भाभी और उसकी बेटी की चुदाई

desi bhabhi हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राकेश है, में हिमाचल प्रदेश के एक शहर में रहता हूँ। दोस्तों जो कहानी में आज आपको बताने जा रहा हूँ, वो 2 महीने पहले घटी थी। हमारे पड़ोस में एक आंटी रहती है, उनके पति सेना में होने के कारण वो बाहर ही रहते है। उस आंटी का नाम सुजाता है, वो एकदम सेक्सी है। आंटी के एक छोटी लड़की है जिसकी उम्र 18 साल है, वो स्कूल जाती है, उसका नाम परी है। दरअसल में उनके घर अक्सर आता जाता रहता था। अब इसी बीच हमारा एक दूसरे में रूचि बढ़ गई थी और अब हम बहुत चुदाई करने लगे थे। फिर ऐसे ही एक दिन चुदाई करते समय कब परी स्कूल से घर चली आई। हमें पता ही नहीं चला था कि अब उसने हम दोनों को चुदाई करते देख लिया था। अब उसको देखते ही में और सुजाता डर गये थे। अब मेरा लंड झटके में मुरझा गया था और सुजाता ने अपने बदन पर कम्बल ओढ़ लिया था।
फिर यह सब देखकर परी ने पूछा कि मम्मी आप नंगी क्या कर रही थी? और अंकल आप पर क्यों सो रहे थे? तो तब सुजाता बोली कि कुछ नहीं परी अंकल और में एक खेल रहे थे। तो उस पर परी बोली कि मगर खेल खेलने के लिए नंगा होने की क्या जरूरत थी? यह कौनसा खेल था? मम्मी प्लीज बताओं ना? तो तब सुजाता बोली कि परी ये खेल खेलने के लिए तुम बहुत छोटी हो। तो तब वो बोली कि फिर से खेलो ना, में सिर्फ़ देखूँगी, आप इस खेल में अंकल को हरा दो। तो तब सुजाता बोली कि नहीं मुन्नी ये खेल छोटे बच्चो के सामने नहीं खेला जाता है। फिर परी बोली कि अगर ये खेल आपने नहीं खेला तो में पापा को सब बता दूँगी कि आप अंकल के साथ नंगी होकर खेल खेलती है। तो ये बात सुनते ही में और सुजाता डर गये।

फिर बात को संभालने के लिए मैंने सुजाता से कहा कि अगर ये इतनी ही ज़िद्द कर रही है तो एक बार खेल ही लेते है। तो कुछ देर रुककर सुजाता बोली कि हाँ, अब ये सीक्रेट छुपाने का यही एक रास्ता है और फिर उसने कम्बल निकालकर बाजू में रख दिया और मेरे मुरझाए हुए लंड को सहलाने लगी थी। लेकिन परी के सामने रहते मेरा लंड उठने को तैयार नहीं था। फिर सुजाता ने झुककर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी थी। अब उसकी गर्म जीभ का स्पर्श होते ही मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था। तो ये देखकर परी बोली कि अरे मम्मी आपने अंकल की नून्नी की पप्पी लेते ही देखो ना वो कैसे कड़क हो गया है? क्या में भी इसकी पप्पी लूँ? तो तब सुजाता बोली कि कहा ना परी ये खेल खेलने के लिए तुम अभी बहुत छोटी हो। तो तब उसने कहा कि मम्मी प्लीज मुझे पप्पी लेने दो ना, नहीं तो में पापा को सब बता दूँगी, हम दोनों मिलकर अंकल को हरा देंगे।

फिर भी सुजाता ने उसे डांटा, तो वो बड़ी ज़ोर से रोने लगी और बोली कि में अभी पापा को फोन करके सब बता देती हूँ। तब सुजाता डर गयी और मज़बूरी में उसने हाँ कर दी। अब मेरी तो जैसे लॉटरी लग गयी थी। मेरी काफी दिनों से किसी छोटी लड़की को चोदने की हसरत थी, वो आज पूरी होने वाली थी। फिर मौका पाते देखकर में परी से बोला कि परी, लेकिन इस खेल को खेलने के लिए सारे कपड़े उतारने पड़ते है जैसे हम दोनों ने उतारे है। तो इस पर वो थोड़ी हिचकी और बोली कि कपड़े उतारने की क्या ज़रुरत है? ऐसे ही खेलते है। तो तब मैंने कहा कि नहीं परी अगर तुम्हें खेलना है तो कपड़े उतारने ही पड़ेंगे, रूल तो रूल है। फिर वो तैयार हो गयी और फिर उसने अपना कुर्ता ऊपर उठाया और निकाल दिया। अब उसकी छाती को देखते ही मानों जैसे मेरा लंड लोहे की गर्म रोड बन गया था, हालाँकि उसके बूब्स की अभी ही बढ़ने शुरूआत हुई थी और निप्पल तो 25 पैसे के सिक्के जितने ही बड़े थे।

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अब में उसको देखते हुए सुजाता के बूब्स को सहला रहा था। फिर में उससे बोला कि लड़की तो एकदम मस्त पैदा की है, एकदम तुम्हारे जैसी, इसे चोदने में बड़ा मज़ा आएगा। फिर परी ने अपनी सलवार खोलनी चालू की। तो तब मैंने उसे अपने पास बुला लिया और अपने हाथों से उसके सलवार का नाड़ा खोला। उसका नाड़ा खुलते ही उसकी सलवार नीचे गिर गयी, उसने लाल कलर की चड्डी पहनी थी। फिर मैंने उसकी चड्डी के ऊपर से ही उसके चूतड़ को दबाया, तो इस पर उसने एक सिसकारी भरी। फिर में उससे बोला कि परी हम दोनों इस खेल को खेलते है, तुम सिर्फ़ देखो और फिर बाद में हम तीनों मिलकर खेलेंगे और फिर में सुजाता की चूत चाटने लगा। अब मेरे द्वारा चूत चूसते ही सुजाता सिसकारियाँ मारने लगी थी और मेरा सिर उसकी चूत पर दबाने लगी थी। अब परी ये सब आँखे फाड़कर देख रही थी।

फिर मैनें उससे कहा कि परी ये सब ठीक से देखना, क्योंकि तुम्हें भी यह खेलना है। तो तब वो बोली कि हाँ अंकल, में सब देख रही हूँ। फिर सुजाता मेरा लंड चूसने लगी, तो थोड़ी देर चूसने के बाद वो बोली कि अब रहा नहीं जाता, जल्दी से मुझे चोदो, तुम्हारे लंड को मेरी गीली हुई चूत में डालो। तब मैंने उसके दोनों पैर थोड़े फैलाए और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया। अब ऐसा करने से उसकी चूत फैल गयी थी। फिर मैंने थोड़ा थूक अपने लंड पर लगाकर अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रख दिया। तभी परी बोली कि अंकल आप क्या करने वाले हो? तो तब मैंने कहा कि अब में अपना लंड तुम्हारी मम्मी की चूत में डालूँगा। तब परी बोली कि इससे क्या होगा? तो तब में बोला कि इससे तुम्हारी मम्मी को बहुत मज़ा आएँगा। तो तब परी बोली कि तो फिर जल्दी डालो ना अंकल, में भी तो देखूं कैसा मज़ा आने वाला है? फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखकर एक ज़ोर का झटका लगाया, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था। फिर इसके बाद में ज़ोर-जोर से झटके मारता ही चला गया।

अब सुजाता नीचे से चिल्ला रही थी फाड़ डालो मेरी चूत को, मेरी चूत को मार-मारकर भोसड़ा बना दो, आज तो तुम्हें परी को भी चोदना है। फिर इसके बाद में नीचे लेट गया और सुजाता मेरे लंड पर आकर बैठ गयी थी और ज़ोर-जोर से ऊपर नीचे हिलने लगी थी। अब इसके कारण उसके बूब्स ज़ोर-जोर से हिलने लगे थे। ये देखकर परी बोली कि अंकल मेरे ऐसे कब होंगे? तो तब में बोला कि अगर ये खेल तुम रोज खेलोगी तो तुम्हारे भी ऐसे हो जाएँगे, लेकिन तुम यह सब बात पापा को नहीं बता सकती, अगर तुमने बता दिया तो ये नहीं बढ़ेंगे। तब उसने कहा कि ठीक है नहीं बताऊंगी। फिर करीब आधे घंडे की चुदाई के बाद सुजाता का पानी निकल गया, जिससे मेरा लंड और ज़ोर-जोर से अंदर बाहर होने लगा था और फिर 5 मिनट के बाद मेरा भी पानी निकल गया, जिसे सुजाता चाटकर पी गयी थी। फिर मुझे जब भी कोई मौका मिला, तो तब मैंने उन दोनों माँ बेटी की खूब चुदाई की और खूब मजा किया ।।
धन्यवाद

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