भाभी को घोड़ी बनाकर चोदा

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मेरा नाम अक्षय है और मेरी उम्र 26 वर्ष है, मैं जयपुर का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी की बहुत ही पुरानी दुकान है इसीलिए मैं और मेरे भैया दुकान में काम करते हैं। मुझे उनके साथ काम करते हुए ज्यादा समय तो नहीं हुआ है लेकिन मेरे बड़े भैया को मेरे पिताजी के साथ काम करते हुए काफी समय हो चुका है इसलिए वह सब कुछ जानते हैं कि किस प्रकार से कौन सा काम कैसे करना है। वह सब को अच्छी तरीके से जानते थे। मैं ज्यादा समय तक दुकान में नहीं रहता था क्योंकि मुझसे दुकान में बिल्कुल भी नहीं बैठा जाता था, मैं सोचता था कि जल्दी से जल्दी मैं दुकान से फ्री हो जाऊँ और उसके बाद मैं घर चला जाऊं लेकिन यह हमारे बहुत पुरानी दुकान है और मेरे पिताजी ने बड़ी मेहनत से इस दुकान का काम आगे बढ़ाया है।

पहले यह दुकान मेरे चाचा के पास थी लेकिन उन्होंने इस दुकान में बहुत ही नुकसान करवा दिया इसी वजह से मेरे पिताजी ने कहा कि मैं यह दुकान संभाल लेता हूं। जब से उन्होंने यह दुकान संभाली तब से मेरे पिताजी ने इस दुकान को बहुत ही बदल कर रख दिया क्योंकि इसमें पहले बिल्कुल भी कोई कस्टमर नहीं आते थे और अब  बहुत ज्यादा कस्टमर हमारी दुकान पर आते हैं इसीलिए हम दोनों भाई और मेरे पिताजी दुकान में रहते हैं और हमने कुछ लड़के भी काम पर रखे हुए हैं। एक दिन हमारी दुकान में मेरे पिताजी के बहुत पुराने मित्र आये, वह कहने लगे कि तुम्हारी दुकान कैसी चल रही है, मेरे पिता जी कहने लगे की दुकान तो अच्छी चल रही है। अब वह बैठकर आपस मे बात कर रहे थे, उसी दौरान उनके मुंह से निकल गया कि क्या आप मोहन के लिए कोई लड़की नही देख रहे हैं, मेरे पिताजी कहने लगे कि हमने तो इसके बारे में सोचा भी नहीं है लेकिन जब उन्होंने मेरे पिताजी के दिमाग में यह बात डाल दी तो उसके बाद वह मेरे भाई के रिश्ते के पीछे ही पड़ गए और कहने लगे कि तुम्हें जल्दी से शादी कर लेनी चाहिए।

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मेरे भैया मना नहीं कर पाये और वह उनके लिए लड़की देखने लगे लेकिन अभी तक कोई भी ऐसी लड़की नहीं मिली थी जो मेरे भैया को पसंद हो या फिर मेरे घर वालों को पसंद आती लेकिन हमारे पड़ोस में रहने वाले अग्रवाल जी ने कहा कि उनकी पहचान में एक लड़की है। जब मेरे पिताजी उनके घर गए तो उन्होंने वह रिश्ता फाइनल कर लिया और उसके बाद मेरे भाई की सगाई हो गई। जिस वक्त मेरे भाई की सगाई हुई उस वक्त वह बहुत ही खुश था और मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी कि मेरे भाई ने सगाई कर ली क्योंकि वह बिल्कुल भी शादी के लिए तैयार नहीं था परंतु मेरी होने वाली भाभी से जब उसकी बातें होने लगी तो उसका पूरा ही मन बदल गया और वह शादी के लिए तैयार हो गया। मेरी भाभी का नाम लता है और कभी कबार मेरे भैया मुझे उनसे मिलवा देते हैं। मैं जब भी उनसे मिलता हूं तो मैं बहुत ही खुश होता हूं क्योंकि उनका नेचर बहुत ही अच्छा लगता है। मेरे भैया भी उनके साथ बहुत खुश हैं और अब धीरे-धीरे शादी का समय भी नजदीक आने लगा था। हम लोगों ने भी बहुत खरीदारी कर ली थी। मेरे भैया मुझे कहने लगे कि तुम्हें मेरे साथ खरीदारी के लिए चलना पड़ेगा, मैं उनके साथ खरीदारी के लिए चला गया और पिताजी ही दुकान का सारा काम देख रहे थे। जब हम लोग बाहर शॉपिंग कर रहे थे उसी वक्त मेरी भाभी भी मुझे दिख गई लेकिन भैया दुकान के अंदर सामान देख रहे थे और मैं फोन पर बात कर रहा था, जब मेरी नजर भाभी पर पड़ी तो वह मुझसे पूछने लगे कि तुम कहां जा रहे हो,  मैंने उन्हें बताया कि मैं भैया के साथ आया हूं और वह शॉपिंग कर रहे हैं। जब मैंने उन्हें भैया के बारे में जानकारी दी तो वह बहुत खुश हो गई और उन्होंने कहा कि मोहन कहां पर है। जब मेरी भाभी भैया से मिली तो दोनों बहुत खुश हो गए और मुझे कहने लगे कि हम लोग कहीं बैठ जाते हैं। अब हम लोग एक पार्क में चले गए और वहीं पर बैठे हुए थे, हम लोग काफी देर तक बात कर रहे थे और उसके बाद भैया ने भी शॉपिंग कर ली।

उन्होंने अपने लिए पूरा सामान ले लिया था और मैंने भी अपने लिए कुछ खरीदारी कर ली थी। जब मैंने अपने लिए खरीदारी की तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा क्योंकि मैं काफी समय बाद कोई नई चीज खरीद रहा था। मैं जब से दुकान में बैठा था उसके बाद से मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिलता था। अब मेरे भैया और भाभी की शादी का समय नजदीक आने वाला था।  वह दोनो फोन पर बात करते थे और कभी-कभार मैं उनके साथ भाभी से मिलने चला जाता था। मैं जब भी अपनी भाभी से मिलता तो मुझे खुशी होती, भैया और उनकी जोड़ी बहुत ही अच्छी लगती है। मुझे भी उन दोनों के साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगता है। जब मेरे भैया की शादी नजदीक आने वाली थी तो हमने शादी की तैयारी कर दी और मेरे पिताजी ने बड़े ही अच्छे से हमारे घर को सजाया था, हमारा घर उस समय बहुत ज्यादा चमक रहा था, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं अपने घर को देख रहा था। हमारे जितने भी रिश्तेदार थे वह सब बहुत खुश थे और हमारे पड़ोस में रहने वाले लोग भी बहुत खुश थे। मैंने भी अपने कुछ दोस्तों को बुलाया हुआ था। जब वह लोग आए तो हम लोगों ने उस दिन जमकर शराब पी और उस दिन मुझे बहुत ज्यादा नशा हो गया। मुझे इतना नशा हो गया कि मैंने गलती से अपनी भाभी को फोन कर दिया और जब उनके फोन पर मेरा फोन गया तो उन्होंने अपने फोन को उठाते हुए कहा कि तुम कहां पर हो, मैंने उन्हें बताया कि मुझे बहुत सारा नशा हो गया है इसलिए मैंने गलती से आपको फोन लगा दिया, वह मुझसे पूछने लगी कि तुम्हारे भैया कहां है, मैंने उन्हें कहा कि वह तो लोगों के साथ बहुत बिजी हैं।

मेरी भाभी का नेचर बहुत ही अच्छा था इसलिए उन्होंने कहा कि चलो तुम अभी फोन रखो और आराम कर लो। मैंने फोन रख दिया लेकिन मैं घर का पूरा काम कर रहा था अब शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थी और मेरे भैया और भाभी की शादी बहुत ही धूमधाम से हुई। अब भाभी भी हमारे घर पर आ चुकी थी और वह घर का सारा काम संभालने लगे। मेरे भैया कहने लगे कि हमे कुछ दिनों के लिए बाहर घूमने जाना है तो तुम पिताजी के साथ अच्छे से काम को संभाल लेना। मैंने उन्हें कहा कि आप निश्चिंत रहिए, आप और भाभी घूम कर आ जाइए उसके बाद ही मैं कहीं बाहर जाऊंगा। मेरे भैया और भाभी दोनों ही लोग विदेश घूमने के लिए चले गए। वह लोग मुझे विदेश से ही फोन करते थे और अपनी फोटो भेज रहे थे। मुझे बहुत खुशी हो रही थी जब वह लोग मुझे अपनी फोटो में भेज रहे थे, मैंने जब उन्हें फोन किया तो वह कहने लगे कि हम लोग तो बहुत ही इंजॉय कर रहे हैं, मैंने उन्हें कहा कि मैं तो यहां पर बोर हो चुका हूं और मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा कि कितने देर तक मैं दुकान पर बैठा रहूंगा।, मेरा समय बिल्कुल भी नहीं कटता। मेरे भैया कहने लगे कि हम लोग दो दिन बाद वापस लौट आएंगे, जब उन्होंने यह बात कहीं तो मुझे बहुत खुशी हुई और दो दिन बाद वापस लौट आए, जब वह वापस लौटे तो मैंने भाभी से पूछा कि आप लोगों का टूर कैसा था, वह कहने लगी कि हमारा टूर तो बहुत अच्छा था। वह मुझे अपनी फोटो दिखा रही थी और बहुत खुश हो रही थी, जिस वक्त वह लोग पहुंचे उस वक्त बहुत ज्यादा रात हो चुकी थी इस वजह से सब लोग सो गए थे। मैं भी अपने कमरे में सोया हुआ था और जब उठा तो मैंने देखा मेरे भैया को दरवाजा खुला हुआ है वह मेरी भाभी को अच्छे से चोद रहे हैं उन्होंने मेरे भाभी के दोनों पैर चौडे कर रखे हैं और उन्हें बड़े ही तेजी से झटके दे रहे थे। जब उनका माल गिर गया वह सो गए और मेरी भाभी कमरे से उठकर बाहर आ गई जब वह बाहर आई तो उन्होंने एक पतली सी मेक्सी पहनी हुई थी। मैं बाहर ही बैठा हुआ था मैंने जब उन्हें देखा तो मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया। उन्हें बड़ी जोर से मैंने दबा दिया उनकी गांड को जैसे ही मैंने दबाया तो वह मुझसे चिपक गई और वह मुझे कहने लगी कि मैं तो तुमसे अपनी चूत कब से मरवाना चाहती थी।

उन्होंने मेरे होठों को किस करना शुरू कर दिया मैं उन्हें अपने कमरे में ले गया जब मैं उन्हें चूम रहा था मुझे बहुत अच्छा लगा था। उन्होंने मेरे पजामे को खोलते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और बहुत देर तक उसे चूसने लगी। वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। काफी देर तक उन्होंने ऐसे ही मेरे लंड को चूसना जारी रखा और उसके बाद मैंने भी उनकी चूत को चाटा तो उससे बहुत ज्यादा तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकल रहा था। मैंने जैसे ही उनकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो उन्होंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिया। मैंने उनकी जांघ को कसकर पकड़ लिया था वह बहुत मोटी हो गोरी थी। मेरा लंड जैसे उनकी योनि के अंदर जाता तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होता। उनकी चूत बहुत टाइट थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उन्हें इस प्रकार से चोदे जा रहा था। वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी वह बहुत तेजी से अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी और मैं भी उन्हें उतनी ही तेजी से चोदे जा रहा था। मैंने अपने लंड को उनकी चूत से निकालते हुए उन्हें घोड़ी बना दिया मैंने जब उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो उन्हें बहुत मजा आने लगा। वह मेरा पूरा साथ देने लगी मैंने भी उन्हें  तेज झटके देने शुरू कर दिए जिससे वह अपनी चूतडो को मुझसे टकरा रही थी और मुझे बहुत आनंद आ रहा था। जैसे ही मेरा माल उनकी योनि के अंदर गया तो वह शांत हो गई और उन्होंने अपनी योनि से मेरे लंड को बाहर निकालते हुए अपनी चूत को साफ कर लिया कुछ देर बाद वह मेरे भैया के रूम में चली गई।

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