आधी नंगी होकर खड़ी हुई थी. वो दोनों बड़े मस्त मज़े कर रहे थे और मेरा लंड तो यह मस्त सेक्सी नजारा देखकर तुरंत ही तनकर खड़ा हो गया. वाह क्या मस्त गोरे बड़े आकार के बूब्स थे.

तभी अमित ने मुझे बाहर खड़ा हुआ देखकर मुझसे कहा कि तुम बाहर क्यों खड़े हो. तुम भी अब बाथरूम के अंदर आ जाओ और उसके कहते ही में भी खुश होकर तुरंत ही बाथरूम में चला गया और में भी अब भाभी के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने मसलने लगा. फिर मैंने छूकर महसूस किया कि उनके बूब्स क्या मस्त एकदम रुई जैसे मुलायम थे. में तो अब जैसे बिल्कुल पागल हो चुका था और मैंने उसके बूब्स पर सभी जगह पर किस करना शुरू किया.

उसके बाद में अब उसके तनकर उठे हुए निप्पल को चूसने लगा. तभी अमित ने बिना देर किए मेरे बदन से पूरे कपड़े उतारकर हटा दिए और मेरे गोरे गठीले बदन को देखकर उसने मुझसे कहा कि वाह यार तुम्हारा यह शरीर तो बहुत अच्छा दमदार है और फिर मुझसे इतना कहकर अब उसने मेरे लंड को अपने एक हाथ में ले लिया और फिर उसको वो भाभी को दिखाते हुए कहने लगे देखो इसका कितना बड़ा है.

उसी समय भाभी ने भी मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और वो दोनों मेरे लंड से खेलने लगे. उसको ऊपर नीचे करने लगे हिलाने और सहलाने लगे. फिर मैंने तभी भाभी का पेटीकोट उतार दिया और उसकी गीली पेंटी के अंदर अपना एक हाथ डालकर में उसकी गरम उभरी हुई चूत पर हाथ फेरने लगा और तब मैंने छूकर महसूस किया कि उसकी चूत उस समय पूरी गीली हो चुकी थी और वो बहुत ही चिकनी भी हो गयी थी.

फिर मैंने चूत से सहलाते हुए ही भाभी के गुलाबी होंठो पर एक किस किया और अपने दूसरे हाथ से मैंने उसकी पेंटी को धीरे धीरे करके नीचे उतार दिया और उसके बाद में अपनी एक उंगली को उसकी चूत पर फेरने लगा. तभी अमित ने नीचे बैठकर मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो उसको बड़े मज़े लेकर चूसने लगा. फिर मुझे तो उनके साथ यह सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने फव्वारे को चालू किया, जिसका पानी हम तीनों के नंगे गरम बदन पर बहकर नीचे गिरने लगा और अब में नीचे बैठकर भाभी की चूत को चाटने लगा.

कुछ देर बाद में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से अब भाभी पहले से ज्यादा मदहोश हो चुकी थी और वो जोश में आकर अपने मुहं से आऊऊऊऊ आह्ह्ह्हह्ह ऊईईईइ माँ मर गई की आवाज़ निकालने लगी थी और वो मुझसे कहने लगी हाँ और चाटो ज़ोर से चाटो, हाँ पूरा अंदर तक अपनी जीभ को डालकर चाटो, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, तुम बहुत अच्छा कर रहे हो.

अब अमित भी मेरे लंड को पूरे जोश में आकर चाट रहा था जिसकी वजह से अब में भी बहुत गरम हो चुका था और मेरे मुहं से भी आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ की आवाज़ निकल रही थी. फिर मैंने उससे कहा तुम मेरा पूरा लंड अपने मुहं में डाल लो और अब अमित ने मेरा पूरा लंड अपने मुहं में डालकर चूसना शुरू किया. फिर मैंने भाभी के दोनों हाथों पर साबुन लगाया उसके बाद उसके दोनों बूब्स पर भी मैंने साबुन लगा दिया जिसकी वजह से भाभी के वो दोनों बूब्स बहुत ही चिकने हो गये थे.

उसके बाद मैंने अब अपने दोनों हाथों पर बहुत सारा साबुन लगा लिया और उसके बूब्स को मसलने लगा अपने हाथों को गोल गोल घुमाकर अच्छे से साबुन लगाने लगा था उसके बाद मैंने उसकी नाभि पर भी साबुन लगाया और उस पर अपने हाथ को घुमाने लगा, उसकी नाभि बहुत गहरी बड़ी और मुलायम थी. अब मैंने उसकी नाभि में अपनी एक उंगली को डाल दिया और अपनी ऊँगली को धीरे धीरे अंदर बाहर कुछ देर करने के बाद मैंने अब नीचे आकर उसकी चूत पर भी बहुत सारा साबुन लगाया और उस पर अपनी उंगली को फेरने लगा.

कुछ देर बाद उसकी गोरी गोरी जाँघो पर भी मैंने साबुन लगाया और उसकी वाह क्या मस्त भरी हुई जांघे थी और अब में उसके पूरे बदन पर अपने हाथ को फेरने लगा और मसलने लगा. उसके पूरे बदन को मैंने साबुन के झाग से भर दिया. अब अमित और भाभी वो दोनों मिलकर मेरे बदन पर साबुन लगाने लगे और भाभी मेरी छाती पर साबुन लगाने लगी और अमित मेरे लंड पर साबुन लगा रहा था और साबुन लगाने के साथ साथ भाभी मेरी छाती को भी चूमती जा रही थी.

अब हम तीनों पूरे साबुन और झाग से भरे हुए थे और में भाभी को आगे से अपनी बाहों में लेकर अपना बदन उनके बदन से घिस रहा था और अमित पीछे से भाभी को चिपककर उससे अपना बदन घिस रहा था. भाभी अब बहुत ही कामुक हो चुकी थी और वो मुझसे बोल रही थी कि प्लीज अब मुझसे रहा नहीं जाता. डाल दो अपना पूरा लंड मेरी इस प्यासी चूत में और मुझे जमकर चोदो. मेरी आग को बुझा दो में कब से यह मज़े लेने के लिए तरस रही हूँ.

फिर हम तीनो ने एक दूसरे के ऊपर पानी डालकर साबुन को निकालकर अपना बदन साफ कर लिया और फिर उसके बाद भाभी ने मेरे और अमित के लंड पर तेल लगाना शुरू किया और दोनों लंड को बहुत सारा तेल लगाकर मालिश करके एकदम चमकाकर चिकना कर दिया. फिर अमित ने एक जोरदार धक्का देकर भाभी की गांड में अपना पूरा लंड डाल दिया, उसके दर्द की वजह से भाभी के मुहं से एक जोरदार चीख निकल गयी ऊऊईईईई माँ मर गई.

अमित बेड पर सीधा लेट गया और भाभी उस पर उसका लंड गांड में डालकर सीधी सो गयी और अब मैंने भी एकदम सही मौका समझकर अपना पांच इंच लंबा मोटा लंड भाभी की चूत में डाल दिया. उसके बाद में अपनी तरफ से उनको धक्के मारने लगा था, जिसकी वजह से भाभी अब दो दो लंड के एक साथ मज़े ले रही थी.

फिर में अपने लंड को धीरे धीरे उनकी चूत में अंदर बाहर करने लगा शायद दस मिनट के बाद अमित खड़ा हुआ और अब हम दोनों ने अपना लंड भाभी की चूत में एक साथ डाल दिया, जिसकी वजह से भाभी की चूत तो जैसे फट ही गयी थी वो दर्द से तड़पकर आवाज़ निकाल रही थी आह्ह्हह्ह ऊऊईईईईईईइ माँ मेरी चूत फट जाएगी अब हम दोनों का लंड भाभी की चूत में एक साथ उनको चुदाई के मज़े दे रहा था और थोड़ी ही देर के बाद अमित ने अपना सफेद पानी निकाल दिया. उसके बाद वो ठंडा होकर अपने लंड को बाहर निकालकर दूर हटकर बैठ गया और अब में भाभी के ऊपर चड़कर अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और उसकी चूत में ज़ोर ज़ोर से और बहुत तेज गति से अपने लंड को लगातार अंदर बाहर कर रहा था.

कुछ देर बाद भाभी भी झड़ गयी और वो एकदम शांत हो गयी और उन्होंने मेरा लंड भी अब अपनी चूत से बाहर निकाल दिया और उसके बाद वो मेरा लंड अपने हाथ में लेकर उसकी मुठ मारने लगी और धीरे धीरे उसको सहलाने लगी. फिर उनके कुछ देर मुठ मारने के बाद मैंने भी अपने लंड का बहुत सारा सफेद पानी एक ज़ोर की पिचकारी के साथ बाहर निकाल दिया, जो उसके हाथों में था और अब अमित ने मुझसे कहा कि आज हम तीनों पूरा दिन ऐसे नंगे ही रहेगे.

मैंने कहा कि हाँ ठीक है और उसके बाद अमित ने अपने कपड़े पहनकर बाहर जाकर घर के दरवाजे को बाहर से ताला लगा दिया, जिसको देखकर कोई भी हमें परेशान ना करे उसके बाद वो पीछे के दरवाजे से वापस अंदर आ गया. अब भाभी वैसे नंगे ही किचन में जाकर हमारे लिए चाय बना रही थी. उनको देखकर मेरा लंड तो एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया.

अमित ने मेरे खड़े लंड को देखकर कहा कि यार मुझे लगता है कि तेरा लंड तो चुदाई के नाम का बहुत भूखा लगता है, देखो यह तो फिर से तनकर खड़ा हो गया और फिर अमित ने मुझसे कहा कि यार मुझे कभी कभी अपनी गांड मारने का मन भी होता है, तुम्हारा लंड तो बहुत अच्छा दमदार है मुझे लगता है कि इससे मुझे बड़ा मज़ा आएगा.

फिर मैंने उनको कहा कि हाँ मुझे भी कभी कभी किसी लड़के की गांड मारने का मन होता है और इतने में भाभी हमारे लिए चाय लेकर आ गयी और भाभी सीधी मेरी गोद में आकर बैठ गयी, जिसकी वजह से मेरा तनकर खड़ा लंड अब उसके दोनों कूल्हों के बीच में सेट हो गया और वो चाय बनाने लगी. फिर हम तीनों ने एक साथ में बैठकर चाय पीना शुरू किया और साथ में कुछ नाश्ता भी किया.

उस समय भाभी मेरी गोद में बैठे बैठे ही मुझे खिला रही थी और में अपने एक हाथ से भाभी के बूब्स को दबा भी रहा था. फिर चाय खत्म करने के बाद अब हम तीनो बेड पर नंगे ही लेटकर टीवी देखने लगे. उस समय भाभी हम दोनों के बीच में लेटी हुई थी.

अमित और में उसके दोनों तरफ लेटे हुए थे और हम दोनों उस समय भाभी के गोरे सेक्सी बदन से खेल रहे थे और भाभी हम दोनों के लंड से उस काम को करने के साथ साथ हम तीनों सेक्स बातें भी कर रहे थे. फिर भाभी ने कहा कि मुझे तो किसी का लंड चूसने में और अपनी चूत को चटवाने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है, अब मैंने उनसे कहा कि मुझे तो बूब्स के निप्पल को चूसने में और चूत का रस पीने में बड़ा मज़ा आता है. अब अमित ने कहा कि मुझे बूब्स को दबाने में बड़ा मज़ा आता है, लेकिन मुझे किसी के लंड को देखने में भी बड़ा मज़ा आता है और मेरे उस लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर लेकर उसको चूसने का मन भी करता है.

तभी भाभी ने मुझसे कहा कि अमित और मैंने पिछले कई दिनों से सेक्स नहीं किया था और वैसे उसका लंड अब ठीक तरह से खड़ा ही नहीं होता था, इसलिए हम दोनों को चुदाई का वैसा मज़ा नहीं मिल रहा था और इसलिए हम दोनों ने बैठकर बात करके तुम्हे यहाँ पर हमारे साथ वो मज़े मस्ती करने के लिए बुलाया है, लेकिन आज आप यहाँ पर आए तो झट से अमित का लंड भी तनकर खड़ा हो गया और उसने भी अपने लंड को मेरी चूत में डालकर अपनी तरफ से मुझे मज़े देने की पूरी पूरी कोशिश की है, जिसकी वजह से में बहुत खुश हूँ.

अब में उनकी बातें सुनकर उठकर किचन में जाकर जेम की एक बोतल लेकर आ गया, मैंने अपने हाथ में बहुत सारा जेम लेकर भाभी की चूत पर वो जेम लगा दिया और उसके बाद में उल्टा होकर उनकी जेम लगी चूत को अपनी जीभ से चाटकर चूत के साथ साथ जेम का भी मज़ा लेने लगा था. फिर अमित ने उठकर मेरे लंड पर बहुत सारा जेम लगा दिया उसके बाद अब अमित और भाभी दोनों ही किसी भूखे जानवर की तरह मेरे लंड को चूसने चाटने लगे थे वाह मुझे क्या मस्त मज़ा आ रहा था वो दोनों किसी लोलीपोप की तरह मेरे लंड को लगातार बारी बारी से चूसे जा रहे थे.

फिर कुछ देर बाद में बिल्कुल सीधा लेट गया और अब अमित मेरे लंड को उसकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा था. वो मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर उसके ऊपर धीरे धीरे नीचे बैठने लगा था, लेकिन मेरा मोटा लंड इतने आराम से उसकी गांड में नहीं गया.

भाभी ने अपने हाथ में बहुत सारा तेल ले लिया और उसको उन्होंने मेरे लंड पर लगाकर बिल्कुल चिकना कर दिया और उसके बाद उन्होंने थोड़ा सा तेल लेकर अमित की गांड पर भी उसको लगाकर वैसा ही चिकना कर दिया. अब अमित मेरे सामने एक कुत्ते की तरह बैठ गया और मैंने एक जोरदार धक्का देकर जबरदस्ती अमित की गांड में अपने लंड को डालना शुरू किया. पहले तो मेरे लंड का सिर्फ़ टोपा ही उसकी गांड में गया था, लेकिन फिर उसके बाद मैंने दोबारा ज़ोर का धक्का दे दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया.

दोस्तों अब में अमित की गांड में अपने लंड को धक्के देकर उसकी गांड मार रहा था और भाभी अमित के दोनों पैरों के बीच में लेकर उसका लंड अपने मुहं में लेकर उसको चूस रही थी और अमित मुझसे बोल रहा था आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ वाह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, हाँ पूरा अंदर तक घुसाओ डाल दो पूरा हाँ और तेज तेज धक्के दो तुम बहुत अच्छा कर रहे हो हाँ ऐसे ही करते रहो और थोड़ी ही देर के बाद अब अमित ने अपना पूरा वीर्य भाभी के मुहं में निकाल दिया जो बाहर तक निकलकर बहने लगा था और अब भाभी ने अमित का पूरा लंड चाटकर चमकाने और वीर्य को अपने गले से नीचे गटकने के बाद अपना मुहं भी अब वो साफ करने लगी.

मैंने उसकी निप्पल पर भी जेम लगा दिया और में दोनों बूब्स को भी बारी बारी से चाटकर मज़े लेने लगा. मुझे उसका वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था. फिर मैंने जेम को पूरा चाटकर खत्म करने के बाद अब उसके पूरे बूब्स पर दोबारा जेम लगा दिया और में दोबारा उनको चाटने लगा. उसके बाद मैंने उसकी नाभि पर भी बहुत सारा जेम लगाया और फिर मैंने अब अपना पांच इंच लंबा मोटा लंड भाभी की चूत में डाल दिया. अब भाभी को मैंने बेड पर एकदम सीधा लेटाकर में बेड से नीचे उतरकर खड़ा होकर खड़े खड़े ही धक्के देकर भाभी की चुदाई करने लगा.

मैंने भाभी की दोनों जांघो को अपने हाथों से बड़ी मजबूती से पकड़ रखा था, जिसमें हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था और में लगातार तेज तेज धक्के लगाता रहा और भाभी के मुहं से उन तेज जोरदार धक्को को खाकर आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ माँ यह कैसा चुदाई का दर्द है आईईइ यह तो बड़ा ही मज़ेदार है वाह तुम तो बहुत काम की चीज हो और तुम्हे पूरी तरह से मज़े देकर चुदाई करने की कला का पूरा पूरा ज्ञान है, हाँ ऐसे ही तुम मुझे धक्के देकर चोदते रहो, वाह तुम्हारे इन धक्को का कोई जवाब नहीं है.

अब उसको कुछ देर धक्के देने के बाद में बेड पर सीधा लेट गया और भाभी तुरंत ही मेरे ऊपर चड़कर बैठ गयी. भाभी ने मेरे लंड को अपनी चूत के ठीक निशाने पर रखकर वो लंड पर एक ही बार में बैठ गई, मेरा लंड भाभी की चूत में पूरा गहराई तक पहुंच गया और उसके बाद वो अब लंड को अपनी चूत में लिए हुए ऊपर नीचे होने लगी और मुझे अपना लंड उनकी चूत में अंदर बाहर होता हुआ साफ साफ नजर आ रहा था.

साथ साथ भाभी के उछलने से उनके बूब्स भी उछल रहे थे. दोस्तों शायद बीस मिनट ऊपर नीचे होने के बाद वो अब झड़ चुकी थी और मैंने भी अपना वीर्य उनकी चूत में निकाल दिया था.

भाभी मेरे ऊपर से नीचे उतर गई और वो पूरी पसीने से गीली होकर ज़ोर ज़ोर से सांसे ले रही थी वो मेहनत करने की वजह से बहुत थक चुकी थी और फिर उसके बाद हम तीनों वैसे ही पूरे नंगे ही बेड पर लेट गये, में उस समय भाभी की निप्पल को अपने मुहं में लेकर उनको चूसते चूसते ही ना जाने कब सो गया. मुझे पता ही नहीं चला. फिर हम तीनों शाम के करीब पांच बजे उठ गये और अब मुझे वापस अपने घर भी जाना था इसलिए मैंने उन दोनों से जाने की आज्ञा ली और भाभी उसी समय मेरी बाहों में आकर मेरे होंठो पर किस करने लगी.

उन्होंने मुझे शायद दस मिनट तक लंबा किस किया और उसके बाद वो मुझसे अपनी चुदाई से बहुत खुश होकर उनकी इतनी मस्त मज़ेदार चुदाई करने के लिए धन्यवाद देने लगी. तब मैंने उन दोनों को भी मुझे उनकी सेवा करना का इतना अच्छा मौका देने के लिए धन्यवाद कहा और मैंने उनसे कहा कि आप लोगों के साथ मुझे यह सब करके बहुत अच्छा लगा आपने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और अमित ने मुझसे कहा कि हम लोग फिर किसी दिन एक बार फिर से चुदाई का विचार जरुर बनाएगें तब तुम्हे हम जरुर याद करेंगे, प्लीज तुम हमारे बुलाने पर जरुर आ जाना और में उनको अपनी तरफ से कभी भी बुलाने पर आ जाने की बात कहकर वहां से निकल गया और में कुछ देर बाद अपने घर पहुंचकर उस मजेदार चुदाई के बारे में सोचने लगा.