भाभी की नमकीन चूत

bhabhi sex stories, desi kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रितेश और मेरी उम्र 28 साल है। में दिल्ली की एक बहुत बड़ी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ और दिल्ली में ही रहता हूँ। दोस्तों में अब तक अपने आसपास की कॉलोनी की मस्त सेक्सी करीब 17 ग्रहणीयों को चोद चुका हूँ और वो सभी मेरी चुदाई से बहुत संतुष्ट है, क्योंकि में चुदाई सिर्फ़ चुदाई के लिए नहीं करता बल्कि पूरी संतुष्टि देना मेरी आदत है। अब में अपनी आज की कहानी को सुनाने से पहले आप सभी सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ, क्योंकि यह आप सभी के प्यार का नतीजा है जो हम जैसे लोगों को अपने मन की बात को कहने का मौका मिलता है और अब आप सभी आगे की बातें सुने,

शीला : हैल्लो।

हैल्लो मेरे प्यारे देवर।

रितेश : हाए भाभी आपकी बातों से पता चलता है कि आप बहुत अच्छी हो।

शीला : तुम बहुत शरारती हो।

रितेश : क्या आप मेरी दोस्त बनेगी?

शीला : हाँ क्यों नहीं? और अपने अभी तक कितनो के साथ सेक्स किया है।

रितेश : भाभी कुछ के साथ, अब मुझे आप अपने बारे में बताए।

शीला : में एक शादीशुदा औरत हूँ और मेरे पति एक व्यापारी है, आप कौन से शहर में रहते हो? मुझे आप अपना भी परिचय दो।

रितेश : में दिल्ली में अकेला ही रहता हूँ और मेरी उम्र 28 साल है, लेकिन मेरी मम्मी पापा पटना में ही रहते है।

दोस्तों मुझे कहानी लिखना, सेक्स की बारे में बातें करना बहुत अच्छा लगता है, में सेक्स को पूजा समझता हूँ और हमेशा अलग तरह से सेक्स करना मुझे बहुत पसंद है।

शीला : आपको सिर्फ़ लिखना और बात करना ही अच्छा लगता या कभी तुमने कुछ किया भी है?

रितेश : हाँ मैंने बहुत कुछ किया है ना।

शीला : किस किसके साथ?

रितेश : करीब आठ ग्रहणियों के साथ, जो मेरी कॉलोनी के आसपास की रहने वाली है उनके साथ मैंने बहुत कुछ किया है, लेकिन मेरा सबसे अच्छा अनुभव अरोड़ा आंटी के साथ रहा और आपका पूरा परिवार कहाँ रहता है।

शीला : हम दोनों यहाँ पर रहते है, हमारा बाकी परिवार हमारे गाँव जो जयपुर के पास है वहां रहता है।

रितेश : क्या आप दिल्ली में रहती है?

शीला : नहीं में तमिलनाडु में रहती हूँ।

रितेश : भाभी देखिए सेक्स करना तो रोज का काम है, लेकिन 20 से 40 साल की उम्र की बात अलग है, जब आप सेक्स की पूरी मस्ती मज़े ले सकती है।

शीला : मेरी उम्र इस समय 26 साल है।

रितेश : कामसूत्र में सेक्स की 120 कलाए लिखी है, मतलब आप 120 आसन से सेक्स कर सकती है।

शीला : कला कोई भी हो मज़ा तो सभी में बहुत आता है।

रितेश : वैसे आज के पति सिर्फ़ अपनी पत्नी को पूरा नंगा करके उसको चोदकर हट जाते है।

शीला : ऐसे नहीं होना चाहिए पहले चुदाई का मौसम बनाना पड़ता है।

रितेश : भाभी एक बार मेरे पास एक औरत का फोन आया और कुछ दिनों तक वो मुझसे फोन पर बात करती रही, फिर एक दिन उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया।

शीला : क्या आपने उसको चोदा?

रितेश : जब में गया उनसे मिला, तब वो मुझसे कहने लगी कि उनके पति रात में आते है और फिर उनसे मीठी मीठी बातें करते है अपना हाथ इधर उधर डालते है और उसके बाद वो कपड़े खोलकर चोदना शुरू करते है और पांच मिनट के बाद सब कुछ खत्म उसके बाद वो थककर सो जाते है।

फिर वो मुझसे कहने लगी कि कभी कभी तो औरत यह सब सहन कर लेती है, लेकिन अगर आपको मस्ती लेना है तो इससे क्या होगा?

रितेश : भाभी यह ठीक नहीं है और वैसे आपके पति सप्ताह में आपको कितनी बार चोदते है?

शीला : हर रात को दो बार, क्यों आपने बताया नहीं देवर जी कि मौका मिले तो हमे अपनी भाभी की जगह दोगे या नहीं?

रितेश : भाभी आप यह क्या बात करती है? आप जब बोले में आपके लिए हाज़िर हूँ, लेकिन आप तो बहुत दूर रहती है और में दिल्ली में रहता हूँ।

शीला : आपको धन्यवाद।

रितेश : क्या आप कभी दिल्ली आएगी?

शीला : मेरा वहां पर आने का कभी काम नहीं पड़ा।

रितेश : वैसे चेन्नई से दिल्ली कितनी दूरी पर है?

शीला : ज्यादा दूर नहीं पास ही है।

रितेश : ठीक है, अगर में चेन्नई आ जाऊँ तो क्या आप भी आ सकती है?

शीला : नहीं में एक ग्रहणी हूँ हमारी कई सीमाए है।

शीला : आप मुझे ऑनलाइन चेटिंग से ही चोदकर शांत कर दीजिए।

रितेश : हाँ ठीक है, क्या अभी शुरू करे?

शीला : हाँ ठीक है, मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है।

रितेश : भाभी अभी आपने क्या कपड़े पहने है?

शीला : काले रंग की पेंटी उसी रंग की ब्रा और मेहरून रंग की साड़ी।

रितेश : अब आप मान लीजिए कि आप इस समय घर में बिल्कुल अकेली है, आप भाभी जैसा महसूस करे और में आपके देवर जैसा महसूस करता हूँ।

शीला : हाँ ठीक है।

रितेश : भाभी आज आप बहुत सुंदर लग रही है क्यों भैया कहाँ गये?

शीला : वो इस समय ऑफिस गए है और शाम से पहले नहीं आएँगे।

रितेश : भाभी आप क्या कर रही हो?

शीला : मेरे प्यारे देवरजी मैंने अभी नहाकर कपड़े पहने है।

रितेश : भाभी इस मेहरून रंग की साड़ी में तो आप एकदम कातिल लग रही है, मेरा मन करता है कि इस साड़ी को उतारकर फेंक दूँ।

शीला : यह आपकी इच्छा है, लेकिन साड़ी उतारकर आपका क्या करने का इरादा है? तुम्हारी पेंट आगे से क्यों तनी हुई है?

रितेश : भाभी इसमे एक बॉम्ब है जो पूरा 6 इंच लंबा मोटा भी बहुत है।

शीला : देवरजी आप बड़े शरारती होते जा रहे हो।

रितेश : भाभी आइए ना में आपके होंठो को चूस लूँ। आज में आपको भैया से ज्यादा मज़ा दूँगा।

शीला : मुझे लगता है कि आज तुम मनोगे नहीं।

रितेश : आपकी इस मदमस्त जवानी इस साड़ी के अंदर तड़प रही है और मेरा यह छोटा सा लंड कैसे मान सकता है? भाभी क्या आप जानती है कि में आपको कैसे चोदना चाहता हूँ?

शीला : नहीं में नहीं जानती मेरे देवर राजा।

रितेश : देखिए ऐसे अहह में आपके होंठो को चूसकर इन्हें पूरा लाल कर दूँगा।

शीला : आह्ह तुम्हारा यह चुम्मा बड़ा ही सेक्सी है।

रितेश : भाभी फिर में आपके एक बूब्स को ऐसे चूसकर सस्स्स्स्स्स्स्शह कसकर अहह और फिर भाभी दूसरे वाले बूब्स के मज़े लूँगा, उसके बाद आपके पल्लू को सरकाकर साड़ी को अलग कर दूँगा, वाह भाभी आपका यह पेटीकोट और ब्लाउज बहुत मस्त है, इसमे तो आप सेक्सी बॉम्ब लग रही है। फिर में आपके ब्लाउज के ऊपर से दोनों निप्पल को मसलूंगा, वाह यह सब क्या मस्त मज़ेदार है?

शीला : उफफ्फ्फ्फ़ मुझे यह क्या हो रहा है देवरजी?

रितेश : जो हो रहा है होने दो, भाभी जी कहाँ नीचे खुजली हो रही है? आह्ह्हह्ह भाभी आपका ब्लाउज इतना टाइट क्यों है? लगता है बूब्स अब इससे बाहर निकल जाएगें।

शीला : टाइट है तो उतार दो।

रितेश : हाँ हाँ भाभी उतारू क्यों, में इसको फाड़ ही देता हूँ ना? यह लो छर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रर यह हुआ आपका ब्लाउज गायब, वाह यह आपकी काली जालीदार ब्रा बड़ी मस्त है और यह आपके पेटिकोट के नाड़े को भी मैंने ऐसे खींच दिया। वाह मज़ा आ गया इस ब्रा और पेंटी में आप बिल्कुल कातिल लग रही है कातिल भाभी।

शीला : अरे देवरजी आप यह क्या कर रहे हो?

रितेश : भाभी जी कुछ नहीं बस आपको में नंगा कर रहा हूँ, मेरी प्यारी भाभी क्या आप एक काम करोगी?

शीला : हमे अब बड़ी शरम आ रही है।

रितेश : इतना शरमाओ मत भाभी मुझे अपना पति ही समझो क्या आप भैया के साथ भी शरमाती हो?

शीला : नहीं वो बड़े बेशरम है।

रितेश : क्यों वो ऐसा क्या करते है? वो आपको पूरा नंगा करके आपकी चुदाई करते होंगे, बस यही तो और यह तो हर एक पति अपनी बीबी के साथ करता है।

शीला : वो चुदाई करके मेरी हालत एकदम खराब कर देते है।

रितेश : लेकिन भाभी आपको उनके साथ चुदाई के समय मज़ा भी तो आता है ना?

शीला : हाँ वो तो मुझे बहुत आता है।

रितेश : भाभी यह देखो ना आपके प्यारे देवर का लंड पेंट के नीचे कैसे तन गया है?

शीला : यह तो सब तुम्हारी शरारतो का नतीजा है।

रितेश : आपकी अदा ही ऐसी है भाभी में क्या करूं? अब तो आप प्लीज मेरे इस लंड को पेंट से बाहर निकाल दो।

शीला : तुमने मुझे ब्रा पेंटी में कर दिया है, इसलिए मुझे अब बड़ी शरम आ रही है तुम दोनों भाई एक जैसे हो तुम बड़े ही शरारती हो।

रितेश : भाभी आप मेरी पेंट से इस लंबे भाई साहब को बाहर निकालो और में आपकी पेंटी से प्यारी बहन जी को बाहर निकालता हूँ।

शीला : नहीं मुझसे यह नहीं निकलेगा, जैसे आपने मेरे कपड़े उतारे है ठीक वैसे ही अपने भी आपको ही उतारने होंगे।

रितेश : उम्म्म।

शीला : अह्ह्ह तुमने यह क्या कर दिया? मेरी चूत में अब बहुत अजीब सी खुजली चलने लगी है।

रितेश : भाभी आप भी ऐसी बातें करती हो, यह लो में अपनी पेंट की चेन को खोलता हूँ वाह भाभी देखो तो कैसे ऐठ गया है भाभी आप इसको थोड़ा और बेचैन रहने दो में तब तक आपकी पेंटी के अंदर का मुआयना करता हूँ म्‍म्म्ममम ठीक है भाभी आईईईईई क्या हुआ?

शीला : आप मेरी चूत को ऐसे मत सहलाओ मुझे बड़ी गुदगुदी होती है।

रितेश : ठीक है भाभी जैसी आपकी मर्ज़ी में इसको अब सहलाना बंद करके, इसको चाटूँगा यह लो अब में आपकी पेंटी के अंदर हाथ डालता हूँ यह लो और नीचे दबाता हूँ, भाभी अब मैंने आपकी पेंटी को नीचे उतार दिया है वाह भाभी आपकी चूत तो बिल्कुल गुलाबी ब्रेड की तरह है एकदम चिकनी उठी हुई है, वाह भाभी बड़े आश्चर्य की बात है इसको इतने दिनों तक चुदवाने के बाद भी इसको देखकर लगता है कि यह चूत नहीं मज़ेदार चूत है।

शीला : देवरजी तुम्हारा यह लंड इतना टाइट क्यों हो रहा है?

रितेश : भाभी आप वो हर एक बात अच्छी तरह से जानती है।

शीला : मुझे लगता है कि आज तुम मुझे चोदे बिना नहीं छोड़ोगे।

रितेश : बिल्कुल नहीं भाभी आज में चूत नहीं आपकी गांड भी मारूंगा क्या आप जानती है कि इन दोनों में क्या अंतर होता है?

शीला : नहीं तुम्हारे भाया तो बस मेरी चूत ही चोदते है।

रितेश : अब आप मेरी एक शायरी सुनो, “चूत चुदे बार बार गांड लाइफ में बस एक बार”

शीला : देवरजी तुम बड़े शरारती हो गये हो।

रितेश : यानी भाभी गांड उसको कहते है जो पहली बार चुदाई जाए और चूत उसको कहते है जो बार बार चुदाई जाए भैया आपको बार बार चोदते है, लेकिन आपकी गांड जस की तस है बिल्कुल नयी बिल्कुल ताज़ी, भाभी क्या इसको अब तक किसी ने नहीं छुआ? में इसको एक बार छूकर देख लूँ अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो तो?

शीला : मुझे लगता है कि तुम मनोगे नहीं।

रितेश : प्लीज बुरा मत मामना भाभी दिल है कि मानता नहीं भाभी, अब तुम बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी हो तुम बड़ी मस्त हो।

शीला : तुम दोनों भाई हो ही ऐसे अपनी मन की कर ही डालते हो।

रितेश : तुम्हारे सुडौल बूब्स चिकने पेट केले जैसे पैर दोनों पैर के बीच छुपी हुई यह खाई चिकनी और पतले रास्ते और उसके अंदर की गहराई।

शीला : प्लीज मुझे हाथ मत लगाओ मुझे अब शरम आ रही है देवरजी।

रितेश : एक लंबी सी नदी भाभी शरमाने की क्या बात है? आज में इस नदी के जल से अपनी प्यास बुझाऊंगा प्लीज भाभी मुझे बड़ी प्यास लगी है, आप ऐसा मत करना अगर इसका पानी सूख जाएगा तो में इसको और अंदर तक खोदूँगा, भाभी प्लीज हाँ कर दो हाँ कर दो, भाभी प्लीज।

शीला : में ना भी कर दूँ तो भी तुम नहीं मानोगे।

रितेश : धन्यवाद भाभी अब में आपको मेरी तरफ से यकीन दिलाता हूँ कि में भैया से भी अच्छी चुदाई करूंगा, लेकिन भाभी पहले थोड़ा सा पानी पीते है ठीक है भाभी?

शीला : हाँ ठीक है।

रितेश : तुम अब सोफे पर बैठ जाओ और अपने दोनों पैरो को थोड़ा अलग करो और फैलाओ वाह आपकी चूत का क्या मस्त नजारा है और अब भाभी यह लो मेरी जीभ आपकी चूत के ऊपर भाभी यह बड़ी नमकीन है।

शीला : यह यह क्या कर रहे हो?

रितेश : भाभी में तुम्हारी नमकीन चूत को अब अपनी जीभ से चाट रहा हूँ और थोड़ा अंदर आहहहह डाल रहा हूँ वाह भाभी अब आप थोड़ा सा घूम जाओ में अब पीछे से भी चाटूँगा।

शीला : उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है देवरजी।

रितेश : मुझे भी भाभी मज़ा आ रहा है यह लो में अपनी जीभ को थोड़ा और अंदर डाल देता हूँ क्यों अब आपको कैसा अलग रहा है?

शीला : आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ तुमने भाभी की चूत में आग लगा दी है, में अब क्या करूं?

रितेश : दोनों पैरों को सोफा के ऊपर करो, हाँ हाँ ऐसे ही अब देखो और मज़ा करो। में इस आग को आज बुझा दूंगा, पहले पानी तो पी लूँ आह्ह्ह यह अंदर अंदर अंदर जीभ गई, वाह क्या मस्त चूत है? चूत नहीं मजेदार चूत है इसका दाना बहुत नमकीन है भाभी अपने दोनों हाथों से आप मेरे लंड को पकड़ो मसलो इसको, अब इसकी बारी है, तुम लंड को मसलो में तुम्हारे बूब्स को मसलता हूँ।

शीला : वाह यह इतना गरम क्यों है?

रितेश : भाभी यह तड़प रहा है यह एक आग का गोला है इसको बहुत आगे तक जाना है आग के दरिया में भाभी आज तो इस घर में अग्नि वर्षा होगी।

शीला : हाँ बूब्स को और चूत को मसल मसलकर क्यों रितेश तुम आग लगा रहे हो?

रितेश : हाँ में यह तेरे बूब्स को मसल मसलकर बहुत मज़ा दूंगा भाभी में इसको बहुत मसलूंगा, हाँ ऐसे ऊपर की तरफ उठाकर फिर दबाकर भाभी एक काम करो चुदाई के पहले थोड़ा लंड को टेस्ट तो करो।

शीला : आह्ह देवरजी तुमने मेरे मुहं में यह क्या डाल दिया?

रितेश : हाँ तुम इस गरम सरिये को थोड़ा चूसो और इसको गरम करो इसके गोले को चूसो हाँ आह्ह्ह्ह ऐसे ही वाकई भाभी आप तो बड़ी सेक्सी है, अब इसको ज़ोर ज़ोर से चूसो हाँ थोड़ा और ज़ोर से चूसो।

शीला : तुम्हारा लंड भी तुम्हारे भाई के जैसा हाथी के लोड़े जैसा है।

रितेश : तुम इस पर अपनी जीभ को घूमा घूमाकर चूसो, इसको हाथी का लंड नहीं घोड़े का लंड कहो भाभी घोड़े का लंड अहह्ह्ह्ह तुम बड़ी सेक्सी हो मस्त सेक्सी भाभी हाँ ऐसे ही लगी रहो चाटो और चाटो आह्ह्ह्ह हाँ आहह्ह्ह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है भाभी।

शीला : उह्ह्हह्ह इसे तुम इतना अंदर मत डालो यह मेरे गले में लगता है देवरजी प्लीज मान जाओ ना।

रितेश : अरे जाने दो भाभी कुछ नहीं होगा जहाँ छेद है जाने दो क्यों कैसा स्वाद लग रहा है भाभी जी।

शीला : बहुत मस्त मज़ेदार।

रितेश : भाभी अब आपकी चूत में क्या हो रहा है? बोलो बोलो ना भाभी क्या खुजली हो रही है?

शीला : आह्ह्ह्ह ऊईईईइ बड़ी आग लग रही है, प्लीज अब थोड़ा अंदर डालो ना।

रितेश : नहीं नहीं में अभी नहीं डालूँगा।

शीला : प्लीज डाल दो ना आप मेरे प्यारे देवर हो।

रितेश : नहीं नहीं भाभी में बस एक शर्त पर ही डालूँगा आप बोलो तो बताऊँ या होने दूँ खुजली?

शीला : उफ्फ्फ्फ़ स्सीईईईईईईई नहीं मुझे तुम्हारी हर एक शर्त मंजूर है तुम मेरी जान ले लो, लेकिन आज इसको प्लीज अंदर डालो।

रितेश : आप सबसे पहले मेरी वो शर्त सुनो।

शीला : नहीं मुझे कुछ भी नहीं सुनना, मुझे सब कुछ मंजूर है।

रितेश : तुम्हारी छोटी बहन बड़ी अच्छी लगती है और वो मस्त भी है तुम उसको मेरे लिए तैयार कर सकती हो, उसके बाद फिर हम तुम और रिया तीनों मिलकर मस्त मस्ती करेंगे।

शीला : नहीं देवरजी, वो अभी कुंवारी है।

रितेश : सोच लो भाभी सच में आपको भी बड़ी मस्ती मज़ा आएगा।

शीला : हाँ, लेकिन तुम्हे उसके साथ शादी भी करनी पड़ेगी।

रितेश : वो तुम्हारी चूत चाटेगी में उसकी चूत को चाटूंगा और फिर जब में तुम्हारी चूत को चाटूंगा वो तुम्हारे बूब्स को मसलेगी बोलो कैसा रहेगा? अभी तो हमे बहुत मस्ती मज़े करने है बोलो क्या यह शर्त मंजूर है तुम्हे?

शीला : कुछ समझो मेरे देवर राजा, मान जाओ।

रितेश : नहीं नहीं बोलो पहले हाँ फिर उसके आगे।

शीला : हाँ, लेकिन सिर्फ़ एक बार बाद में ज़िद नहीं करना।

रितेश : हाँ ठीक है मुझे मंजूर है वाह भाभी तुम बहुत अच्छी हो, भाभी अब इसको छोड़ो आज़ाद करो मेरे लंड को अपने इन हाथों से जाने दो इसे अपनी जगह पर।

शीला : हाँ अब तो शुरू करो।

रितेश : यह मेरा टोपा तुम्हारी चूत के मुहं पर आह्ह्ह्हह बड़ी हॉट भाभी तुम्हारी चूत बहुत गरम है, यह जा रहा है अंदर एक दो तीन इंच यह गया, आह्ह्ह उूउह्ह्ह्ह वाह भाभी तुम्हारी चूत तो बहुत कसी है।

शीला : प्लीज थोड़ा धीरे से डालो ना।

रितेश : भाभी मेरा 6 इंच का लंड अब तुम्हारी चूत के अंदर है, तुम इसको महसूस करो और अब में धीरे से बाहर करूंगा। अब थोड़ा सा भाभी तेरी चूत को गाली देने का मन कर रहा है क्या में गाली दूँ? तुम बुरा तो नहीं मनोगी बोलो भाभी बोलो ना।

शीला : उफ्फ्फ्फ़ तुमने अपना पूरा अंदर डाल दिया है अब प्लीज थोड़ा धीरे करो।

रितेश : भाभी में इस चूत को आज फाड़ डालूँगा चलो धीरे ही सही पर डालूँगा दम लगाकर।

शीला : आह्ह्ह्ह यह क्या कर रहे हो ऊईईईई आहह्ह्ह में मर गई आईईईईईईई मेरी चूत फट गई प्लीज धीरे धीरे करो ना डियर देवर जी आहहह्ह्ह मार डाला रे और डालो और डालो।

रितेश : हाँ लो मेरी प्यारी भाभी मेरी सुंदर चूत वाली भाभी यह लो अपनी गीली चूत की खातिर अपने चिकनी चूत की खातिर भाभी यह लो जा रहा है अंदर।

शीला : वाह उफफ्फ्फ्फ़ तुम तो बड़ा ही मस्त मज़ा देकर चोद रहे हो।

रितेश : वाह क्या मस्त मज़ा है धन्यवाद, भाभी भैया से यह अच्छी तरह चुदी है या नहीं? क्या में चुदाई चलने दूँ? भाभी बोलो भाभी कैसा लग रहा है, भाभी आप इतना चिल्ला क्यों रही हो?

शीला : आह्ह्हह्ह जान मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, फाड़ दो अपनी शीला की चूत को अपने बड़े लंड से।

रितेश : हिला हिलाकर फाड़ूँगा दम लगाकर फाड़ूँगा।

शीला : अब लगाओ तेज धक्के इस शीला की चूत में मेरे देवरजी।

रितेश : यह लंड तेरे देवर का नहीं, अब अपना ही समझना जैसे अपनी भाभी की चूत को मैंने अपना समझा लिया है, भाभी और अंदर डालूं क्या? वाह बहुत अच्छे भाभी तुम्हारे बूब्स बड़े मस्त है तुम्हारा यह अंदाज़ भी बहुत अच्छा है, हाँ और ज़ोर से भाभी अपनी गांड को तुम ऐसे ही ऊपर उठाओ।

शीला : आह्ह्ह्ह अब तो देवरजी आपसे मुझे हर रोज ही चुदवाना पड़ेगा। आप तो अपने भाई से भी आह्ह्ह अच्छा चोदते हो यह लो और उठा दिया।

रितेश : हाँ भाभी रोज में आपको हर रोज चोदूंगा, में आपकी इस चिकनी चूत में अपने लंड को डालूंगा।

शीला : उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह अब तो तुम जैसा भी मुझसे बोलोगे में वैसा ही करूँगी।

रितेश : आपको धन्यवाद भाभी आह्ह्ह्ह भाभी देखो ना मेरे इस लंड के अंदर कुछ हो रहा है।

शीला : डार्लिंग तुम सच सच बताओ तुम्हे मेरी चुदाई करना कैसा लग रहा है?

रितेश : मुझे लगता है कि मेरा लंड स्वर्ग में जा रहा है मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है आह्ह्ह्हह भाभी मुझे लगता है कि कुछ कुछ निकलने वाला है, में कहाँ डालूं इसे, चूत में या बाहर निकालूं?

शीला : नहीं अभी तो चुदाई चलने दो मेरे राजा।

रितेश : अह्ह्ह्ह नहीं अब तो यह निकलने वाला है, यह निकला यह निकला यह लो आपकी चूत के अंदर मेरा पूरा वीर्य गया।

शीला : उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह।

रितेश : भाभी में अब बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ। मुझे आपकी चूत को चोदकर बड़ा मज़ा आया।

शीला : आह्ह्ह्ह मेरी चूत में यह गरम गरम क्या गिर रहा है?

रितेश : यह गरम गरम पानी तेरी चूत की आग बुझाने के लिए है, तुम बहुत सेक्सी हो शीला भाभी।

शीला : धन्यवाद।

रितेश : क्यों शीला भाभी तुम्हे कैसा लगा मेरी इस चुदाई से?

शीला : आपके लंड का अब क्या हाल है मुझे सच सच बताना?

रितेश : यह अब धीरे धीरे छोटा हो रहा है, अब आप सच बताना प्लीज शरमाना मत या मुझसे झूठ मत बोलना, क्या आप मेरी इस चुदाई से संतुष्ट हुई या नहीं?

शीला : हाँ में बहुत खुश हूँ और पूरी तरह से संतुष्ट भी हूँ।

रितेश : धन्यवाद मुझे नहीं पता कि आप शीला भाभी झूठ या सच बोल रही है?

शीला : हाँ मेरे चुदक्कड़ देवर में बहुत खुश हूँ।

रितेश : धन्यवाद मेरी चुदक्कड़ भाभी।

शीला : क्या हमें दोबारा से कोई अच्छा मौका मिलेगा तो हम चुदाई करेगे या नहीं, आप मुझे यह बात अब एकदम सही बिल्कुल सच बताना।

रितेश : हाँ जरुर, लेकिन आप तो इतना दूर रहती है। में बस चेन्नई तक ही आ सकता हूँ या आप ही दिल्ली आ जाओ तो ऐसा करना मुमकिन हो सकता है।

शीला : हाँ हो सकता है कभी खुदा ने चाहा तो हम आपसे दोबारा मन से अपनी चुदाई के मज़े लेंगे।

रितेश : में आपका स्वागत करता हूँ शीला भाभी।

शीला : क्यों आप भी मन से मेरी चुदाई करोगे ना मेरे प्यारे देवरजी?

रितेश : हाँ भाभी बिल्कुल में तो कामसूत्र से स्पेशल स्टाइल में आपकी चुदाई करूंगा, जिसकी वजह से आपको अच्छी चुदाई का मज़ा आना चाहिए और बहुत जमकर मज़ा आना चाहिए।

शीला : धन्यवाद।

रितेश : क्या आपकी कोई संतान है भाभी?

शीला : नहीं।

रितेश : आपकी शादी कितने दिन पहले हुई थी?

शीला : यही कोई ढाई साल पहले।

रितेश : आपकी यह शादीशुदा जिंदगी कैसी है, क्या आपको आपके पति समय देते है? भाभी प्लीज आप मुझसे बिल्कुल भी झूठ मत बोलना सच बोलना।

शीला : पूरे दिन में घर में अकेली रहती हूँ अकेले रहने से मेरा समय नहीं कटता।

रितेश : तो दिन भर आप इसके अलावा और क्या करती है?

शीला : बस में टीवी देखती हूँ।

रितेश : भाभी क्या हुआ आप मुझसे शरमा रही हो, प्लीज मत शरमाओ और आप मुझसे पूरी तरह से खुलकर बोलो यदि तुम वास्तव में मुझे अपना समझती हो तो। एक और बात क्या आपने अपने पति के अलावा किसी और से भी कभी कोई सेक्स संबंध बनाया है?

शीला : में टीवी देखती हूँ और सेक्सी कहानियों को पढ़ती हूँ, हाँ मैंने अपने पड़ोसी रजत से।

रितेश : भाभी एक बात कहूँ आप उसका बुरा तो नहीं मनोगी?

शीला : नहीं मेरे प्यारे देवरजी जब आपसे मैंने अपनी चूत को चुदवा ही लिया तो अब तुम्हारा क्या बुरा मानना? और तुम भी सही सही बताना मुझे चोदना तुम्हे कैसा लगा?

रितेश : भाभी क्या में सच सच बताऊँ?

शीला : हाँ मेरे प्यारे देवरजी।

रितेश : तुम बहुत अच्छी हो और तुम्हारे साथ सेक्स करने में मुझे बड़ा ही मज़ा आया।

शीला : क्यों अगर तुम्हे मौका मिला तो तुम अपनी शीला भाभी को कितनी बार चुदाई का मज़ा दोगे?

रितेश : लेकिन में आपसे एक बात कहूँगा कि आप हो बड़ा सेक्सी माल, इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया।

दोस्तों यह थी मेरी भाभी के साथ चेटिंग और चुदाई। मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालो को यह जरुर पसंद आई होगी ।।

धन्यवाद …

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