भाभी की रोटी का मजा

indian bhabhi हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है, में 22 साल का हूँ। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। फिर कुछ दिनों के बाद मेरे सामने वाले घर में नये किरायेदार रहने को आए, वो सिर्फ़ पति पत्नी ही थे, उनका पति बिजनस के कारण बाहर रहता था। अब में भी अकेला था और वो भी अकेली थी। अब हम दोनों में बातचीत होने लगी थी। फिर एक दिन भाभी ने मुझसे पूछ लिया कि आजकल खाना कैसे बना रहे हो? तो मैंने कहा कि होटल में जाकर आता हूँ। तो वो बोली कि आजकल बाहर का खाना काफ़ी पसंद आ रहा है, क्या बात है? तो मैंने बोला कि क्या करें? घर में कोई बनाने वाली नहीं है तो। फिर तब भाभी बोली कि आज रात रोटी सब्जी में भेज दूँगी। फिर मैंने कहा कि नहीं अगर ऐसा है तो घर पर आकर रोटी बना देना, कच्ची पक्की सब्जी तो में भी बना सकता हूँ। तो भाभी बोली कि नहीं में आकर बना जाऊंगी। तो में खुश हो गया कि इसी बहाने मुझे उसके पास रहने का मौका मिलेगा, लेकिन मैंने सब्जी बाहर से मँगवा ली थी।
फिर रात को 9 बजे भाभी अपना काम करके मेरे लिए रोटी बनाने आ गई। फिर मैंने उसको आटा दे दिया और अंदर वाले कमरे में आकर टी.वी देखने लगा, लेकिन मेरा ध्यान भाभी की तरफ ही था। अब मेरा मन कर रहा था कि भाभी बोले कि आ जाओ और में जल्दी से उसको चोद डालूं, लेकिन डर लगता था। फिर मैंने कुछ देर टी.वी पर इधर उधर देखने के बाद फैशन टी.वी चला दिया, उस टाईम उस पर सेक्सी शो चल रहा था, तो में अंजान बनते हुए उसे देखने लगा और सोचने लगा कि काश भाभी मुझे यह देखते हुए देख ले। अब में भी चोरी से भाभी को देख रहा था कि वो देखती है या नहीं। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी अपने हाथ में रोटी लिए किचन से बाहर आई, तो उसकी नजर टी.वी पर पड़ी और वो काफ़ी देर तक कभी टी.वी, तो कभी मुझे देखती रही और में अंजान बना बैठा रहा।
फिर जब भाभी फिर से किचन में चली गई, तो में टी.वी चालू छोड़कर उठा और किचन में चला गया। फिर मैंने कहा कि भाभी मुझे भी रोटी बनाना सिखा दो ना और उसके पास जाकर खड़ा हो गया। अब मेरी आँखें उसकी मस्त चूचीयों पर लगी हुई थी, उसके बड़े-बड़े बूब्स मस्ती से हिल रहे थे। फिर मैंने कहा कि अरे भाभी आपको तो पसीना आ रहा है। अब मेरी नजर उसके बूब्स पर ही थी। फिर उसने एकदम से अपनी चुन्नी ठीक कर ली और बोली कि शैतान कहीं का। फिर मेरी हिम्मत और बढ़ गई और में थोड़ा सा उसके और पास चला गया और बोला कि भाभी रोटी बनाना सीखाओ ना और आटे को छेड़ने लगा। तो इसी छेड़छाड़ में मेरा हाथ उसके बूब्स पर लग गया तो मैंने एकदम से अपना हाथ पीछे खींच लिया, लेकिन वो कुछ नहीं बोली, तो मेरा लंड खड़ा होने लगा।
अब में आटे के साथ खेलता हुआ उसके और करीब जाने लगा था और इतना करीब की मेरा लंड उसकी मस्त गदराई हुई गांड पर टच हो गया था, लेकिन वो फिर भी कुछ नहीं बोली, तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी। फिर मैंने कहा कि भाभी तुम तो बड़ी सुंदर हो, अजय भैया तुम्हें बहुत खुश रखते होंगे? तो तभी भाभी बोली कि अच्छा, में तुझे सुंदर लगती हूँ, कहाँ से? तो मैंने कहा कि कहाँ-कहाँ से कहूँ? तुम सारी जगह से सुंदर हो। तो तभी भाभी बोली कि मुझे तेरी नजर ठीक नहीं लगती, में तो घर जा रही हूँ। तो मैंने कहा कि अरे भाभी, आप तो नाराज हो रही हो, में तो मज़ाक कर रहा था। अब मेरा लंड अभी भी उसकी गांड को टच कर रहा था और रोड की तरह खड़ा हो रहा था। फिर वो चुपचाप रोटी बनाने लगी और में उसकी कभी गांड, कभी कमर, कभी बूब्स और कभी उसके गोरे-गोरे गालों को देखता जा रहा था। अब धीरे-धीरे मेरा लंड तना जा रहा था।
फिर धीरे-धीरे मैंने अपने एक हाथ से उसके गालों को छुआ और कहा कि भाभी तुम्हारे गाल कितने सुंदर है? तो तब भाभी बोली कि अच्छा और फिर उसने कुछ नहीं कहा, तो मेरी और बढ़ गई थी। फिर मैंने उसकी कमर पर अपना एक हाथ रखकर कहा कि भाभी तुम्हारी कमर कितनी चिकनी और पतली है? तो तभी उसके मुँह से सिसकारी सी निकल गई और में समझ गया कि अब बात बन सकती है। फिर में धीरे से उसके पीछे आ गया और उसकी कमर को पकड़ते हुए अपने लंड को उसकी गांड के बीच की जगह पर रख दिया। फिर मेरे लंड को रखते ही मेरे और उसके मुँह से एक साथ लंबी सी ओह की आवाज निकली और उसने रोटी बनाना छोड़कर आगे से मेरी गांड पकड़ ली। फिर मैंने भी उसको कमर से टाईट पकड़ लिया और उसके गले पर किस करने लगा था। अब वो एकदम मदहोश हुई जा रही थी और इधर मेरे लंड का भी बुरा हाल था।

अब किचन में हम दोनों की सिसकारियाँ गूँज रही थी ऊओह, ऊम्म्म, ऊफफफफफफ्फ। तो तभी भाभी बोली कि अगर कोई आ गया तो क्या होगा? तो मैंने कहा कि कोई नहीं आएगा, तुम चुप रहो, आहह और पास आओ ना। फिर में उसकी शमीज के ऊपर से ही उसके बूब्स प्रेस करते हुए उसे रूम में ले गया और बेड पर पटक दिया। फिर मैंने उसकी लिप किस ली और कम से कम 5 मिनट तक उसको लिप किस करता रहा और उसके बूब्स को सक करने लगा। तो तभी भाभी बोली कि ओाहह बड़ा मज़ा आ रहा है और करो ना, नीचे भी किस करो, उसकी चूत गीली हो चुकी थी, उसने पेंटी नहीं पहन रखी थी। तो मेरी उंगली आसानी से उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में जा रही थी। अब वो बहुत ज़ोर-जोर से आवाजे निकाल रही थी आहह और सक करो, आहह और जोर से। अब वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी। फिर मैंने धीरे-धीरे नीचे की तरफ आते हुए उसकी चूत के ऊपर अपना मुँह रख दिया। फिर उसकी चूत पर अपना मुँह रखते ही वो जोर से चिल्ला उठी आआहह, हमम्म्मममम, चाटो ना जोर से, सस्स्सस्स, आहह और मचलने लगी और अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी थी।
अब उसके ऐसा करने से मेरे लंड में भी सनसनी होने लगी थी। फिर मैंने अपनी पैंट खोली और अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया। अब मेरा लंड तनकर पूरा 90 डिग्री का हो गया था। फिर मैंने अपना लंड उसके हाथों में पकड़ा दिया। तो उसने मेरा लंड पकड़कर सीधा अपने मुँह में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगी। तो मैंने भी धक्के मारने शुरू कर दिए तो तभी अचानक से मेरे लंड से पानी निकलकर उसके मुँह में चला गया और वो मेरा सारा पानी पी गई, लेकिन वो फिर भी मेरे लंड को चूसती रही, जब तक कि वो दुबारा से खड़ा नहीं हो गया। अब इस बीच में भी अपने पैर की उँगलियों से उसकी चूत को रगड़ रहा था और अब उसका भी पानी सा निकल गया था। अब वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर एम्म्म, ऊहहहहह, आह की आवाजें निकाल रही थी और अब मेरा लंड दुबारा से खड़ा हो चुका था।
फिर मैंने उसको उठाकर उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, तो वो ज़ोर से चिल्लाई आहह, अब अपना लंड अंदर डाल दो, अब इंतज़ार नहीं होता है, प्लीज जल्दी करो ना, प्लीज आह। फिर जब मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी। तो वो मेरे लंड को ज़ोर-जोर से आगे पीछे करने लगी और ज़ोर-जोर से मौन करने लगी थी, उसकी चूत पूरी पाव रोटी की तरह फूली हुई थी। फिर मैंने उसे अपना लंड सक करने के लिए बोला, तो उसने मना कर दिया। अब में उसे अपनी ऊँगली से चोद रहा था और वो ज़ोर-जोर से मौन कर रही थी और बोली कि तूने ये क्या कर दिया? अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, जल्दी चोद देना, मेरी चूत में आग लग रही है। अब वो ज़ोर-जोर से हाँफ रही थी, जैसे वो कई मील से दौड़कर आई हो और आहह, एम्म, ओह, आआआआआआअ, डालो ना अंदर की आवाजें निकाल रही थी।
फिर मैंने उसे सीधा लेटाया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया और उसके दोनों पैरों को फैलाया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। फिर जब मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में गया तो तभी वो ज़ोर-जोर से चिल्लाने लगी कि नहीं मुझे छोड़ दो, नहीं, आह, में मर जाउंगी, अपना लंड बाहर निकाल लो, लेकिन मैंने उसे अनसुना करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगाया, तो वो और ज़ोर से चिल्लाई। फिर मैंने उसके लिप पर किस करते हुए उसके मुँह को बंद किया और धक्के लगाता गया। अब वो झटपटा रही थी और अपने बदन को इधर से उधर करने लगी थी। लेकिन में नहीं माना और धक्के पे धक्के लगाता रहा। अब उसकी आँखों से आसूं निकल रहे थे। फिर कुछ देर के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। फिर में कुछ देर के लिए उसके ऊपर ही पड़ा रहा। फिर कुछ देर के बाद वो शांत हुई और मुझे गालियाँ देने लगी, साले तूने यह क्या कर दिया? अपना लंड बाहर निकालो, मुझे नहीं चुदवाना। अब में उसके बूब्स को सक करने लगा था और अपने एक हाथ से उसके बालों और कानों के पास सहलाने लगा था। फिर कुछ देर के बाद मैंने उसके कानों को भी चूमना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से गर्म हो गई।
फिर मैंने धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू किया, तो पहले तो वो चिल्लाई, लेकिन कुछ देर के बाद मैंने पूछा कि मज़ा आ रहा है? तो वो बोली कि हाँ बहुत मज़ा आ रहा है आह, अम्मम्म, ऑश और अब वो बहुत शोर करने लगी थी। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब वो पूरी मस्ती में थी और मस्ती में मौन कर रही थी हाँ, एम्म्म, आआईई और करो, बहुत मजा आ रहा है, हाईईईईई। अब वो इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थी। अब में अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था और वो बोले जा रही थी हाँ राजा ऐसे ही चोदो और जोर से चोदो, आज मेरी चूत को फाड़ दो, आज कुछ भी हो जाए, लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत छोड़ना, आआआआ और ज़ोर से, सस्स्स, हाईई, उउउईईईई माँ, आह, वो ऐसे ही मौन कर रही थी। फिर कुछ देर के बाद मैंने पाया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है। अब वो पानी छोड़ने वाली थी।

अब वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी और अनाप-शनाप बोले जा रही थी हाँ आह और चोदो मेरी चूत को, आज मत छोड़ना, इसका भोसड़ा बना देना और फिर कुछ देर के बाद वो बोली कि आह राज, अब में झड़ने वाली हूँ। अब में भी झड़ने के करीब पहुँच गया था, क्योंकि हम लोग लगातार 15-20 मिनट से चुदाई कर रहे थे। फिर मैंने बोला कि हाँ भाभी, में भी झड़ने वाला हूँ और फिर मैंने उसकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वो कुछ देर के बाद में झड़ गई। अब में भी झड़ने के करीब आ गया था और फिर कुछ देर के बाद में भी झड़ गया। अब उसने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया था। फिर में भी थोड़ी देर तक उसके बूब्स के ऊपर ही पड़ा रहा। फिर कुछ देर के बाद उसने मेरा लंड और मैंने उसकी चूत साफ की। फिर आखरी में भाभी बोली कि तेरे अजय भैया का तो सिर्फ़ 5 इंच का होगा और उनका खेल तो 2 मिनट में ख़त्म हो जाता है, हमारी शादी को 2 साल हुए है और उनके बिजनेस के कारण उन्होंने आज तक मुझे इतनी ख़ुशी नहीं दी है। फिर उसके बाद में हमने 2 बार सेक्स किया और खूब इन्जॉय किया ।।
धन्यवाद

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