बेटे के लिए माँ का बलिदान

desi chudai ki kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम नुपूर है। मेरी उम्र 43 साल है, में एक शादीशुदा औरत हूँ। में और मेरी फेमिली बिहार के एक छोटे से शहर में रहते है। मेरी फेमिली में हम पति पत्नी और हमारा एक 18 साल का लड़का है। मेरे पति की उम्र 46 साल है। में आशा करती हूँ कि जो मेरे साथ हुआ, वो आप लोगों के साथ कभी जिंदगी में ना हो। आप लोग अगर बोर हो रहे है तो उसके लिए सॉरी। तो हुआ यह कि मेरा लड़का अभी 12वीं क्लास पास करके कॉलेज में आ गया था। अब उसे भी सब युवा लड़को की तरह ख़ुशी थी। अब वो कॉलेज जाने के लिए बेताब था। फिर कॉलेज के कुछ महीने उसके ऐसे ही मस्ती मज़ाक में बीत गये। अब में और मेरे पति खुश थे की अभी अब कॉलेज जाने लगा है और बहुत जल्दी अपनी लाईफ में सेट हो जाएगा।
अब जैसे हर लड़के लड़की का कॉलेज में अफेयर होता है वैसे अभी का भी एक लड़की सपना के साथ अफेयर हो गया था। अब सपना भी अभी को पसंद करने लगी थी, लेकिन यह बात अभी ने कभी हमें घर पर नहीं बताई थी। फिर वक्त बीतता गया, अब सपना और अभी अपनी लाईफ में खुश थे, लेकिन अचानक एक दिन हमारे घर पर पुलिस की जीप आकर खड़ी हो गयी। फिर उसमें से दो पुलिस वाले निकले और मेरे पति और मेरे बेटे दोनों को उठाकर ले गये। अब में सदमे से हैरान हो गयी थी। फिर में भी उन लोगों के पीछे-पीछे पुलिस स्टेशन गयी, तो वहाँ गयी तो मैंने देखा कि वहाँ लॉकअप में पुलिस वाले मेरे फूल जैसे कोमल अभी को नंगा करके ज़ोर-ज़ोर से मार रहे थे और दूसरी तरफ मेरे पति को भी टोर्चर कर रहे थे। मेरे पति को हार्ट की बीमारी है यानि वो सहन नहीं कर पा रहे थे।
फिर वहाँ जाकर मैंने बड़े साहब से पूछा कि इन्होंने ऐसा क्या अपराध किया है कि आप इन्हें यहाँ लाए हो? तो तब उनका जवाब सुनकर मेरे पैरो के नीचे से जमीन खिसक गयी। अभी का जिस लड़की के साथ अफेयर था, वो एक पुलिस वाले की लड़की थी और अभी ने उससे शारीरिक संबंध बना लिया था और वो लड़की गर्भवती हो गयी थी और फिर उसके बाद में उस लड़की के घरवालों ने उसका अबोर्शन करवा दिया और इंडिया से बाहर भेज दिया, लेकिन इसके चलते उसका बाप मेरे पति और बच्चो को पुलिस स्टेशन में लाया था। अब वो बेहरहमी की तरह मेरे लड़के को मार रहे थे। अब में उन सबके पैर छू रही थी कि भगवान के लिए मेरे लड़के को और मेरे पति को छोड़ दो, लेकिन उन्होंने कहा कि अभी तू देखती जा तेरे बेटे की में कैसी हालत करता हूँ?
अब यह किसी की भी लड़की को चोदने के लायक नहीं रहेगा। अब उनके मुँह से यह चोदना और ऐसी गाली सुनकर में दंग रह गयी थी। अब वो आदमी इतने गुस्से में था कि उसे यह भी ख्याल नहीं रहा था कि वो एक औरत के सामने गाली बोल रहा है। अब में डर गयी थी, में खूब गिडगिड़ाई, मैंने खूब विनती की उनको छोड़ दो, अब जो हुआ वो हुआ और उनसे बोली कि में अपना पूरा घर सब तुम्हें दे दूंगी, लेकिन भगवान के लिए मेरे पति को और बच्चे को छोड़ दो, लेकिन वो नहीं माना। अब इन सब भागम भाग में मेरा साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया था और मेरे स्तन की रेखा यानि मेरे बूब्स की दरार दिखने लगी थी, लेकिन में इससे अंजान उनसे विनती कर रही थी और ऊपर से टेंशन के मारे मुझे काफ़ी पसीना आ रहा था। अब में आपको अपने फिगर के बारे में बता दूँ तो मेरे बूब्स तकरीबन 38 की साईज के है, 36-34-36, वैसे मेरी उम्र 43 साल की है, लेकिन मेरे फिगर से और बॉडी से में ज़्यादा से ज़्यादा 36-37 साल के बीच की लगती हूँ।
फिर बाद में उस पुलिस वाले की नजर मेरे ब्लाउज के ऊपर पड़ी और उसके अंदर का शैतान जाग उठा। फिर उसने उसके आदमियों से कहा कि रुक जाओ और उसके सब आदमियों के सामने मुझसे कहा कि एक शर्त पर में तुम्हारे पति और लड़के को छोड़ सकता हूँ। तब मैंने पूछा कि वो क्या है? में सब शर्त मानने के लिए तैयार हूँ। तो तब वो मुझे देखकर हंसने लगा और बोला कि आज पूरी रात में जैसा बोलू वैसा तुम्हें करना होगा। अब मेरे समझ में कुछ नहीं आया था तो मैंने पूछा कि क्या करना होगा? तो तब वो मेरे सामने हंसने लगा और बोला कि तेरे लड़के ने मेरी लड़की को चोदा है, तो तुझे भी मुझसे चुदना पड़ेगा, वो भी यहाँ इन सबके सामने। उसकी यह बात सुनकार तो में दंग रह गयी। अब मेरा लड़का और मेरे पति दोनों चिल्लाने लगे थे कि नहीं नुपूर ऐसा मत करना, अपनी इज़्जत मत देना और अभी भी चिल्लाने लगा था कि नहीं माँ, तुम उसकी बात मत सुनना।
अब उन लोगों की बात सुनकर उस पुलिस वाले को गुस्सा आ गया था और फिर उसने हुकुम किया कि बाप बेटे को नंगा कर दो और रस्सी से बाँध दो, अब में देखता हूँ इन लोगों का लंड कब खड़ा होगा? फिर उन्होंने मेरे सामने मेरे पति को और बेटे को पूरा नंगा कर दिया और बाँध दिया। फिर गुस्से में आकर मेरे पति ने पुलिस वाले को गाली दे दी, तो उसने गुस्से में आकार ज़ोर से डंडा मेरे पति की गांड पर मारा। तो वो चिल्ला उठे, तो मुझसे उनका दर्द सहा नहीं गया और मैंने हाथ जोड़ते हुए नजर झुकाकर कहा कि जी उन्हें मत मारिए, आप जो कहेंगे वो में करने के लिए तैयार हूँ। अब वो पुलिस वाला और उसके सब साथी मुझ पर हंसने लगे थे। फिर वो पुलिस वाला बोला कि चल ठीक है और फिर उसके बाद में उसने आदेश दिया कि चल एक-एक करके अपने पूरे कपड़े उतार दे। तब मैंने पहले अपनी साड़ी निकाल दी और उसके बाद में रुक गयी तो तब उसने कहा कि कुतिया बाकि के कपड़े कौन यह तेरा नंगा पति निकालेगा?
तब मैंने शर्म से नीचे सिर झुकाकर कहा कि आपने कहा था सिर्फ़ आपसे चुदवाना पड़ेगा, आप अलग रूम में चलिए, मुझे इन लोगों के सामने शर्म आती है। तब वो बोला कि रांड जो करना है वो यहीं तुम्हारे पति और बेटे के सामने और मेरे ये बाकि के साथी उनके सामने ही करना है, अगर तुम्हें मंजूर नहीं है तो तू घर पर जा सकती है और में वापस इन लोगों की सेवा शुरू करूँ। तब उतने में मेरे पति बोले कि नहीं नुपूर इन कमीनो की बात मत सुनना। तब पुलिस वाले ने मेरे पति और लड़के के मुँह पर टेप बाँध दी, ताकि वो कुछ बोल ना सके और फिर बाद में उस पुलिस वाले ने मुझसे कहा कि चल जल्दी से अपने कपड़े उतार। तब में अपना सिर झुकाकर अपने ब्लाउज के हुक खोलने लगी और एक-एक करके मैंने अपने ब्लाउज के सारे हुक खोल दिए और अपना ब्लाउज अपने शरीर से अलग कर दिया। अब मेरी टाईट ब्रा में बँधे हुए मेरे बूब्स बाहर आने के लिए बेताब थे, क्योंकि में ब्रा की साईज़ 36 की पहनती हूँ और मेरे बूब्स 38 की साईज के है और फिर बाद में मैंने अपने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, तो वो झट से सरकता हुआ नीचे गिर गया था।

अब में सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। अब मुझे अपने आप पर बहुत शर्म आ रही थी और घिन भी आ रही थी और मुझे ऐसे ब्रा पेंटी में देखकर उन सब पुलिस वालो की आँखों में चमक आ गयी थी। अब वहाँ करीब 8 लोग थे 6 पुलिस वाले और 2 मेरे पति और बेटा। फिर बाद में मैंने धीरे से अपनी ब्रा का हुक पीछे से निकाला और अपनी ब्रा निकालकर बाजू में रख दी। अब में उनके सामने आधी नंगी खड़ी थी। अब मेरे बड़े-बड़े बूब्स उनके सामने पूरे नंगे थे। अब में अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को छुपा रही थी, क्योंकि मेरा बेटा भी वहीं था और मेरा पति भी और पराए 6 मर्दो के सामने इन सबमें मुझे बहुत शर्म आ रही थी। अब मेरा मन कर रहा था की में खुदख़ुशी कर लूँ। तो तभी मुझे रुका हुआ देखकर उस लड़की का बाप मेरे पास आया और ज़ोर से मेरी पेंटी पकड़कर फाड़ डाली।

अब मेरी चूत जो कि उस पुलिस वाले की तरफ थी और गांड मेरे पति और बेटे की तरफ थी। अब में अपने हाथ से अपनी चूत और बूब्स छुपाने की नाकामयाब कोशिश किए जा रही थी, लेकिन कुछ फ़र्क नहीं पड़ रहा था। अब मेरी यह हालत देखकर मेरे पति की आँखों में से आँसू निकल रहे थे। फिर उस पुलिस वाले ने सबको आर्डर दिया कि सब अपने-अपने कपड़े निकालो और नंगे हो जाओ, हम सब मिलकार इस रंडी का गैंगबैंग करेंगे, आज इसके बेटे को दिखाते है सामूहिक चोदन क्या होता है? अब में उनकी बात सुनकर डर गयी थी। फिर मैंने कहा कि नहीं-नहीं आपने सिर्फ़ कहा था कि आपसे चुदवाना पड़ेगा, इन लोगों से नहीं। लेकिन मेरी बात सुनकर वो सबके सब हंसने लगे। अब में समझ गयी थी कि मेरे साथ यह लोग चीटिंग करेंगे। तब में अपने कपड़े वापस से पहनने लगी, तो तभी 2 पुलिस वालों ने मेरे कपड़े पकड़ लिए और ले लिए और मेरे सारे कपड़े जला डाले। अब में ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी।
तभी एक पुलिस वाले ने अपना काला लंबा और गंदा लंड मेरे मुँह के सामने रखा और कहा कि चल कुत्तियाँ इसे अपने मुँह में ले। मैंने मना किया कि नहीं में इन सबसे नहीं करवा सकती। तभी एक पुलिस वाले ने एक बड़ा सा पत्थर लाकर उसे दरवाजे से बांधा और मेरे पति के लंड से उसे लटकाया। अब वो पत्थर के वजन से उनका लंड नीचे की और खींचा जा रहा था। अब में समझ गयी थी कि यह लोग मुझे बगैर चोदे नहीं जाने देंगे। अब मैंने समाधान कर लिया था और उसका लंड चूसने लगी थी। फिर उसका लंड चूसते-चूसते मैंने महसूस किया कि एक लंड मेरी गांड की दरार पर है। अब कोई मेरी गांड की दरार पर अपना लंड रगड़ रहा था। तभी इतने में मैंने आजू बाजू नजर घुमाई तो मैंने देखा कि बाकि के पुलिस वाले सबके लंड काफ़ी बड़े थे और वो सब मुठ मार रहे थे। फिर थोड़ी देर तक मैंने उसके गंदे बदबू मारते हुए लंड को चूसा और अब मुझे उल्टी जैसी होने लगी, लेकिन उसने ऑर्डर दिया कि अगर उसका पानी निकले बिना लंड अपने मुँह में से निकाला, तो तुझे तेरे बेटे से भी चुदवाना पड़ेगा।
अब उनकी बात सुनकर में डर गयी थी और बेटे से चुदते हुए अपने आपको मन में देखकर ही डर गयी थी। अब में ज़ोर-ज़ोर से उसके लंड को चूसने लगी थी। फिर थोड़ी देर तक लंड चूसने के बाद उसने अपना गन्दा पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया और मुझे जबरदस्ती उसे पीना पड़ा। फिर उसके बाद में उन लोगों ने मुझे वहाँ टेबल पर लेटाया, जिससे मेरी चूत मेरे बेटे के एकदम सामने आ गयी थी। अब में शर्म से मारे मरी जा रही थी। तभी इतने में उन्होंने मेरे दोनों पैर फैलाए और मेरी चूत में अपनी उंगली घुसा दी, पहले एक और उसके बाद में 2 और फिर उसके बाद में 3 उंगलियाँ और फिर वो लोग अंदर बाहर करने लगे। अब एक मेरे बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से निचोड़ रहा था और एक ने वापस अपना लंड मेरे मुँह में दिया हुआ था। फिर एक ने मेरा हाथ पकड़कर उसके लंड पर रख दिया और इशारा कर रहा था कि में उसे मुठ मार दूँ।
अब करीब 5 लोग मेरे बदन से खेल रहे थे। तभी एक ने अपना लंड निकाला और मेरी चूत के छेद पर रखा और इतना जोर से धक्का मारा कि उसका आधे से भी ज़्यादा लंड मेरी चूत में घुस गया था, लेकिन में चीख नहीं पाई, क्योंकि एक और लंड मेरे मुँह में था। अब मेरी आंखों में से आँसू निकलने लगे थे। अब वो ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत में चोद रहा था और एक का लंड मेरे मुँह को चोद रहा था और एक मेरे बूब्स के साथ में खेल रहा था और उनको चूस रहा था। फिर मैंने अपनी नजर घुमाकर देखा तो मेरे पति अपनी आँखे बंद करके रोने लगे थे और मेरा बेटा जो पहले से रो रहा था, अब मेरी नजर उसके लंड पर गयी तो वो भी मेरी ऐसी हालत देखकर तनकर खड़ा हो गया था। अब जो पुलिस वाला मेरी चूत में चोद रहा था, उसने मेरी चूत में अपना पानी छोड़ दिया था और उसके साथ-साथ मेरी चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया था। अब में भी गर्म होने लगी थी, लेकिन अब मुझे इन सबसे चुदना अच्छा नहीं लग रहा था, लेकिन अब में कुछ कर भी नहीं सकती थी, क्योंकि मेरे बस में कुछ नहीं था।
फिर उन लोगों में से एक नीचे जमीन पर लेट गया और मुझे उसके ऊपर कुत्तिया बनाकर बैठाया गया, जिससे उसका लंड आराम से मेरी चूत में जा सके और फिर उसके बाद में एक ने मेरी गांड के छेद पर थोड़ा तेल लगाया, तो तब में चीखी नहीं गांड में नहीं, जो करना हो मेरी चूत में करे, लेकिन वो नहीं माना और अब वो अपने लंड पर और मेरी गांड पर तेल लगा रहा था। फिर उसने ज़ोर से मेरी गांड के छेद पर एक धक्का लगाया तो उसके लंड का सुपाड़ा अंदर घुस गया। अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था, क्योंकि मैंने कभी भी पहले अपनी गांड नहीं मरवाई थी। अब मेरे मुँह में से चीख निकल रही थी, क्योंकि जिसने मेरी गांड में अपना लंड डाला था, वो भी काफ़ी दर्द दायक था और मेरी चूत में जिसने अपना लंड डाला था, उसका काफ़ी बड़ा लंड था, शायद मेरे पति से दुगुना लंबा और मोटा था। अब मेरी चूत से और गांड से खून बहने लगा था, लेकिन उन लोगों को कुछ फ़िक्र नहीं थी। अब वो लोग आज मुझे रंडी बनाने की और थे। तभी एक ने मेरे सामने से आकर मेरे मुँह में अपना लंड डाल लिया।
अब में अपनी गांड में चूत में और मुँह में चुद रही थी तो तभी गांड वाले ने अपना लंड बाहर निकाला। तो तब मुझे दर्द से थोड़ी राहत महसूस हुई, लेकिन मैंने यह क्या महसूस किया? उसने अपना लंड वो दूसरे वाले के साथ मेरी चूत में डाला। अब में दर्द के मारे तड़पने लगी थी, मेरी चूत में बहुत जोर का दर्द हो रहा था और काफ़ी खून बह रहा था। फिर जाने कब में बेहोश हो गयी? मुझे पता ही नहीं चला। फिर जब में होश में आई तो मैंने देखा कि मेरी चूत एकदम सूजी हुई थी। अब मेरे पति मेरे सामने दयाभरी नजर से देख रहे थे। अब में जहाँ बेहोश पड़ी थी वहाँ मैंने देखा तो खून का फैला हुआ था, उस खून के साथ उन सबका वीर्य भी था। अब मेरी गांड की भी यही हालत थी। अब मेरे मुँह के होंठ भी फटे हुए थे और मेरे होंठो पर से भी खून निकल रहा था। उन लोगों ने बहुत ही जालिम की तरह से मुझे नोचा था।
फिर मैंने खड़े होने की कोशिश की, लेकिन मुझसे नहीं उठा गया। तब उन लोगों को पता चला कि में होश में आ गयी हूँ। तो तब उन सबने वापस से मुझे चोदना चाहा, लेकिन में रो पड़ी और डर के मारे मुझसे वहाँ सोते-सोते ही पेशाब निकल गया। अब वो सब समझ गये थे कि में डर गयी हूँ। तभी उनमें से एक बोला कि अरे यार अब उसकी चूत तो बड़ा भोसड़ा बन गयी है और गांड का छेद भी भोसड़े जितना बड़ा हो गया है, अब इसे चोदने में कोई मज़ा नहीं है। फिर मैंने अपनी बॉडी को ठीक तरह से देखा तो मेरे बूब्स पर काफ़ी जगह काटने के निशान थे और मेरे निप्पल भी फूलकर सूज गये थे और कई जगह पर काले और हरे धब्बे पड़ गये थे, मेरा सारा शरीर खून वाला और वीर्य से चिपचिपा था। फिर मैंने कहा कि प्लीज मुझे यहाँ से उठाए तो उन लोगों ने मुझे वहाँ बैठाया और वापस अपना अपना लंड निकाला और मुठ मारने लगे थे। फिर मैंने घड़ी की तरफ देखा तो सुबह के 4 बज रहे थे, उन दरिंदो ने पूरी रात मुझे नोचा था।
अब अभी भी उनका जी नहीं भर रहा था, उन्होंने अभी भी मेरे पति और बेटे को नंगा ही बांधा हुआ रखा था और फिर उसके बाद में उन सबने मिलकर वापस से अपने लंड निकाले और मुठ मारने लगे और फिर उन सबने अपने वीर्य का फव्वारा मेरी बॉडी पर छोड़ा। अब में अपने आपको पोंछना चाहती थी, लेकिन वहाँ कही भी कपड़ा नहीं था, मेरे कपड़े तो उन लोगों ने जला दिए थे। फिर मैंने कहा कि प्लीज अब हमें छोड़ दो। फिर उस पुलिस वाले ने मेरे बेटे और मेरे पति को छोड़कर घर जाने को बोला। फिर मेरे पति ने पूछा कि मेरी बीवी को भी जाने दो। तो तब वो बोले कि नहीं वो अभी सुबह 6 बजे तक हमारे साथ चुदाएगी और मेरे पति को जबरदस्ती भेज दिया गया। फिर उसके बाद में उन लोगों ने कैमरे से मेरी नंगी तस्वीरे ली और मेरी चूत गांड के फोटो लिए। अब मुझसे तो खड़ा भी नहीं हो पा रहा था, तो तब मैंने कहा कि मुझे बाथरूम तक ले चलो, मुझे अपने आपको साफ करना है। तो तब वो लोग बोले कि क्यों नहीं? तुम्हें यहाँ ही नहला देते है और फिर उन 6 लोगों ने मिलकार मेरे ऊपर पेशाब किया।
अब मुझे इतनी घिन आ रही थी की क्या बताऊँ? और मेरे शरीर से बहुत बदबू आ रही थी। फिर उसके बाद में उन लोगों ने मुझसे कहा कि अब तुम जा सकती हो। तब मैंने कहा कि लेकिन मेरे कपड़े। तो तब वो लोग बोले कि तुम्हें ऐसे ही जाना होगा और हंसने लगे। अब मेरे ऊपर तो मानों आसमान टूट पड़ा था और मैंने मना कर दिया। तो तब उनके 2 पुलिस वालों ने मुझे उठाकर नंगा ही बाहर फेंक दिया। अब पूरी तरह नंगी, खून, वीर्य और पेशाब से खराब हुई मेरी बॉडी को लेकर में जैसे तैसे घर पहुँची, रास्ते में काफ़ी लोगो ने मुझे नंगा इस हालत में देखा था। फिर मैंने घर पर जाकर देखा तो मेरे पति मेरा इंतज़ार कर रहे थे। अब वो मुझे ऐसे नंगी देखकर चौंक गये थे और दर्द के मारे मेरी जान निकल रही थी और फिर में वहीं गिर गयी तो मेरे पति से मेरी हालत बर्दाश्त नहीं हुई और समाज में इज्जत जाने के डर से उन्होंने आत्महत्या कर ली। अब में और मेरा बेटा अलग शहर में जाकर रहते है ।।
धन्यवाद

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