अन्तर्वासना बुझाई तरीके से

antarvasna, desi sex kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ममता है और में 28 साल की जोधपुर की रहने वाली एक हाउसवाइफ हूँ। मेरी एक 3 साल की छोटी बच्ची है। मेरे पति के पास हैडीक्राफ्ट का बिजनेस है, जिसमें वो दिन रात मस्त रहते है, उनके पास हमारे लिए टाईम नहीं है और वो नहीं मुझे सेक्स में मेरी भूख मिटा सकते है। वो पहले शादी के समय ठीक थे, मगर शराब और गलत संगत में पड़कर बहुत कमजोर हो गये है। अब उनका संभलना मुश्किल लगता है, जबकि में एक सुंदर जवान और बहुत ही सेक्सी लेडी हूँ, मेरी साईज़ 36-32-36 है और में हमेशा एक हार्डकोर सेक्स की चाहत रखती हूँ, मगर मेरे दिल की तमन्ना कभी पूरी नहीं होती थी। में चोदन डॉट कॉम की बहुत बड़ी फैन हूँ। में चाहती थी कि कोई जोधपुर का रहने वाला लड़का मिल जाए, जिससे में अपनी प्यास बुझा सकूँ।

फिर मुझे फेसबुक के जरिये एक लड़का मिला और में उसको फोन करने लगी थी। अब हम रोज घंटो बातें करने लगे थे, अब उसके साथ बात करना मुझे भी अच्छा लगने लगा था। फिर वो सेक्स की बातें करने लगा। अब जब वो सेक्सी बातें करता, तो मुझे कुछ कुछ होने लगता था। फिर हम रोल प्लेयिंग करने लगे और नेट पर ही सेक्स करते थे। फिर एक दिन मुझसे रहा नहीं गया तो तब मैंने उसको अपने घर बुला लिया, वो देखने में भी बहुत स्मार्ट और बोल्ड है। फिर वो मेरे करीब आया और फिर उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया। तो एक पल के लिए तो मेरी साँसे थम गयी कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है? लेकिन फिर दूसरे ही पल मुझे अच्छा लगने लगा था। जब उसके होंठ मेरे होंठो से जा मिले और फिर जब उसके हाथ मेरे बूब्स को दबाने लगे। तब मुझ पर नशा छाने लगा और अब में उसकी बाहों में सिमटने लगी थी। उसके हाथों में जादू सा लगने लगा था, जो अब मुझे पागल करने लगा था। तब मुझे लगा की यह आदमी मेरे लिए कमाल का काम करेगा। अब में भी उसका साथ देने लगी थी। अब में उसको अपनी बाहों में कसने लगी थी। अब उसके जादू भरे हाथ मेरे बदन पर फिरने लगे थे और मुझको बहाल करने लगे थे, पता नहीं उसमें क्या जादू था कि में बस बिखरती जा रही थी? अब मेरा मन कर रहा था कि बस वो मुझे फुक कर दे।

फिर जब वो अपने हाथ मेरे बदन के ऊपर से लेकर नीचे तक ले जाता तो बस मेरे मुँह से आहह, आअहह, उउउफफफ्फ की आवाज ही निकलती। फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए तो तब मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि कब में उसके सामने नंगी हो गयी? क्योंकि उसके हाथों और उसके होंठो के जादू में मानो में खो गयी थी। फिर थोड़ी देर तक तो मुझे पता ही नहीं चला कि वो मेरे बदन से अलग होकर मुझे नंगा देख रहा है। फिर जब में होश में आई तो तब मुझे पता चला तो तब मुझे बहुत शर्म आने लगी। फिर मैंने उसको पास आने को कहा तो वो नहीं आया। अब में उसकी पागल तो हो चुकी थी तो में ही नंगी उठकर उसको पकड़ने लगी। अब वो रूम में इधर उधर भागने लगा था, लेकिन उसने मुझे पागल कर दिया था, तो में भी नंगी ही उसको पकड़ने लगी थी। फिर जब वो मुझे अपनी बाहों में लेकर प्यार करने लगा तो तब में फिर से मदहोश होने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे होश आया तो तब मैंने पाया कि अब वो भी नंगा है, मुझे तब पता चला जब प्यार करते-करते उसने मेरा एक हाथ पकड़कर नीचे ले जाकर अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया था। तब एकदम से मुझे होश आया कि यह क्या है? अब उसको देखकर मुझे थोड़ा डर लगने लगा था कि में इसको कैसे लूँगी? लेकिन मुझे नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है? दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसने मुझे बेड पर लेटाकर मेरे पूरे बदन पर अपने होंठो का जादू डाल दिया और मेरी चूत को इस तरह सक किया कि में तो दो बार झड़ गयी थी। अब में उसके प्यार से पागल हो गयी थी। फिर जब मुझे थोड़ा होश आया तो तब में उसके लंबे गुदगुदे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी थी। फिर उसके लंड को देखकर मेरा मन उसे चूसने को किया और अब में बड़े ही प्यार से उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी, वाह क्या स्वाद था? उसका टोपा तो एकदम गुलाबी था। फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और फिर कब मैंने उसके लिए अपनी टांगे खोल दी मुझे पता ही नहीं चला था? फिर उसका मस्त लंबा और मोटा गर्मा गर्म लंड जब मेरी चूत पर लगा तो एक पल के लिए मुझे होश आया, लेकिन थोड़ी देर के बाद जब उसने अपने होंठ मेरे होंठो से मिलाकर मुझे फुक करने लगा। बस मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसका गर्म लंड मेरी चूत में समा गया था?

फिर जब वो मुझे फुक करने लगा तो तब मुझे पता चला कि कब उसका लंड मेरे अंदर चला गया? लेकिन मुझे पता ही नहीं चला था। अब उसके सेक्स स्टाईल ने मुझे इतना मस्त कर दिया कि मुझे दर्द का भी अहसास नहीं हुआ था। उसके होंठो और हाथों में आजीब सा जादू था, सच में ऐसा पार्टनर मिल जाए तो सेक्स का डर भी छू हो जाए। अब उस दिन के बाद से मेरा सेक्स से डर पूरा दूर हो गया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो फ्री हो गया। अब में हैरान थी कि इस बीच में 4 बार फ्री हो चुकी हूँ, लेकिन वो सिर्फ़ एक बार फ्री हुआ है।

फिर जब वो मुझसे अलग हुआ तो तब मैंने देखा कि उसका लंड मेरी चूत के खून में नाहया हुआ था। यह देखकर में डर गयी, लेकिन मुझे अच्छा लगा कि मुझे दर्द का एहसास नहीं हुआ था। फिर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर प्यार करना शुरू किया, सच में पता नहीं वो क्या जादूगर है? फिर उसने मुझे 3 बार और फुक किया। अब वो सिर्फ़ 3 बार ही फ्री हुआ था, लेकिन में ना जाने कितनी बार फ्री हो चुकी थी? फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों नहा धोकर बैठ गये और फिर थोड़ी देर के बाद वो चला गया। अब आज भी जब भी मुझे कोई मौका मिलता है तो में उसको बुला लेती हूँ और सेक्स का मज़ा लूटती हूँ, सच में वो इतने प्यार से सेक्स करता है कि मुझे पता ही नहीं चलता, बस में खुद को स्वर्ग में पाती हूँ। फिर उसके चले जाने के बाद भी उसके हाथों और उसके होंठो का जादू मेरे बदन पर छाया रहता है। अब हम दोनों रोज फोन पर सेक्स करते है, उसकी बातें सुन-सुनकर ही में फ्री हो जाती हूँ और उसको रियल में करने के लिए बेताब करती हूँ। फिर हमें जब भी कोई मौका मिलता है तो हमें रियल में करने में खूब मज़ा आता है। उसके कारण आज में हर पल खुश रहती हूँ और एक बच्चे की माँ भी हूँ ।।

धन्यवाद …

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