बदले में प्यार और बलात्कार

sex stories in hindi हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम महेश है और में महाराष्ट्र से हूँ। में अभी 30 साल का हूँ और यह उन दिनों की बात है जब में इंजिनियरिंग के फाइनल ईयर में था, तब में 22 साल का था। मेरे पड़ोस में ही एक फेमिली रहती थी, उसमें 4 लडकियां और दो लड़के और उनके मम्मी पापा रहते थे। उनकी बड़ी लड़की का नाम रचना था, वो 25 साल की थी, उसकी शादी हो चुकी थी। दूसरी का नाम माधवी था, वो 23 साल की थी और तीसरी का नाम निशा था, वो 20 साल की थी और चौथी का नाम पूजा था, वो 18 साल की थी और एक भाई मेरी हम उम्र का 21 साल का था और दूसरा छोटा यानि कोई साल 19 साल का होगा। यह कहानी 1990 की है। हमारे घर के बीच अच्छे रिश्ते होने के कारण सभी घुल-मिलकर बात और मज़ाक किया करते थे। अब उसमें निशा बहुत सुंदर होने के कारण हमारे बीच में बहुत बनती थी वो 12वी क्लास में थी यानि मुझसे चार साल छोटी, वो साइन्स की स्टूडेंट थी इसलिए कभी-कभी में उसे मेरा होमवर्क करवा लिया करता था और बदले में में उसे पढ़ा दिया करता था।
फिर यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और फिर हम दोनों ने आपस में प्यार का इज़हार कर दिया। अब हम होमवर्क के बहाने प्यार की बातें करने लगे थे। अब हम एक दूसरे को देखे बिना नहीं रह पाते थे। फिर एक दिन उनके नाना का पोस्ट से लेटर आया उसके पापा के नाम, आपकी सास यानि निशा की नानी बहुत बीमार है तो काम करने के लिए किसी एक बेटी को यहाँ भेज दो। अब बड़ी रचना की शादी हो गयी थी और दूसरी माधवी जाना नहीं चाहती थी और चौथी पूजा छोटी थी इसलिए जाना तो निशा को ही पड़ा। फिर हम बहुत रोए, लेकिन क्या करे? उनकी मजबूरी थी और फिर हम अलग हो गये। जब दीवाली के दिन थे।
फिर हम 1 महीने तक लेटर लिखकर अपने हालचाल पूछते रहे। अब उसके बाद में ही लेटर लिखता था और उसका कोई जवाब नहीं मिलता था। अब में बहुत परेशान सा रहने लगा था, मुझे पता नहीं था उसे वहाँ क्या हुआ? जो मेरे लेटर का जवाब नहीं दे रही थी। फिर कुछ 2 महीने के बाद वो वापस आई। अब में बहुत खुश हो गया था, अब में उससे मिलने के लिए उतावला हो गया था, लेकिन वो मुझसे दूर ही रहने लगी थी, तो मुझे और भी बहुत झटका लगा। फिर मैंने ये भी जानने की बहुत कोशिश की कि वो ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है? लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया। फिर मैंने यह जानने के लिए बहुत नाकाम कोशिश की, लेकिन मुझे कुछ पता नहीं चला। फिर मैंने देखा कि वो उसकी छोटी बहन पूजा के साथ सब कुछ शेयर करने लगी थी। तब मैंने ठान लिया अब में इसका बदला लूँगा और वो इसका बदला चुकाएगी।
उसकी बहन पूजा जो इस दौरान 10वीं क्लास में आ चुकी थी और में फाइनल कर चुका था। अब हमारे 2 साल गुजर चुके थे। फिर मैंने पूजा को एग्जॉम के टाईम मदद करने के लिए बोला। तो वो और उसके पापा मान गये। अब वो मेरे पास हर दिन 1-2 घंटे पढ़ती थी। फिर धीरे-धीरे मैंने उसे भी पटा लिया। अब वो मेरी दीवानी हो गयी थी। फिर पढ़ाई के बाद मैंने उससे निशा के बारे में पूछा। तब मुझे पता चला कि वो किसी प्रमोद नाम के उसके मामा के साले को प्यार करती थी, वो भी उसी वक़्त निशा के नाना के घर आया था और साथ रहने के कारण वो प्यार करने लगे थे। बस में यह जानकर बहुत रोया, लेकिन फिर अपना मन साफ किया और पूजा के पीछे लग गया। फिर 1 साल के बाद माधवी और निशा दोनों की एक साथ शादी हो गयी। अब उनके घर में उसके मम्मी, पापा, 2 भाभी और पूजा रह गयी थी। अब पूजा उस बीच मेरी इतनी दीवानी हो गयी कि मेरे बिना रह नहीं पाती थी।
फिर एग्जॉम के बाद उसने मेहंदी का कोर्स किया। अब 2 महीने में वो उसमें एक्सपर्ट होने लगी थी और शादी के ऑर्डर में जाने लगी थी। अब इसी बीच में उससे हर 7 दिन में बाहर मिलने जाता था। फिर हम 3 घंटे एक साथ रहते थे और वापस आ जाते थे। फिर एक दिन मैंने उससे कहा कि तुम मुझे क्या दे सकती हो? तो तब वो बोली कि में आपके लिए अपनी जान भी दूँगी, बोलो चाहिए। तब में बोला कि नहीं मुझे तेरी जान नहीं और कुछ चाहिए, तो तब वो बोली कि में पूरी आपकी हो गयी हूँ, आप जो चाहे वो बिना पूछे ले सकते हो। तब मैंने कहा कि ठीक है, हम होटल में जाएँगे। तब वो बोली कि जैसी आपकी मर्ज़ी। फिर तब मैंने कहा कि ठीक है अभी नहीं, हम 2 दिन के बाद होटल में जाएँगे ओके, तुम तैयार होकर आना। तो वो बोली कि ठीक है।
फिर 2 दिन के बाद वो अपने पापा को मेहन्दी का बड़ा ऑर्डर है देर हो जाएँगी अगर रात निकल जाए तो परेशान मत होना, में आ जाऊंगी कहकर घर से निकाल गयी। फिर हम एक अच्छी होटल में मिले, वो क्या खूब सज सवरकर आई थी? जैसे उसकी शादी हो, वो बहुत सुंदर लग रही थी, वो लहंगा चोली पहनकर आई थी। अब में उसको देखते ही मन ही मन में चोदने लगा था। अब में खुश हो गया था कि आज में निशा का पूरा बदला और भड़ास निकाल लूँगा। फिर मैंने उसे रूम में जाकर ही दबोच लिया और मेरी बाँहों में लेकर उठा लिया। अब उसका सीना मेरे सीने से सट सा गया था। अब मैंने उसको हवा भी ना निकल सके इतनी ज़ोर से दबा दिया था। तभी वो चिल्लाई आह माँ, आआ डार्लिंग छोड़ो मुझे, मेरा दम घुट रहा है, हाईईईईईईई, लेकिन मैंने फिर भी उसको नहीं छोड़ा। तो वो और चिल्लाई, फिर मैंने उसे छोड़ दिया। फिर उसके बाद मैंने उसको बेड पर सुला दिया और उसकी चुनरी हटा दी। अब वो अपनी चोली में थी। अब में उसे किस करने लगा था। अब वो अपनी आँखें बंद करके आनंद लेने लगी थी। फिर धीरे-धीरे मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया।

अब में भी पूरा नंगा हो गया था, वाउ वो क्या मस्त लग रही थी? छोटे-छोटे बूब्स, क्लीन शेव चूत, उसने आज ही अपनी पूरी चूत चिकनी की थी, वो भी चुदवाने के इरादे से ही आई थी, वाउ क्या गुलाबी, नर्म उभरी हुई चूत थी उसकी? अब मेरे मुँह में पानी आने लगा था। फिर में बदले की भावना में ज़ोर से उस पर गिरा तो वो चिल्ला उठी उईई माँ, ऐसे कोई छलाँग लगाता है क्या? तो तब मैंने कहा कि यह तो कुछ नहीं आगे-आगे देख होता है क्या? तो वो घबरा गयी और बोली कि तुम क्या करोगे? प्लीज कुछ मत करना। फिर तब मैंने कहा कि ठीक है, तूने मुझे सब कुछ देने का कहा है, तो वो इतने में डर गयी और बोली कि आपको जो चाहे वो ले लो, लेकिन जरा प्यार से लो, मुझे भी मज़ा दो। फिर मैंने उसके गाल पर ज़ोर से काटा, तो मेरे दांत के निशान हो गये। अब वो अपने गालों को पकड़कर सहलाने लगी थी। तब में उसके बूब्स पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और अपने दोनों हाथों से उसे ऐसे मसलने लगा कि उसकी आँखों से आसूं आने लगे थे।
अब वो आह माँ, में मर गयी, छोड़ दो मुझे, मैंने आपका क्या बिगाड़ा है? जो ऐसा कर रहे हो बोले जा रही थी। तब मैंने कहा कि तूने नहीं, लेकिन तेरी बड़ी बहन ने मेरा बहुत कुछ बिगाड़ा है, इसकी सज़ा तुझे मिलेगी। तब वो बोली कि मेरी बहन ने आपका क्या बिगाड़ा है? तो तब मैंने कहा कि मुझसे प्यार करके छोड़ दिया। फिर वो बोली कि इसमें मेरा क्या कसूर? में तो आपको जी जान से चाहती हूँ, में आपको कभी कही छोड़कर नहीं जाऊँगी। तब मैंने कहा कि लेकिन में तुझे नहीं चाहता हूँ, में सिर्फ़ बदला लेना चाहता हूँ। वो और ज़्यादा घबरा गयी और बोली कि नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते, में आपको सब कुछ दूँगी, लेकिन आप प्यार से लीजिए जो लेना है। तब में बोला कि चुप हो, बहुत बोल चुकी, बंद कर अपनी बकवास और अब सह तेरी बहन की बेवफ़ाई की सज़ा और फिर मैंने उसके लिप्स को मेरे लिप्स में लेकर ज़ोर से खींचा, काटा, लेकिन वो क्या करती? अब सब सह रही थी। अब में उसके लिप्स चाटता जा रहा था।
फिर 30 मिनट के बाद मैंने उसके होंठ छोड़े तो मैंने देखा कि उसके होंठ सूजकर फूल गये थे। फिर में उसके बूब्स को चाटने लगा और काटने लगा। तब वो सिसकारियां लेने लगी ऊहह आज मार ही डालोगे क्या? आआ मेरी जान निकल रही है, हाईईईईईई, लेकिन मैंने उस पर कुछ ध्यान नहीं दिया और लगा रहा। अब उसके आसूं रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर उसके बाद मैंने उसके पूरे बदन को चाटा और फिर उसकी चूत को चाटने लगा, तो तब उसे मज़ा आने लगा और वो आआहह, मजा आ रहा है, आह करती रही। तब मैंने बिना कहे ही ज़ोर से काट लिया, तो वो और जोर से चिल्लाई हाईईई, उईईई माँ, आआआ मार डाला, अब वो रोने लगी थी। फिर आधे घंटे तक उसकी चूत चाटने के बाद वो शांत हो गयी। फिर मैंने अपना 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड उसके मुँह पर रखा और उसे चाटने को कहा
तो वो मना करने लगी, तो मैंने जबरदस्ती की और फिर उसने मेरा लंड चाटना शुरू किया। फिर जैसे ही उसका थोड़ा मुँह खुला तो मैंने अपना लंड ज़ोर से उसके मुँह में डाल दिया। फिर वो आह, उूउऊहह करने लगी, लेकिन बाहर नहीं निकालने दिया। अब वो रोने लगी थी, अब उसे साँस लेने में तकलीफ़ होने लगी थी। तब मैंने उस पर थोड़ा रहम ख़ाकर अपना लंड बाहर निकाल लिया। अब वो अपना मुँह पकड़कर बैठ गयी थी और कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर में उसे सुलाकर उसके दोनों पैरो के बीच में आ गया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और अपने लंड को साफ करके उसकी चूत पर रखा। तब वो बोली कि पहली बार ले रही हूँ, प्लीज मुझ पर रहम खाओ और आहिस्ता करो। फिर मैंने उसकी एक नहीं सुनी और जोर से एक धक्का लगाया, लेकिन मेरा लंड फिसलकर बाहर हो गया था। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर टिकाया और थोड़ा सा दबाव देकर थोड़ा सा अंदर जाने दिया। वो मुझे पीछे करने लगी, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला।
अब में निशा को चोद रहा हूँ ऐसा सोचकर मैंने एक ऐसा करारा धक्का दिया तो मेरा 2 इंच लंड अंदर घुस गया। तभी वो जोर से चिल्लाई उूउउइईईईई माँ, हाईई, अब वो ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। फिर मैंने सब अनदेखा करके एक और जोर का झटका दिया, तो उसने उूउउइईईईईईईईई, हाईईईई, माँ करके खड़ा होना चाहा, लेकिन वो खड़ी नहीं पाई थी। अब वो एक बेबस पंछी की तरह फड़फडाने लगी थी। अब वो और ज़ोर से रो रही थी। अब मुझे भी दर्द हो रहा था, लेकिन में बदले की भावना में कुछ समझ ही नहीं पाया था कि मुझे क्या करना चाहिए? अब वो अभी शांत नहीं हुई थी। फिर मैंने अपना लंड थोड़ा बाहर निकालकर पहले दोनों झटके से दुगुना ज़ोर देकर एक धक्का लगाया। तब मैंने महसूस किया कि अंदर कुछ टूटा है। फिर मेरा पूरा लंड जैसे ही अंदर गया तो वो ज़ोर से चीखकर बेहोश हो गयी। फिर मुझे कुछ गर्म चीज महसूस हुई तो मैंने देखा तो उसकी चूत से बहुत सारा खून बह रहा था।
फिर में भी डर के मारे उसके ऊपर लेट गया। अब मेरे लंड में भी बहुत दर्द होने लगा था, उसकी चूत कोई 10 साल की बच्ची की तरह टाईट थी। अब उसके बेहोश होने के कारण मैंने मेरा लंड बाहर निकाल दिया था और उसे उठाने लगा था। अब मेरे लंड की टोपे की चाँदी सूज गयी थी और फिर वो थोड़ी देर के बाद ठीक हो गयी, लेकिन 1 घंटा होने के बाद भी ना तो पूजा होश में आई थी और नहीं उसकी चूत से खून बहना बंद हुआ था। फिर में उसे उठाकर बाथरूम में ले गया और शॉवर के नीचे नहलाया, तो वो 10 मिनट के बाद होश में आई। फिर वो मुझे देखकर धक्का देने लगी। फिर मैंने उसे उठाया और फिर से उसे बेड पर ले आया और फिर से उसको चोदने को तैयार हो गया। अब वो होश में थी, लेकिन वो कुछ कर सके ऐसी हालत में नहीं थी। फिर मैंने इस बार 2 धक्को में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब वो रो रही थी, लेकिन बोल नहीं पा रही थी। फिर ऐसे दनादन 20 मिनट तक चोदने के बाद वो मुझे अपनी बाँहों में भरने लगी और मज़ा लेने लगी थी।
अब उसे फिर भी दर्द हो रहा था, लेकिन अब वो अपना दर्द भूलकर मज़ा लेने लगी थी। तब रात के 8 बजे थे और फिर 9 बजे तक चुदाई चलती रही। फिर में उसे उठाकर बाथरूम में ले गया और खूब नहलाया। अब वो फ्री हो गयी थी, लेकिन अब वो चल नहीं पा रही थी। फिर मैंने उसको बेड पर सुलाकर खाने का आर्डर किया और खाना ख़ाकर फ्री हो गये। फिर हम दोनों ने बहुत सारी बात की। फिर मैंने उसे तैयार किया और उसकी चूत पर फिर से हमला कर दिया, तो उसकी चूत से फिर से खून निकल आया, लेकिन इस बार उसने भी बहुत इन्जॉय किया और अब वो भी खुश हो गयी थी। फिर ऐसे ही सुबह 6 बजे तक उसे 7 बार चोदा और उसकी चूत का भुर्ता बना दिया, भोसड़ा बना दिया था। फिर मैंने सुबह देखा तो उसकी चूत इतनी फुल गयी थी कि मानो कचौरी हो। अब वो हाथ भी नहीं लगा पा रही थी। फिर उसके बाद 2 घंटे आराम करके नहाकर हम अलग रास्ते से अपने घर पहुँच गये। फिर उसके बाद में उसे कई बार चोदता रहा, लेकिन बहुत प्यार से ।।
धन्यवाद

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