हॉट बेडशीट वाला मुंबई में – 2

“हॉट बेडशीट वाला मुंबई में – 1” से आगे की कहानी …

हैल्लो दोस्तों, में आपको मेरी पिछली स्टोरी के आगे की स्टोरी बताने जा रहा हूँ. मैंने फिर से दरवाजा अंदर से लॉक किया और टावल लेकर अपने बेडरूम की और निकल गया. अब तक में बहुत गर्म हो चुका था.

फिर मैंने सोचा कि क्यों ना इस बंदे के नाम की मुठ ही मारी जाए? और में वैसे ही फिर से बाथरूम में घुस गया और शॉवर के नीच खड़ा होकर अपने एक हाथ से अपना लंड हिलाने लगाने और अपने दूसरे हाथ से अपना निप्पल सहला रहा था और अपनी आँखे बंद करके उस लड़के के बारे में सोच रहा था. अभी मुझे 2 मिनट भी नहीं हुए थे कि फिर से दरवाजे की बेल बजी, साला अब कौन आ गया? मैंने फिर से टावल लपेटा और दरवाजा ओपन करने चला गया और छेद में से से देखा, तो सामने फिर से वही लड़का था.

फिर मैंने खुशी-खुशी दरवाजा खोल दिया और पूछा कि क्यों भाई? अब क्या हुआ? तो वो डरते-डरते बोला कि साहब आप कुछ बोल रहे थे ना कि 4 बेड शीट्स खरीदोगे. तो फिर मैंने झट से दरवाजा पूरा खोलकर उसे अंदर बुला लिया और दरवाजा लॉक कर दिया. इस बार वो बहुत सहमा-सहमा सा लग रहा था फिर मैंने बोला कि हाँ हाँ 4 बेड शीट्स ले लूँगा, तुम्हारे पास डबल बेड वाली तो होगी ना? इस बार मैंने सोचा कि पहले में इसके मज़े लेता हूँ और सीधा पॉइंट पर नहीं आऊंगा, क्योंकि में देखना चाहता था कि यह बेडशीट्स बेचने की मजबूरी में वापस आया है या फिर से मेरी गांड देखने के लालच में वापस आया है.

फिर वो बोला कि हाँ डबल बेड की तो है, लेकिन हर बेड का साईज़ अलग-अलग होता है आप एक बार बिछाकर देख लीजिए. अब ऐसा कहते हुए वो अपनी पोटली फिर से खोलने लगा. फिर मैंने कहा कि तुम बेडशीट निकालो, में दूसरे कपड़े पहनकर आता हूँ.

फिर वो बोला कि रहने दीजिए ना भैया, जी कोई बात नहीं और ऐसा कहते-कहते हल्का सा मुस्कुरा दिया. अब में समझ गया था कि यह मेरी गांड देखने के लालच में ही वापस आया है और अब मेरी गांड खुद पर इतराने लग गयी थी. फिर उसने मुझे एक बेडशीट थमाते हुए कहा कि आप यह वाला साईज़ चैक कर लीजिए.

फिर मैंने बोला कि बेड तो अंदर है, चलो बेडरूम में चलते है और में उसके सामने अपनी गांड लचकाते हुए चलने लगा. फिर बेडरूम में आते ही मैंने अपने बेड से पुरानी बेडशीट निकाल दी और बेड पर नयी वाली बेडशीट बिछाने लगा. अब में बेड के ऊपर चढ़कर दीवार वाली साईड में जाकर बेडशीट ठीक करने लगा. अब वो पीछे खड़ा होकर मुझे चादर बिछाते हुए देख रहा था. अब में अपनी गांड पीछे की साईड ज़्यादा ही झुकाकर बेडशीट ठीक करने में लगा ही था कि उतने में मेरे टावल ने फिर से मेरी गांड का साथ छोड़ दिया और टावल फिसलकर नीचे सरक गया.

फिर मैंने बोला कि ऊफफ यह टावल भी ना और पीछे मुड़कर उसकी तरफ देखकर अपना नीचे वाला होंठ अपने दातों के नीचे दबा दिया. अब वो बड़े चाव से मेरी गांड को घूर रहा था.

फिर मैंने उसकी तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसकी पेंट की ज़िप को हाथ लगाया, तो वो अपनी आँखे बंद करके ऊपर मुँह करके अपनी कमर पर हाथ रखकर खड़ा हो गया. अब में उसकी पेंट के अंदर खड़ा होता हुआ लंड महसूस कर रहा था.

फिर मैंने अपना मुँह उसकी पेंट के ऊपर से ही उसके लंड के ऊपर लगा दिया तो उसने तुरंत मेरे दोनों हाथों से मेरे सिर को अपने लंड पर दबा दिया. फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी पेंट का बटन खोला और उसकी शर्ट ऊपर करके उसके पेट को चूमने लगा. उसने अंदर कोई गंदी सी अंडरवेयर पहन रखी थी. फिर में बेड से नीचे उतरकर उसके सामने खड़ा हो गया और उसकी बाहों में समा गया.

अब उसने अपने हाथ मेरी पीठ पर रखकर मुझे अपनी बाहों में भींच लिया और में उससे लिपट गया. अब में उसकी गर्दन, गाल और कान पर किस करने लगा था. उसने अपने बालों में जो तेल लगाया था, उसकी अजीब सी महक आ रही थी, लेकिन मैंने उधर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और उसके पूरे फेस को चूमने लगा. अब वो अपनी आँखे बंद करके मज़े ले रहा था.

फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखने का जैसे ही प्रयास किया, तो उसने मुझे तुरंत हटा दिया और बोला कि साहब मेरे होंठो को मत चूसो. तो में समझ गया कि लड़को को होंठो पर किस करना अच्छा नहीं लगता है, लेकिन इससे में और खुश हो गया था क्योंकि अब में समझ गया था कि यह बंदा सीधा है.

अब में उसकी बाहों में लिपटा पड़ा था. अब वो भी मेरा साथ दे रहा था, अब धीरे-धीरे उसके हाथ मेरी पीठ से फिसलकर मेरी गांड का जायजा करने लगे थे. फिर जैसे ही उसने मेरी गांड को छुआ तो में सिसक कर और जोर से उससे लिपट गया. अब वो धीरे-धीरे मेरी गांड के गोलो को सहला रहा था और बीच-बीच में मसल भी रहा था. फिर में झट से नीचे बैठ गया और उसकी पेंट चड्डी के साथ उसके घुटनों तक खींचकर उसके लंड को अपने मुँह में भर लिया.

फिर उसने जोर से मेरे सिर को पकड़कर अपना पूरा लंड मेरे गले में उतार दिया. उसका लंड वीर्य से पूरा लथपथ था तो में उसका नमकीन वीर्य पूरा का पूरा चाट गया. अब में उसके लंड को अपने मुँह से बाहर निकालकर निहारने लगा था, उसका नॉर्मल साईज़ का काला लंड, लाल टोपा और हल्के-हल्के झाटों के बीच में वो किसी गर्म रोड की तरह खड़ा था, भले ही उसकी लम्बाई सामान्य थी, लेकिन उसकी मोटाई काफ़ी थी. फिर मैंने उसके लंड को पूरे तरीके से जाँच करके अपने हाथ से हिलाया और अपनी जीभ बाहर निकालकर उसे हिलाते-हिलाते चाटने लगा.

अब में कभी उसका लंड चाट रहा था, तो कभी उसके अंडो को चाट रहा था. अब वो किसी दूसरी दुनिया में चला गया था, शायद इससे पहले कभी उसने किसी से अपना लंड चुसवाया नहीं था, या यह कहिए कि मेरे जैसा किसी ने चूसा नहीं था. अब काफ़ी टाईम तक नीचे बैठकर में उसके लंड को चूस रहा था. फिर मैंने उससे पूछा कि बस इतना ही ठीक है, या और कुछ करोगे?

उसने मेरे कंधो को पकड़कर झटके से मुझे ऊपर उठा लिया और बोला कि अरे साहब इस मटकती हुई गांड का तो रस चखने दीजिए. अब ऐसा कहते हुए उसने मेरी गांड बहुत ज़ोर से भींच ली, तो मेरी जोर से सिसकारी निकल गयी. फिर उसने मुझे बेड पर धकेला तो अब में उसकी न्यू बेडशीट पर उसी से चुदने के लिए खुद बिछ गया था.

फिर उसने मेरी गांड को दबा-दबाकर मेरी गांड के छेद में उंगली करना शुरू किया, तो में मचलने लगा. मैंने उसी दिन ही अपनी गांड के बाल साफ किए थे तो मेरी गांड बहुत चिकनी लग रही थी और अभी अभी नहाने की वजह से मेरे बदन से धीमी-धीमी खुशबू भी आ रही थी. अब वो मेरी गांड को चूम रहा था और मेरी पीठ सहला रहा था और में उस अंजान बेडशीट बेचने वाले से मेरी गांड रगड़वा रहा था.

अब में अपनी आँखे बंद करके उसके सख़्त हाथ मेरी गांड के ऊपर महसूस कर ही रहा था कि उतने में मेरी गांड पर उसका कड़क लंड टच हुआ, तो में झट से उठकर बैठ गया. फिर उसने पूछा कि क्या हुआ भैया जी? तो मैंने कहा कि ऐसे नहीं रूको कंडोम लाने दो. फिर वो हंसा और बोला कि आप तो शायद पूरी तैयारी में थे.

फिर मैंने कहा कि में हमेशा अपने साथ रखता हूँ, कब कौन तेरे जैसा मिल जाए, क्या पता? फिर मैंने अलमारी से कंडोम निकाला, तब तक वो पूरा नंगा हो गया था. फिर में वापस से नीचे बैठ गया और कंडोम चढ़ने के पहले फिर से उसका लंड अपने मुँह में भर लिया. फिर मैंने उसका लंड चूसते-चूसते कंडोम खोलकर उसके टोपे पर लगा दिया और फिर जैसे ही वो कंडोम चढ़ाकर तैयार हो गया तो में थोड़ी क्रीम अपनी गांड में और उसके लंड पर लगाकर बेड पर चढ़ गया और अब में अपनी गांड पूरी फैलाकर उसके लिए खड़ा था.

फिर उसने 1 मिनट की भी देरी किए बिना अपना खड़ा लंड मेरी गांड में एक ही झटके में उतार दिया. अब मेरी गांड में दर्द की एक हल्की सी लहर दौड़ गयी थी. फिर मैंने अपनी गांड सेट कर ली और उसके मोटे लंड के लिए और ज़्यादा खोल दी. फिर उसने वापस से एक जोरदार धक्का मारा, तो अब मेरी गांड उसका पूरा का पूरा लंड निगल गयी थी. अब वो मेरी कमर को पकड़कर धीरे-धीरे मेरी गांड को पेल रहा था और में सुख से सागर में गोते खा रहा था. अब वो धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने लगा था और में सिसकियां लेते हुए उसकी स्पीड का अपनी गांड हिला-हिलाकर जवाब देने लगा था.

अब वो मुझ पर झुककर मेरे निप्पल के साथ खेलते हुए पीछे से मेरी गांड बजा रहा था और मुझे गाली दे रहा था, साली रंडी कब से मेरे सामने मचल रही है, यही वो गांड है ना जिसे तू मटका-मटकाकर चलती है? ले अब पेल दिया अपना लंड तेरी गांड में, यही चाहती थी ना तू? ले ले, अब खोल मादरचोद अपनी गांड खोल, आज तो इसका बाजा बजा दूँगा. अब ऐसा बोलते हुए वो मेरी गांड को पच-पच करके चोदे जा रहा था. अब में पूरी मस्ती में आकर अपनी गांड चुदवा रहा था. अब उसकी स्पीड और साँसे बढ़ने लगी थी, अब उसका लंड घप-घप करके अंदर बाहर होने लगा था.

अब में उस नई बेडशीट को अपनी मुट्टीयों में भींचकर अपनी गांड पर होता उसका हर एक वार सहन कर रहा था. अब वो जोर-जोर से धक्के लगा रहा था और में ज़ोर से और ज़ोर से नीचे से चिल्ला रहा था और वो वैसे ही आगे बढ़ रहा था. अब धक-धक, फ़च-फ़च की आवाज़ से पूरा कमरा गूँज उठा था. फिर अचानक से उसका फव्वारा छूट गया और उसने लास्ट के 7-8 धक्के मेरी कमर पकड़कर दिए तो में नीचे झुककर बेडशीट अपने मुँह में भरकर अपनी गांड में होती हुई उसके लंड की हर एक हरकत महसूस कर रहा था. अब वो झड़ चुका था और फिर वो मेरे ऊपर आकर गिर गया और फिर में भी बेड पर लेट गया.

फिर 4-5 मिनट तक मुझसे चिपककर सोने के बाद जब उसकी सांसे नॉर्मल हुई, तो तब उसने मेरी गांड से अपना लंड खींच लिया और उठकर खड़ा हो गया. अब हम एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे. फिर मैंने उसे इशारे से बाथरूम दिखा दिया, तो जैसे ही वो बाथरूम में घुसा तो मैंने भी अपना लंड हिला- हिलाकर पानी निकाल दिया और फिर में भी बाथरूम में घुस गया. अब वो उधर मुँह करके मूत रहा था, तो में उससे पीछे से जाकर चिपक गया.

वो बोला कि अरे साहब आपने तो मेरी पूरी जान ही निकाल दी और अभी भी मन नहीं भरा क्या आपका? फिर मैंने बोला कि मेरी लंड लेने की चाहत कभी भी कम नहीं होती है. फिर जैसे ही उसका मूतना ख़त्म हुआ तो मैंने उसके हाथ को पकड़कर रोक दिया और खुद उसका लंड पकड़कर ज़ोर-जोर से हिलाने लगा, जिससे उसकी पेशाब की आखरी बूंदे भी गिर गयी.

फिर हम दोनों ने 5 मिनट तक एक साथ शॉवर लिया और बाहर आ गये और फिर हम दोनों ने अपने- अपने कपड़े पहन लिए. फिर उसने मुझसे हंसते हुए पूछा कि अब बेडशीट खरीदोगे? या बस गांड चुदवाने से ही मन भर गया? फिर मैंने हंसकर उससे 4 बेडशीट का हिसाब पूछा. तो उसने कहा कि 400 रुपए के हिसाब से 4 बेडशीट के 1600 रुपए होते है, लेकिन आप मुझे 1500 रूपए दे दीजिए. फिर मैंने अपने वॉलेट से उसे 2000 रूपए दे दिए और बोला कि जिस बेडशीट पर तुमने मुझे चोदा है, वो वाली रखकर बाकी सब तुम अपने साथ में ले जाओ और यह पैसे भी पूरे रख लो, तो उसके चेहरे पर एक बहुत बड़ी सी स्माइल आ गयी. फिर उसने अपना सामान पैक किया और मुझसे गले मिलकर निकल गया और में अपने बेडरूम के बेड पर बिछी उस बेडशीट को देखकर मुस्कुराने लगा.