बैंक ऑफिसर को बदले की आग में चोदा

Bank officer ko badale ki aag me choda:

आज का समय बड़ा ही बदल चुका है क्यूंकि यहाँ सब कुछ महंगा हो चूका है | साला …… चूत तो छोडो कंडोम तक नहीं मिलता सस्ते में | मैं हूँ अजय और मैं बहुत ही अच्छा लड़का हूँ पर क्या करूँ चूत कि ज़रूरत तो सबको होती है | मुझे भी है और आपको भी होगी तो जाओ किसी सस्ती रंडी को पकड़ के तब तक चोदो जब तक भड़ास न निकल जाये | पेशे से मैं कुछ नहीं करता पर चुदाई की बातें खूब करता हूँ और जहा भी चुदाई कि महफ़िल लगती है वहां आप मुझे हमेशा पाओगे |

दोस्तों ये कहानी है मेरे दोस्त रमेश की है जो दिनभर काम करता था और घर आकर हमेशा यही सोचता था कि काश मेरी बीवी मायके से जल्दी आ जाये | फिर हम दोनों बैठ कर दारु पीते थे और खाना खाके मैं अपने घर चला जाता था | हम दोनों बैंक मैं नौकरी करते थे और हमारी शादी भी हो चुकी थी | सैलरी अच्छी होने के बावजूद हम दोनों अपने लिए कुछ नहीं कर पाते सिर्फ एक वक्त कि दारु का जुगाड़ हो पाता है | सबसे ज्यादा हमारी कमाई का हिस्सा हमारे बच्चों और बीवियों पर खर्च होता है |

हम सब लोग यही समझते हैं कि बीवी और बच्चे के लिए सब कार्लो अपना तो बाद में देख लेंगे पर ये सोचना बिउल्कुल गलत है | दोस्तों आपको एक बात बता दूँ कि जब भी ऐसा ख्याल मन में आये तो ये सोच लेना कि आप जब बूढ़े हो जाओगे तब सोचोगे कि ऐसा क्यों नहीं किया | तो कहानी शुरू होती है अनिल के घर से क्यूंकि हमारी बीवियां स्कूल कि दोस्त हैं और उनका मायका भी एक ही जगह तो दोनों साथ में ही जाती हैं | अब घर में मर्द अकेला रहेगा तो उसे सेक्स के ख्याल तो आएंगे ही |

क्या है दोस्तों कि जब हम हम लोग एक बार किसी की चूत को चोद लेतें हैं तब उसकी आदत सी हो जाती है हम लोगों को | हमे भी हमारी बीवियों से बड़ा प्यार है और हम नहीं चाहते कि हम दोनों उन्हें धोखा दें | मेरी वाली तो कुछ ज्यादा ही सुन्दर है और उसके बिना मेरा मन कहीं नहीं लगता | पर सबसे बड़ी दिक्कत है अनिल के साथ क्यूंकि उस साले को हर साल एक नयी चूत चोदने का मन करता है | उसने कई बार अपनी बीवी को धोका दिया है |

उसकी बीवी उतनी सुन्दर नहीं है पर वो बहित अच्छी है और सबका बड़ा ध्यान रखती है | एक दिन अनिल और मैं साथ में बैठ के पी रहे थे और अनिल ने मुझे कहा यार बीवी की चूत से बहित बोर हो गया हूँ अब मुझे फिर से कुछ नया चाहिए | मैंने कहा साले कितनी लड़कियों कि चूत मार चुका और अभी भी तुझे कुछ नया चाहिए | वो बोला यार चूत का पानी मुझे बड़ा पसंद है और खासकर कुंवारी चूत का तो बहुत ज्यादा | मैंने कहा यार हमारी बीवियों को कितना नाज़ है हमलोगों पर वो हर जगह बोलती हैं कि हमारे पति हमे कभी धोइका नहीं दे सकते |

फिर उसने कहा मा कि चूत उनके नाज़ की और बोला कि जो बैंक में नयी ऑफिसर आई है न सरिता उसे फस के चोदुंगा | साली कुंवारी है और उसकी चोट में बहुत गर्मी है | मैंने कहा देख अनिल ये गलत है | उसने कहा अबे तू गांडू है साली कल बोल रही थी कि अजय को नौकरी से निकाल दूंगी अगर उसने ढंग से काम नहीं किया तो | मैंने कहा यार ये उसका सोचना है पर वो ऐसा जिंदगी में कभी नहीं कर पाएगी |

उसने कहा अजय तू मेरे भाई जैसा है और तेरी बुराई मुझसे बर्दाश्त नहीं होती | इसलिए मेरे भाई में उस लड़की को चोदुंगा और उसकी साड़ी गर्मी निकालूँगा | मैं जानता था उसे समझाने का कोई मतलब नहीं है क्यूंकि उसे नयी चूत कि तलब लगी है और ऊपर से सरिता ने मेरी बुराई भी कर दी थी | मैंने बस भगवान् से दुआ मांगी कि ये उसे आराम से चोदे नहीं तो ये जानवर है और बदला लेना इसे अच्छे से आता है | तभी उसने कहा यार अब उसे पटाने का नया बहाना ढूँढना पड़ेगा |

मैंने कहा देख में तेरा साथ नहीं दे सकता इस काम में तो उसने कहा मैं बोल भी नहीं रहा हूँ तुझे कुछ करने लिए तू बस अपनी बुराई का बदला देखना | सरिता स्कूटी से बैंक आती थी तो एक दिन अनिल ने उसकी स्कूटी पंचर कर दी | वो ऑफिसर थी इसलिए सबसे लास्ट में जाती थी और अनिल उससे बड़ा ऑफिसर था तो वो भी आखिर में ही जाता था | मैं उस दिन जल्दी निकल गया था पर जब उसे लेने आया तो देखा वो सरिता कि स्कूटी लेके उसे बनवाने जा रहा था और सरिता भी साथ में थी | मैं समझ गया कि ये साले कि चाल है |

उसने स्कूटी बनवाई और सरिता ने उसे घर भी छोड़ा और बीच में दोनों ने हलकी फुलकी बातचीत भी की | सबसे मजेदार बात यह थी कि बेचारी खुद जाल में फास रही थी | फिर एक दिन बैंक में सरिता ने अनिल से कहा सर मैं आज आपको ड्रॉप कर दूंगी | अनिल जैसे ही घर आया उसने मुझे बताया कि यार आज तो लड़की बड़े मूड में थी | मैंने पूछा कैसे भाई क्या हुआ |

अब उसने बताया कि भाई गाडी मैंने चलायी और लड़की प्रमोशन के च्चाकर में मुझसे चिपक के बैठ गयी | मैंने पूछा फिर क्या हुआ ? तो उसने बताया कि भाई पहले तो मैंने उसके हाथ अपने कंधे पर रखने को कहा और बोला कि मैं गाड़ी तेज़ चलता हूँ इसलिए पकड़ के बैठना | तो वो मान गयी और कहने लगी कि सर अगर आपको अच्छा लगे तो कल से खाना मैं बना लाऊ आपके लिए | मैंने भी हाँ कर दी यार अजय !!! मुझे अब यकीन हो गया था कि लड़की अब गयी इसका कुछ नहीं हो सकता | अनिल बोला भाई बस तू देखते जा एक हफ्ते बाद मेरा लंड उसकी चूत फाड़के रख देगा और वो मेरी गुलाम बन जाएगी |

मैंने भी कहा भाई देख हफ्ते भर में हमारी बीवियाँ भी आ जाएंगी तो बस तू देख ले और जो भी करना है वो जल्दी कर | मैंने भी कह दिया भाई संभाल के करना जो भी करने जा रहा है | वो भी मान गया और दो दिन बाद बैंक बंद था इसलिए उसने सरिता को घर पर ही बुला लिया | फिर उन दोनों ने चाय पी और मैं वह से छुप सब कुछ देख रहा था | अब सबसे बड़ी चीज़ यह थी कि जब उसने सरिता से बात करना चालु किया तो धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया |

वो शर्मा गयी और बोली सर मैं जानती हूँ आप क्या करना चाहते हो | अनिल भी साला हरामी था उसने तुरंत सरिता को किस करना चालू कर दिया | सरिता एक दम से हर चीज़ के लिए तैयार हो गयी और उसने भी किस करना चालू कर दिया | जब तक दोनों गरम होते उतने में मेरा लंड भी खड़ा हो गया और मैंने उसे बहार निकाल लिया | अब अनिल ने उसके सारे कपडे उतार दिए थे और वो दोनों नंगे हो चुके थे | मैं भी गरम हो चुका था और अपना लंड मसल रहा था | अनिल ने उसके छोटे छोटे दूध पीना शुरू किया और उसके पूरे बदन को सहलाने लगा | अब उसने उसकी चूत पे अपनी राखी और हिलाने लगा वो बोली आअह्ह्ह्ह ऊम्म्म्मम्म्म्म सर आराम से मेरी चूत अभी भी सील पैक है |

अनिल ने कहा कोई बात नहीं आज मैं इसे खोल दूंगा और उसने इतना बोला और सरिता को पलंग पर पटक दिया | सब कुछ करने के बाद उसने कंडोम पहना और उसकी चूत पे लंड को सेट करके एक झटके में सारा अन्दर कर दिया | आआह्हह्हह्हह्ह आआह्हह्हह्हह्ह सर निकालो इसे बड़ा दर्द हो रहा है | उसने कहा चुप साली मेरे दोस्त को नौकरी से निकालेगी तू | और यह बोल कर उसने ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपना लंड अन्दर बाहर किया | वो चिल्ला रही थी पर अनिल कहा रुकने वाला था साला जानवर था | आह्हह्हह्हह्ह.. सर प्लीज धीरे धीरे करो मैं मर जाउंगी.. पर अनिल नहीं रुका और उसने और तेज़ी से सरिता को चोदना चालू कर दिया |

सरिता कि चूत से खून निकल रहा था पर अनिल उसे चोदे जा रहा था | अब सब कुछ ठीक हो गया था और सरिता ने भी चिल्लाना कम कर दिया था | अब उम्म्म्मम्म ऊऊउह जैसी आवाज़ें निकल रही थी | मैं भी अपना लंड सहला रहा था और अब मैं झड़ने वाला था | अनिल भी थक गया था और उसने भी अपना सारा माल निकाल दिया सरिता के मुंह में | हम दोनों लगभग एक ही टाइम पर झड़ गए थे और सरिता मस्त नंगी होक और चुदवाने को तैयार थी | अनिल अभी भी उसे चोदता है जब उसका मन करता है |